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गुना में परिवार का बहिष्कार: समाज में लौटने के लिए रखी शर्त- जूते सिर पर रखो, गोमूत्र पीयो
Wed, 17 Nov 2021 11:16 AM IST
रवींद्र भजनी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर
Published by: रवींद्र भजनी
Updated Wed, 17 Nov 2021 11:16 AM IST
सार
गुना में एक परिवार को समाज से निकाल दिया गया क्योंकि उसने अपनी पूरी जमीन मंदिर के लिए नहीं दी। अब शर्त रखी जा रही है कि समाज में लौटने के लिए गोमूत्र पीना होगा। जूता सिर पर रखना होगा।
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आरोप लगाने वाले हीरालाल घोषी।
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
गुना में अजीब मामला सामने आया है। एक परिवार ने मंदिर के लिए जमीन नहीं दी तो पंचायत ने उसका बहिष्कार करने का फैसला सुनाया। परिवार में होने वाली शादी से लेकर अंतिम संस्कार तक में समाज का कोई अन्य व्यक्ति नहीं जाएगा। समाज के दूसरे लोगों से भी इस परिवार से संबंध रखने से मना किया गया है।
पंचायत के फरमान के अनुसार परिवार को समाज में लौटना है तो जूता सिर पर रखना होगा। पगड़ी पैरों में रखनी होगी। गोमूत्र पीना होगा। साथ ही पुरुषों को दाढ़ी कटवानी होगी। शहर के शिवाजीनगर में रहने वाले पीड़ित परिवार ने मंगलवार को जनसुनवाई के दौरान कलेक्टर से शिकायत की तो मामला सामने आया।
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शिकायत करने वाले हीरालाल घोषी का आरोप है कि उनके परिवार ने 3 बिसबा (करीब 4000 वर्गफीट) जमीन मंदिर के लिए दान दी है। अब ग्वाल समाज की पंचायत दबाव बना रही है कि पूरी जमीन मंदिर के लिए दी जाए। इस जमीन पर हीरालाल और उसके भाई का घर बना हुआ है। हीरालाल का कहना है कि अब समाज के लोग पूरी जमीन मांग रहे हैं। इसके लिए उन पर निरंतर दबाव बनाया जा रहा है। कलेक्टर फ्रैंक नोबल ने कहा कि जनसुनवाई में आवेदन आया है। एसडीएम को जांच करने के निर्देश दिए हैं।
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पंचायत के फरमान के अनुसार परिवार को समाज में लौटना है तो जूता सिर पर रखना होगा। पगड़ी पैरों में रखनी होगी। गोमूत्र पीना होगा। साथ ही पुरुषों को दाढ़ी कटवानी होगी। शहर के शिवाजीनगर में रहने वाले पीड़ित परिवार ने मंगलवार को जनसुनवाई के दौरान कलेक्टर से शिकायत की तो मामला सामने आया।
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शिकायत करने वाले हीरालाल घोषी का आरोप है कि उनके परिवार ने 3 बिसबा (करीब 4000 वर्गफीट) जमीन मंदिर के लिए दान दी है। अब ग्वाल समाज की पंचायत दबाव बना रही है कि पूरी जमीन मंदिर के लिए दी जाए। इस जमीन पर हीरालाल और उसके भाई का घर बना हुआ है। हीरालाल का कहना है कि अब समाज के लोग पूरी जमीन मांग रहे हैं। इसके लिए उन पर निरंतर दबाव बनाया जा रहा है। कलेक्टर फ्रैंक नोबल ने कहा कि जनसुनवाई में आवेदन आया है। एसडीएम को जांच करने के निर्देश दिए हैं।
गुना में की गई शिकायत की एक कॉपी।
- फोटो : सोशल मीडिया
समाज के लोग न शादी में आए, न अंतिम संस्कार में
हीरालाल का कहना है कि ग्वाल समाज ने पंचायत बुलाकर उनके परिवार का बहिष्कार कर दिया है। उन्हें समाज के किसी कार्यक्रम में भाग नहीं लेने दिया जा रहा। पंचायत में पंचनामा बनाकर बहिष्कार किया है। पहले मोहलत दी थी और उसके बाद समाज ने सभी संबंध खत्म कर दिए। मई में कोरोना की वजह से भाई की मौत हुई। अंतिम संस्कार में समाज का कोई व्यक्ति नहीं आया। घर में शादी थी, उसमें भी समाज के लोगों ने दूरी बनाई।
हीरालाल का कहना है कि ग्वाल समाज ने पंचायत बुलाकर उनके परिवार का बहिष्कार कर दिया है। उन्हें समाज के किसी कार्यक्रम में भाग नहीं लेने दिया जा रहा। पंचायत में पंचनामा बनाकर बहिष्कार किया है। पहले मोहलत दी थी और उसके बाद समाज ने सभी संबंध खत्म कर दिए। मई में कोरोना की वजह से भाई की मौत हुई। अंतिम संस्कार में समाज का कोई व्यक्ति नहीं आया। घर में शादी थी, उसमें भी समाज के लोगों ने दूरी बनाई।
