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Chhatarpur: ससुराल से पहले पेपर देने पहुंची दुल्हन, पति ने भी इंतजार कर दिलाई परीक्षा

Fri, 17 Feb 2023 08:35 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुर Published by: दिनेश शर्मा Updated Fri, 17 Feb 2023 08:35 PM IST
सार

महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में एक दुल्हन विदाई के बाद ससुराल जाने से पहले शादी के जोड़े में विश्वविद्यालय परीक्षा देने पहुंची। इस निर्णय में दूल्हे ने भी साथ दिया और परीक्षा से लौटने के बाद ही दुल्हन की विदाई कराई।

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Chhatarpur: The bride arrived before her in-laws' house to give the paper
शादी के बाद परीक्षा देने पहुंची दुल्हन। - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

मध्यप्रदेश के छतरपुर से अच्छी खबर सामने आई है। शादी के रिवाज युवती की परीक्षा में बाधक नहीं बने। महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में एक दुल्हन विदाई के बाद ससुराल जाने से पहले शादी के जोड़े में विश्वविद्यालय परीक्षा देने पहुंची। इस निर्णय में दूल्हे ने भी साथ दिया और परीक्षा से लौटने के बाद ही दुल्हन की विदाई कराई।
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जानकारी के मुताबिक उत्तरप्रदेश के महोबा जिले के ग्राम ननौरा की रहने वाली ऋतु नायक महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय से बीएड की पढ़ाई कर रही हैं। गुरुवार को ऋतु का पेपर था और एक दिन पूर्व यानी बुधवार को ऋतु की शादी थी। ऋतु का विवाह छतरपुर जिले के ग्राम बंधीकला निवासी आशीष तिवारी के साथ हुआ है। गुरुवार को विदाई के बाद ऋतु ससुराल जाने से पहले शादी के जोड़े में विश्वविद्यालय परीक्षा देने पहुंची। परीक्षा समाप्त होने के बाद ऋतु अपने पति आशीष के साथ कॉलेज से ससुराल के लिए रवाना हुई। 
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दूल्हे के जीजा कृष्णकांत ने बताया कि मेरे सालेसाहब आशीष तिवारी की शादी ऋतु नायक के साथ हुई है। हम ऋतु को बीएड का पेपर दिलाने आए थे। हमने दुल्हन की विदाई कराई पर इतना समय नहीं था कि घर जा सकें इसलिए पहले पेपर दिलाने का निर्णय लिया था। पेपर महत्वपूर्ण है। हमारा परिवार शिक्षित परिवार है, और हम शिक्षा का महत्व समझते हैं। कोई रिवाज शिक्षा की बाधा नहीं बने, ऐसा हम सोचते हैं। पेपर दिलाकर घर पहुंचेंगे और सारे रिवाज कर लेंगे। 
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तीन दिन पहले भी आया था ऐसा ही मामला
छतरपुर में ही तीन दिन पहले भी ऐसा एक मामला सामने आया था। पन्ना जिले की रीता अहिरवार अपनी विदाई के बाद सीधे महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में बीएड का पेपर देने पहुंची थी। दूल्हा अपने भाई के साथ विश्वविद्यालय के बाहर रीता का इंतजार करते रहे। रीता का कहना है कि अपना पेपर छोड़ देती तो उसका एक साल खराब हो जाता।
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