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Chhatarpur News: मासूम की मौत के बाद परिवार को नहीं मिला शव वाहन, सिविल सर्जन ने कराई एंबुलेंस की व्यवस्था
Sat, 01 Jul 2023 08:56 AM IST
अंकिता विश्वकर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुर
Published by: अंकिता विश्वकर्मा
Updated Sat, 01 Jul 2023 08:56 AM IST
सार
Madhya Pradesh Chhatarpur News : जिला अस्पताल में एक छह वर्षीय बच्चे की मौत के बाद परिजनों को शव लेकर जाने के लिए शव वाहन तक नसीब नहीं हुआ। मामला संज्ञान में आने के बाद सिविल सर्जन ने एंबुलेंस की व्यवस्था कराई।
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बच्चे के शव के साथ परिजन
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
छतरपुर जिला अस्पताल में एक बार फिर से अव्यवस्थाओं का मामला सामने आया है। एक छह वर्षीय बालक की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई, जिसके बाद परिजनों को उसका शव ले जाने के लिए वाहन नहीं मिला। परिजन बच्चे के शव को लेकर जमीन पर बैठे रोते-बिलखते रहे। हालांकि बाद में सिविल सर्जन ने मामले को संज्ञान में लेकर स्वयं वाहन की व्यवस्था कराई।
जानकारी के मुताबिक बिजावर क्षेत्र के ग्राम पलगुवां निवासी आदिवासी परिवार के छह वर्षीय बच्चे की फूड प्वाइजनिंग के कारण हालत बिगड़ गई थी। परिजन उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल लाए थे, लेकिन अस्पताल में इलाज के दौरान बच्चे की मौत हो गई। परिजनों का आरोप था कि अस्पताल में बच्चे का ठीक ढंग से इलाज नहीं किया गया। बच्चे की मौत के बाद परिवार को बच्चे का शव ले जाने के लिए वाहन भी नहीं मिला। परिवार के सदस्य बच्चे का शव जमीन पर रखकर बिलख रहे थे। काफी देर तक परिवार परेशान होता रहा। इसके बाद जब सिविल सर्जन डॉ.जीएल अहिरवार को इस बारे में जानकारी मिली तो, उन्होंने तत्काल मामले को संज्ञान में लेकर वाहन की व्यवस्था कराई, जिसकी मदद से परिवार के लोग शव लेकर अपने गांव चले गए।
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जानकारी के मुताबिक बिजावर क्षेत्र के ग्राम पलगुवां निवासी आदिवासी परिवार के छह वर्षीय बच्चे की फूड प्वाइजनिंग के कारण हालत बिगड़ गई थी। परिजन उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल लाए थे, लेकिन अस्पताल में इलाज के दौरान बच्चे की मौत हो गई। परिजनों का आरोप था कि अस्पताल में बच्चे का ठीक ढंग से इलाज नहीं किया गया। बच्चे की मौत के बाद परिवार को बच्चे का शव ले जाने के लिए वाहन भी नहीं मिला। परिवार के सदस्य बच्चे का शव जमीन पर रखकर बिलख रहे थे। काफी देर तक परिवार परेशान होता रहा। इसके बाद जब सिविल सर्जन डॉ.जीएल अहिरवार को इस बारे में जानकारी मिली तो, उन्होंने तत्काल मामले को संज्ञान में लेकर वाहन की व्यवस्था कराई, जिसकी मदद से परिवार के लोग शव लेकर अपने गांव चले गए।
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