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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Chhindwara News: Action will be taken against SDOP who sent father and son to jail after declaring minor dead

Chhindwara News: नाबालिग को मृत बताकर पिता-पुत्र को जेल भेजने वाले एसडीओपी पर होगी कार्रवाई, कोर्ट ने दिए आदेश

Wed, 24 Jan 2024 04:28 PM IST
दिनेश शर्मा अमर उजाला, न्यूज डेस्क, छिंदवाड़ा
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, छिंदवाड़ा Published by: दिनेश शर्मा Updated Wed, 24 Jan 2024 04:28 PM IST
सार

छिंदवाड़ा के नाबालिग हत्याकांड में नया मोड़ आ गया है। कोर्ट ने पिता-पुत्र को बरी करते हुए जांच करने वाले पुलिस अधिकारी को दोषी माना है। आईजी को उन पर कार्रवाई के आदेश भी दिए हैं। 

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Chhindwara News: Action will be taken against SDOP who sent father and son to jail after declaring minor dead
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा में लापता नाबालिग को मृत बताने और उसके कत्ल के आरोप में नाबालिग के ही पिता-भाई को जेल भेजने वाले एसडीओपी पर अब कार्रवाई होगी। कोर्ट ने एसडीओपी को दोषी माना है और आईजी को विभागीय कार्रवाई करने का आदेश दिया है।  
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बता दें कि मामला छिंदवाड़ा के अमरवाड़ा थाना क्षेत्र के जोपनाला गांव का है। सिंगोड़ी चौकी के ग्राम जोपनाला में लापता नाबालिग की हत्या के मामले में अमरवाड़ा की अदालत ने मंगलवार को अहम फैसला सुनाया। न्यायालय ने मामले की जांच करने वाले तात्कालिक एसडीओपी संतोष डेहरिया को दोषी ठहराया है, वही न्यायालय ने विशेष आदेश में संबंधित एसडीओपी पर विभागीय कार्रवाई करने का आदेश दिया है। तत्कालीन अमरवाड़ा एसडीओपी के खिलाफ झूठा प्रकरण दर्ज करने के तहत अनुशासनात्तक कार्रवाई करने आईजी को निर्देश दिए हैं। पुलिस द्वारा आरोपी बनाए गए पिता-पुत्र को बरी कर दिया है।  
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क्या है पूरा मामला
जोपनाला निवासी कंचन उईके 13 जून 2014 को लापता हो गई थी। परिजनों ने बेटी के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने मामले की जांच में पाया कि उसके पिता और भाई ने उसे प्रेम प्रसंग के चलते मारकर दफना दिया है। पुलिस ने मामले में उसके पिता और भाई को हत्या का आरोपी बनाकर जेल भेज दिया था। दो साल बाद कंचन अचानक लौटकर आ गई पिता और भाई को रिहा करने की गुहार लगाई। जिसके बाद हड़कंप मच गया और तत्काल पुलिस पर सवालिया निशान लग गया। अधिवक्ता सुबोध श्रीवास्तव ने बताया कि मंगलवार को अपर सत्र न्यायाधीश अमरवाड़ा ने आरोपी सन्नू और सोनू को बरी करते हुए तत्कालीन जांच अधिकारी अमरवाड़ा एसडीओपी संतोष डेहरिया पर कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
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जब्त किया कंकाल किसका? 
सारे मामले में अब पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठने लगे हैं। न्यायालय के आदेश के बाद अब यही प्रश्न उठ रहा है कि जो पुलिस ने कंकाल जब्त किया था आखिर वह किसका है। अब इस मामले की जांच आगे बढ़ सकती है। 
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