Chhindwara: चोरी की कोशिश या साजिश? तानसी खदान में नकाबपोश बदमाशों का हमला, गार्डों पर बरसाए पत्थर-डंडे
छिंदवाड़ा जिले के दमुआ थाना क्षेत्र स्थित तानसी खदान में देर रात चोरी की नीयत से घुसे 4 से 5 नकाबपोश बदमाशों और सुरक्षा गार्डों के बीच हिंसक संघर्ष हो गया। संदिग्ध गतिविधियां देखकर गार्डों ने जब बदमाशों को रोकने की कोशिश की तो उन्होंने पत्थरों और डंडों से हमला कर दिया।
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छिंदवाड़ा जिले के दमुआ थाना क्षेत्र स्थित तानसी खदान में बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात उस समय सनसनी फैल गई, जब चोरी की नीयत से खदान परिसर में घुसे 4 से 5 नकाबपोश बदमाशों का सामना सुरक्षा गार्डों से हो गया। खुद को घिरता देख बदमाशों ने सुरक्षा कर्मियों पर पत्थरों और डंडों से हमला कर दिया। इस हमले में एक गार्ड गंभीर रूप से घायल हो गया। हालात बिगड़ते देख सुरक्षा कर्मियों को आत्मरक्षा में शासकीय राइफल से दो हवाई फायर करने पड़े। फायरिंग के बाद आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए।
संदिग्ध गतिविधि देखकर सतर्क हुए सुरक्षा गार्ड
जानकारी के अनुसार, तानसी खदान में तैनात सुरक्षा गार्ड रात के समय नियमित गश्त कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें खदान परिसर के भीतर कुछ लोगों की संदिग्ध गतिविधियां दिखाई दीं। गार्ड जब मौके पर पहुंचे और संदिग्धों को रोकने का प्रयास किया, तो उन्होंने भागने के बजाय हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि आरोपियों ने पहले पत्थर फेंककर गार्डों को निशाना बनाया और फिर डंडों से हमला शुरू कर दिया। अचानक हुए हमले से खदान परिसर में अफरा-तफरी मच गई।
हमले में एक गार्ड गंभीर घायल
बदमाशों के हमले में एक सुरक्षा गार्ड गंभीर रूप से घायल हो गया। उसके सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें आई हैं। घायल गार्ड को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। घटना के दौरान अन्य सुरक्षा कर्मियों ने भी खुद को बचाने और हमलावरों को रोकने की कोशिश की। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक सभी बदमाशों ने अपने चेहरे कपड़ों से ढंके हुए थे, जिससे उनकी पहचान नहीं हो सकी।
राइफल छीनने की भी की कोशिश
घटना का सबसे गंभीर पहलू यह रहा कि बदमाशों ने सुरक्षा गार्डों के पास मौजूद शासकीय राइफल छीनने का भी प्रयास किया। यदि आरोपी हथियार छीनने में सफल हो जाते तो स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती थी। हालांकि सुरक्षा कर्मियों ने बहादुरी दिखाते हुए राइफल को सुरक्षित रखा और आरोपियों की कोशिश को नाकाम कर दिया।
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दो हवाई फायर के बाद भागे आरोपी
जब बदमाश लगातार हमला करते रहे और स्थिति नियंत्रण से बाहर होती दिखाई दी, तब सुरक्षा गार्डों ने आत्मरक्षा के लिए शासकीय राइफल से दो हवाई फायर किए। रात के सन्नाटे में गोलियों की आवाज दूर-दूर तक सुनाई दी। फायरिंग की आवाज सुनते ही आरोपी घबरा गए और मौके से भाग निकले। स्थानीय लोगों के अनुसार, अचानक हुई फायरिंग से आसपास के क्षेत्रों में भी दहशत फैल गई। कई लोग अपने घरों से बाहर निकल आए और घटना की जानकारी लेने लगे।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस
घटना की सूचना मिलते ही दमुआ थाना पुलिस तत्काल खदान परिसर पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और सुरक्षा कर्मियों से पूछताछ की। मौके से मिले सुरागों के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। आसपास के इलाकों में सर्चिंग अभियान भी चलाया गया, लेकिन देर रात तक बदमाशों का कोई सुराग नहीं मिल सका।
सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस
जांच के दौरान पुलिस ने खदान परिसर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज अपने कब्जे में ले ली है। फुटेज के जरिए संदिग्धों की गतिविधियों और उनके आने-जाने के रास्तों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि सीसीटीवी फुटेज से आरोपियों की पहचान करने में मदद मिलेगी।
थाना प्रभारी बोले- जल्द होगी गिरफ्तारी
दमुआ थाना प्रभारी प्रमोद सिरसाम ने बताया कि खदान परिसर में सुरक्षा गार्डों और अज्ञात बदमाशों के बीच संघर्ष हुआ था। घटना में एक सुरक्षा कर्मी घायल हुआ है। उन्होंने बताया कि पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है। सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना के बाद खदान क्षेत्रों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि सुरक्षा इंतजाम मजबूत नहीं किए गए तो भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा हो सकती हैं। प्रशासन और पुलिस ने भी सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने के संकेत दिए हैं।
आरोपियों की गिरफ्तारी का इंतजार
खदान में हुई इस वारदात के बाद पूरे इलाके में चर्चा का माहौल है। लोग यह जानना चाहते हैं कि आखिर सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद बदमाश खदान परिसर तक कैसे पहुंच गए। फिलहाल पुलिस जांच जारी है और सभी की नजरें आरोपियों की गिरफ्तारी तथा मामले के खुलासे पर टिकी हुई हैं।
