{"_id":"6270be1a1f37154606081bb1","slug":"chhatarpur-life-imprisonment-for-molesting-minors-raped-girls-on-the-pretext-of-leaving-home","type":"story","status":"publish","title_hn":"छतरपुर: नाबालिगों से दुराचार के दोषी को आजीवन कारावास, बच्चियों को घर छोड़ने के बहाने किया था रेप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छतरपुर: नाबालिगों से दुराचार के दोषी को आजीवन कारावास, बच्चियों को घर छोड़ने के बहाने किया था रेप
Tue, 03 May 2022 11:01 AM IST
अंकिता विश्वकर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुर
Published by: अंकिता विश्वकर्मा
Updated Tue, 03 May 2022 11:01 AM IST
सार
छतरपुर जिला कोर्ट ने नाबालिग बच्चियों से रेप के आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
विज्ञापन
जिला एवं सत्र न्यायालय छतरपुर।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
छतरपुर में दो मासूम बच्चियों से रेप करने वाले दोषी को जिला न्यायालय ने अंतिम सांस तक कारावास की सजा सुनाई है। प्रकाश बम्होरी थाना अंतर्गत पीड़िता (उम्र 7 साल) की मां ने 13 अप्रैल 2021 को थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार महिला की सात साल की बेटी और उसकी जेठानी की 10 वर्षीय बेटी मंदिर में आयोजित कन्या भोज के लिए गई थीं। बच्चियों ने घर आकर अपने साथ गलत काम होने की जानकारी परिजनों तो दी थी।
आरोपी रफीक मुसलमान निवासी बदौरा नाबालिग बच्चियों को घर छोड़ने की बात कहकर उन्हें अपने साथ तालाब की तरफ ले गया और उन दोनों के साथ गलत काम किया थ। दुराचार के बाद आरोपी रफीक ने बच्चियों को तीस रुपये देकर घटना के बारे में किसी को जानकारी न देने की बात कही थी।
पीड़िता की मां की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ त्वरित कार्रवाई करते हुए धारा 363, 376 आईपीसी एवं 5/6 पॉक्सो एक्ट का मामला दर्ज किया था। घटना की गंभीरता को देखते हुए SP सचिन शर्मा ने तत्काल टीम गठित कर आरोपी को मात्र 5 घंटे के अंदर धर दबोचा था। टीम द्वारा प्रकरण की सही एवं वैज्ञानिक साक्ष्यों का संकलन करते हुए विवेचना की गई एवं आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजा। पुलिस ने इस मामले को जघन्य एवं सनसनी खेज मामले में चिंहित किया।
विज्ञापन
अभियोजन पक्ष की ओर से DPO प्रवेश अहिरवार ने मामले में पैरवी करते हुए सभी सबूत और गवाह कोर्ट में पेश कर आरोपी को कठोर सजा देने की दलील रखी थी। विशेष न्यायाधीश राजेश कुमार अग्रवाल की अदालत ने फैसला सुनाया। कोर्ट ने आरोपी रफीक को दोषी ठहराते हुए उसे अंतिम सांस तक जेल में रहने और 8 हजार रुपये के जुर्माना की सजा सुनाई।
विज्ञापन
आरोपी रफीक मुसलमान निवासी बदौरा नाबालिग बच्चियों को घर छोड़ने की बात कहकर उन्हें अपने साथ तालाब की तरफ ले गया और उन दोनों के साथ गलत काम किया थ। दुराचार के बाद आरोपी रफीक ने बच्चियों को तीस रुपये देकर घटना के बारे में किसी को जानकारी न देने की बात कही थी।
विज्ञापन
पीड़िता की मां की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ त्वरित कार्रवाई करते हुए धारा 363, 376 आईपीसी एवं 5/6 पॉक्सो एक्ट का मामला दर्ज किया था। घटना की गंभीरता को देखते हुए SP सचिन शर्मा ने तत्काल टीम गठित कर आरोपी को मात्र 5 घंटे के अंदर धर दबोचा था। टीम द्वारा प्रकरण की सही एवं वैज्ञानिक साक्ष्यों का संकलन करते हुए विवेचना की गई एवं आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजा। पुलिस ने इस मामले को जघन्य एवं सनसनी खेज मामले में चिंहित किया।
विज्ञापन
अभियोजन पक्ष की ओर से DPO प्रवेश अहिरवार ने मामले में पैरवी करते हुए सभी सबूत और गवाह कोर्ट में पेश कर आरोपी को कठोर सजा देने की दलील रखी थी। विशेष न्यायाधीश राजेश कुमार अग्रवाल की अदालत ने फैसला सुनाया। कोर्ट ने आरोपी रफीक को दोषी ठहराते हुए उसे अंतिम सांस तक जेल में रहने और 8 हजार रुपये के जुर्माना की सजा सुनाई।
