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Chhindwara: जमीन विवाद में हत्या करने वाले पिता-पुत्र को आजीवन कारावास, तीन साल पुराना मामला
Wed, 13 Dec 2023 04:53 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छिंदवाड़ा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छिंदवाड़ा
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Wed, 13 Dec 2023 04:53 PM IST
सार
जमीन विवाद में हत्या करने वाले दो लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। साथ ही बीस हजार रुपये प्रतिकर राशि देने के आदेश दिए हैं।
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Jail demo
- फोटो : फाइल फोटो
विस्तार
मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा में तीन साल पुराने हत्याकांड को लेकर पिता-पुत्र को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। मामला तीन साल पुराना है। पिता-पुत्र ने जमीन विवाद में एक व्यक्ति की हत्या कर दी थी।
अपर लोक अभियोजक मनीष नेमा ने बताया कि अक्टूबर 2020 को पुलिस चौकी सिंगोड़ी थाना अमरवाड़ा के ग्राम राहीवाड़ा में घटना हुई थी। आरोपीगण राजू मालवी एवं उसका पुत्र हेमंत मालवी ने मिलकर बलराज मालवी की अपनी जमीनी विवाद को लेकर हत्या की थी। इसके बाद पुलिस चौकी सिंगोड़ी ने राजू मालवी एवं हेमंत मालवी के विरुद्ध बलराज मालवीय की हत्या को लेकर मामला पंजीबद्ध किया गया था। बलराज की पत्नी राजकुमारी तथा उसका एकमात्र पुत्र श्रीकांत मालवी घटना के समय पर उपस्थित थे। साथ ही ट्रैक्टर चालक गजेंद्र विश्वकर्मा भी साक्षी थे। सभी के बयानों के आधार पर कोर्ट ने दोनों आरोपियों को दोषी करार दिया। अपर सत्र न्यायाधीश राकेश कुमार सोनी ने दोनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही पीड़ित पक्ष को 20,000 की प्रतिकर राशि दिए जाने का निर्णय भी न्यायालय द्वारा पारित किया गया। शासन की ओर से प्रकरण में पैरवी अपर लोक अभियोजक मनीष नेमा ने की।
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अपर लोक अभियोजक मनीष नेमा ने बताया कि अक्टूबर 2020 को पुलिस चौकी सिंगोड़ी थाना अमरवाड़ा के ग्राम राहीवाड़ा में घटना हुई थी। आरोपीगण राजू मालवी एवं उसका पुत्र हेमंत मालवी ने मिलकर बलराज मालवी की अपनी जमीनी विवाद को लेकर हत्या की थी। इसके बाद पुलिस चौकी सिंगोड़ी ने राजू मालवी एवं हेमंत मालवी के विरुद्ध बलराज मालवीय की हत्या को लेकर मामला पंजीबद्ध किया गया था। बलराज की पत्नी राजकुमारी तथा उसका एकमात्र पुत्र श्रीकांत मालवी घटना के समय पर उपस्थित थे। साथ ही ट्रैक्टर चालक गजेंद्र विश्वकर्मा भी साक्षी थे। सभी के बयानों के आधार पर कोर्ट ने दोनों आरोपियों को दोषी करार दिया। अपर सत्र न्यायाधीश राकेश कुमार सोनी ने दोनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही पीड़ित पक्ष को 20,000 की प्रतिकर राशि दिए जाने का निर्णय भी न्यायालय द्वारा पारित किया गया। शासन की ओर से प्रकरण में पैरवी अपर लोक अभियोजक मनीष नेमा ने की।
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