{"_id":"691a8a19bc2f79bdd60352bc","slug":"major-accident-in-closed-coal-mine-in-iklhara-rock-collapses-during-illegal-excavation-5-labourers-trapped-four-critical-chhindwara-news-c-1-1-noi1218-3638261-2025-11-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chhindwara News: बंद कोयला खदान में अवैध उत्खनन के दौरान चट्टान ढही, मलबे में 5 मजदूर दबे, चार की हालत गंभीर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chhindwara News: बंद कोयला खदान में अवैध उत्खनन के दौरान चट्टान ढही, मलबे में 5 मजदूर दबे, चार की हालत गंभीर
Mon, 17 Nov 2025 09:20 AM IST
छिंदवाड़ा ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छिंदवाड़ा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छिंदवाड़ा
Published by: छिंदवाड़ा ब्यूरो
Updated Mon, 17 Nov 2025 09:20 AM IST
सार
बंद पड़ी कोयले की खदान में देर रात अवैध उत्खनन के दौरान पहाड़ी चट्टान ढहने से 5 मजदूर मलबे के नीचे दब गए, जिनमें से चार की हालत नाजुक बताई जा रही है।
विज्ञापन
अस्पताल में घायल महिला
विस्तार
वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड के पेंच क्षेत्र में स्थित इकलहरा की बंद ओपन कास्ट खदान रविवार-सोमवार की दरमियानी रात फिर अवैध उत्खनन का शिकार बनी। देर रात करीब 3 बजे अवैध रूप से कोयला निकाल रहे करीब 15 लोगों के समूह पर अचानक पहाड़ी चट्टान ढह गई। हादसे में 5 लोग मलबे में दब गए, जबकि अन्य साथी जान जोखिम में डालकर उन्हें बाहर निकालते रहे।
विज्ञापन
घटना के बाद साथियों ने ही पत्थर हटाकर घायलों को बाहर निकाला और छिंदवाड़ा जिला अस्पताल पहुंचाया। घायलों में रिजवान खान (28) को अत्यंत गंभीर स्थिति के चलते नागपुर मेडिकल कॉलेज रैफर किया गया है। जबकि कुनाल कोचे (23), शादाब खान (32) और साईना कुरैशी (25) का जिला अस्पताल में इलाज जारी है और इनकी हालत भी गंभीर बताई जा रही है। खदान की गहराई और रात के समय ने बचाव कार्य को और कठिन बना दिया था, जिसके चलते ये स्थिति बनी।
विज्ञापन
इकलहरा की यह खदान, जिसे बड़कुही ओपन कास्ट के नाम से जाना जाता है, बरसों से उत्पादन बंद होने के बाद कोयला माफिया की अवैध गतिविधियों का केंद्र बनी हुई है। यहां रात के समय मजदूरों से चोरी-छुपे खुदाई कराई जाती है। सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह नदारद है। कमजोर चट्टानें कभी भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायतों के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें: Baba Bageshwar: बांके बिहारी मिलन के साथ बाबा बागेश्वर की पदयात्रा संपन्न, बोले- विचारों की यात्रा जारी रहेगी
हादसे की खबर मिलते ही परासिया एसडीएम और तहसीलदार रविवार शाम करीब 5 बजे घटनास्थल पर पहुंचे और पूरी स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने खदान में फैले अवैध उत्खनन को गंभीर मुद्दा बताते हुए आवश्यक कार्रवाई के संकेत दिए।
पुलिस टीम ने छिंदवाड़ा अस्पताल पहुंचकर घायलों के बयान लेने शुरू कर दिए हैं। अवैध खनन गैंग और इसकी व्यवस्थाओं को लेकर पुलिस उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट भेज रही है। यह हादसा एक बार फिर साबित करता है कि जिले की बंद खदानों में अवैध उत्खनन किस तरह स्थानीय मजदूरों की जान को जोखिम में डाल रहा है।
