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Kaal Bhairav Jayanti 2022: धूमधाम से मनाई जा रही भैरव अष्टमी, हवन पूजन के साथ लगे 56 भोग
Wed, 16 Nov 2022 01:00 PM IST
अंकिता विश्वकर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुर
Published by: अंकिता विश्वकर्मा
Updated Wed, 16 Nov 2022 01:00 PM IST
सार
छतरपुर जिले में स्थित प्राचीन भैरव मंदिर में बाबा काल भैरव की जयंती धूमधाम से मनाई जा रही है। बाबा की पूजा के बाद 56 भोग अर्पित किए गए।
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काल भैरव को लगाए गए 56 भोग
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
देशभर में आज धूमधाम से काल भैरव जयंती मनाई जा रही है। मार्गशीर्ष मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को हर साल कालभैरव जयंती के रूप में मनाया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन भगवान काल भैरव का अवतरण हुआ था। छतरपुर शहर के बस स्टैण्ड पर स्थित प्राचीन भैरव बाबा मंदिर में बड़े ही धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ भैरव अष्टमी 16 नवम्बर को मनाई जा रही है।
जिले के प्राचीन मंदिर में बुधवार को सुबह 10 बजे सर्वप्रथम गणेश पूजन किया गया। इसके बाद स्थानीय देवताओं का पूजन किया गया। 11 बजे भैरव बाबा का शोडसउपचार पूजन एवं 12 बजे हवन-पूजन किया गया। इसके बाद बाबा काल भैरव को 56 भोग लगाए गए। भैरव अष्टमी के मौके पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंच रहे हैं।
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जिले के प्राचीन मंदिर में बुधवार को सुबह 10 बजे सर्वप्रथम गणेश पूजन किया गया। इसके बाद स्थानीय देवताओं का पूजन किया गया। 11 बजे भैरव बाबा का शोडसउपचार पूजन एवं 12 बजे हवन-पूजन किया गया। इसके बाद बाबा काल भैरव को 56 भोग लगाए गए। भैरव अष्टमी के मौके पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंच रहे हैं।
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