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Chhindwara News: छिंदवाड़ा में जल संकट को देखते हुए बोर खनन पर प्रतिबंध, 15 जून तक रहेगा लागू
Fri, 04 Apr 2025 07:02 PM IST
छिंदवाड़ा ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छिंदवाड़ा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छिंदवाड़ा
Published by: छिंदवाड़ा ब्यूरो
Updated Fri, 04 Apr 2025 07:02 PM IST
सार
इस प्रतिबंध के तहत अब कोई भी व्यक्ति या संस्था बिना सक्षम प्राधिकरण की अनुमति के नया नलकूप (बोरवेल) नहीं खोद सकेगी, चाहे वह पेयजल के लिए हो या किसी अन्य उपयोग के लिए।
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बोर खनन करने वाली मशीनें।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
गर्मी के दिनों में संभावित जल संकट से निपटने के लिए छिंदवाड़ा जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। जिला कलेक्टर शीलेन्द्र सिंह ने शुक्रवार को आदेश जारी करते हुए जिले में 15 जून 2025 या मानसून के आगमन तक बोर खनन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है। जारी आदेश के अनुसार, इस अवधि के दौरान छिंदवाड़ा जिले को जलाभाव ग्रस्त क्षेत्र घोषित किया गया है। इस प्रतिबंध के तहत अब कोई भी व्यक्ति या संस्था बिना सक्षम प्राधिकरण की अनुमति के नया नलकूप (बोरवेल) नहीं खोद सकेगी, चाहे वह पेयजल के लिए हो या किसी अन्य उपयोग के लिए।
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यह निर्णय मध्यप्रदेश पेयजल परीक्षण अधिनियम 1986 की धारा 3 के तहत लिया गया है। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि प्रतिबंध का उद्देश्य जिले में गिरते जलस्तर को नियंत्रित करना और आमजन को गर्मी के दिनों में पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराना है।
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जनसुविधा को ध्यान में रखते हुए, कुछ विशेष परिस्थितियों में बोर खनन की अनुमति दी जा सकेगी। इसके लिए एडीएम छिंदवाड़ा को अधिकृत अधिकारी नियुक्त किया गया है, जो संबंधित क्षेत्र के लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, नगरीय निकाय या तहसील से रिपोर्ट प्राप्त कर नियमानुसार निर्णय लेंगे। प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे जल संरक्षण में सहयोग करें और बिना अनुमति कोई भी बोरवेल खनन न करें। आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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यह निर्णय मध्यप्रदेश पेयजल परीक्षण अधिनियम 1986 की धारा 3 के तहत लिया गया है। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि प्रतिबंध का उद्देश्य जिले में गिरते जलस्तर को नियंत्रित करना और आमजन को गर्मी के दिनों में पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराना है।
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जनसुविधा को ध्यान में रखते हुए, कुछ विशेष परिस्थितियों में बोर खनन की अनुमति दी जा सकेगी। इसके लिए एडीएम छिंदवाड़ा को अधिकृत अधिकारी नियुक्त किया गया है, जो संबंधित क्षेत्र के लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, नगरीय निकाय या तहसील से रिपोर्ट प्राप्त कर नियमानुसार निर्णय लेंगे। प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे जल संरक्षण में सहयोग करें और बिना अनुमति कोई भी बोरवेल खनन न करें। आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
