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छतरपुर: नौगांव में शासन के आदेश के बिना खुला सरकारी स्कूल, ठिठुरती ठंड में बच्चों को बुलाया जा रहा पढ़ाने
Tue, 18 Jan 2022 07:03 PM IST
अंकिता विश्वकर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुर
Published by: अंकिता विश्वकर्मा
Updated Tue, 18 Jan 2022 07:03 PM IST
सार
छतरपुर जिले के नौगांव में शासन के स्कूल बंद होने के आदेश के बावजूद भी शासकीय स्कूल खोले जा रहे हैं। कड़ाके की ठंड में बच्चों को भी स्कूल बुलाया जा रहा है।
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छतरपुर: शासन के आदेश के बिना खुले स्कूल
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
छतरपुर जिले के नौगांव में शासन के आदेश के बिना ही शासकीय स्कूल खोले जाने और बच्चों को स्कूल बुलाए जाने का मामला सामने आया है। राज्य शासन ने प्रदेश में कोरोना संक्रमण की वर्तमान स्थिति को देखते हुए प्रदेशभर के सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों को 31 जनवरी तक बंद करने का आदेश दिया था। लेकिन नौगांव में शासन के स्कूल खोलने के आदेश के बिना ही शासकीय और माध्यमिक स्कूल खोले जा रहे हैं, साथ ही बच्चों को भी कड़ाके की ठंड में स्कूल बुलाया जा रहा है।
स्कूल में आग तापते दिखे बच्चे
सरकारी स्कूल में जिन बच्चों को बुलाया गया था, वो ठंड से बचने के लिए स्कूल में बैठकर आग ताप रहे थे। शिक्षिका भी बच्चों के साथ बैठकर आग तापती नजर आईं। स्कूल में कोरोना गाइडलाइन की भी धज्जियां उड़ाई जा रही थीं। न तो बच्चों ने मास्क पहना था और न हीं टीचर ने मास्क लगाया था। वहीं सोशल डिस्टेंसिंग का पालन भी नहीं किया जा रहा था।
मीडिया से बात करने पर स्कूल टीचर ने बताया कि बच्चों को वैक्सीन लगवाने के लिए स्कूल बुलाया गया है, जब उनसे 7 से 10 साल के बच्चों को स्कूल बुलाने का कारण पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि प्रिंसिपल के आदेश पर बुलाया गया है उन्हीं से बात करें। स्कूल आए बच्चों ने बताया कि उन्हें रोज स्कूल बुलाया जाता है। पढ़ाई कभी-कभी होती है। टीचर नहीं आते हैं तो हम लोग खेलते रहते हैं या फिर आग ताप के समय निकालते हैं और समय होने पर अपने घर चले जाते हैं।
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स्कूल में आग तापते दिखे बच्चे
सरकारी स्कूल में जिन बच्चों को बुलाया गया था, वो ठंड से बचने के लिए स्कूल में बैठकर आग ताप रहे थे। शिक्षिका भी बच्चों के साथ बैठकर आग तापती नजर आईं। स्कूल में कोरोना गाइडलाइन की भी धज्जियां उड़ाई जा रही थीं। न तो बच्चों ने मास्क पहना था और न हीं टीचर ने मास्क लगाया था। वहीं सोशल डिस्टेंसिंग का पालन भी नहीं किया जा रहा था।
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मीडिया से बात करने पर स्कूल टीचर ने बताया कि बच्चों को वैक्सीन लगवाने के लिए स्कूल बुलाया गया है, जब उनसे 7 से 10 साल के बच्चों को स्कूल बुलाने का कारण पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि प्रिंसिपल के आदेश पर बुलाया गया है उन्हीं से बात करें। स्कूल आए बच्चों ने बताया कि उन्हें रोज स्कूल बुलाया जाता है। पढ़ाई कभी-कभी होती है। टीचर नहीं आते हैं तो हम लोग खेलते रहते हैं या फिर आग ताप के समय निकालते हैं और समय होने पर अपने घर चले जाते हैं।
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