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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Case of changing the child in Sehore Hospital: had previously refused to take the matter of having a son, now the body of a five-day-old girl had to be taken

सीहोर अस्पताल में बच्चा बदलने का मामला: बेटा होने की बात पर पहले लेने से किया था इनकार, अब पांच दिन की बच्ची का शव ले जाना पड़ा

Tue, 28 Dec 2021 01:16 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर Published by: दिनेश शर्मा Updated Tue, 28 Dec 2021 01:16 PM IST
सार

सीहोर के जिला अस्पताल में 500 रुपये के लालच में बेटा होने की झूठी जानकारी देने के मामले में दुखद अंजाम सामने आया है। पांच दिन की बच्ची की जान चली गई, उसे मां की गोद भी नसीब नहीं हो सकी, क्योंकि परिजन बेटी को अपनाने से इनकार कर रहे थे। 

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Case of changing the child in Sehore Hospital: had previously refused to take the matter of having a son, now the body of a five-day-old girl had to be taken
Sehore: सीहोर जिला अस्पताल - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

मध्य प्रदेश के सीहोर के जिला अस्पताल में बच्चा बदलने का मामला अभी पूरी तरह से सुलझा भी नहीं है कि पांच दिन पहले जन्म लेने वाली बच्ची ने वेंटीलेटर पर सोमवार को अंतिम सांस ली। परिजन डीएनए टेस्ट कराने पर अड़े हुए थे। बच्ची की मौत होने पर परिवार वाले आए और शव लेकर रवाना हो गए। मालूम हो कि परिजनों ने जन्म के बाद बच्ची को ये कहते हुए लेने से मना कर दिया था कि उन्हें बेटा हुआ था, उन्हें किसी और की बच्ची को थमाया जा रहा है।
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दंपत्ति का आरोप था कि 22 दिसंबर को अस्पताल में बेटे को जन्म दिया था, जिसे एसएनसीयू वार्ड में रखा था। शनिवार को घर जाने लगे तो बेटी लाकर दे दी थी। जिसे उन्होंने लेने से मना कर दिया था, तभी से बच्ची जिला अस्पताल में भर्ती थी, जिसकी सोमवार रात मौत हो गई।
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पुलिस में की थी शिकायत
सिविल सर्जन डॉ. अशोक मांझी ने बताया कि मूड़लाकलां गांव की रहने वाली सलमा पत्नी सद्दाम खां को 22 दिसंबर को सुबह 9.45 बजे नॉर्मल डिलीवरी हुई थी। वहीं स्टाफ नर्स का कहना था कि बच्ची ने गर्भ में गंदा पानी पी लिया था, इसलिए उसे एसएनसीयू में भर्ती करने भेज दिया था। शनिवार सुबह उनकी छुट्टी के समय परिजन कहने लगे कि हमारा बेटा है, किसी और की बेटी वे नहीं लेंगे। इस मामले में परिजनों से सिविल सर्जन और पुलिस को शिकायत की थी। सिविल सर्जन डॉ. अशोक मांझी का कहना है कि बच्ची को मिकोनियल हो गया था। यानी गर्भ में ही उसने गंदा पानी पी लिया था, जिस कारण बच्ची बीमार हो गई थी। यही उसकी मौत की वजह बनी। परिवार को कुछ गलतफहमी हो गई थी, समझाने पर वे मान गए।
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