फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   bjp_ticket_to_muslim

बीस साल बाद मुसलमान को बीजेपी का टिकट

Fri, 08 Nov 2013 12:17 PM IST
ऋषि पाण्डे/भोपाल
ऋषि पाण्डे/भोपाल Updated Fri, 08 Nov 2013 12:17 PM IST
विज्ञापन
bjp_ticket_to_muslim

मध्यप्रदेश में भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवारों की लिस्ट में एक नाम चौंकाने वाला है। भोपाल उत्तर विधानसभा सीट से आरिफ बेग को उम्मीदवार बनाया गया है। आरिफ बेग के रूप में बीस साल बाद भाजपा ने किसी मुस्लिम को विधानसभा सीट के लिए अपना उम्मीदवार बनाया है।

विज्ञापन


क्या बेग की उम्मीदवारी मुसलमानों के प्रति भाजपा के बदलते नजरिए का प्रतीक है? मध्यप्रदेश में मुस्लिम वोटर करीब सात फीसदी हैं और भाजपा भी इनमें अपनी हिस्सेदारी चाहती है। लेकिन भाजपा के प्रति मुसलमानों का मन बदलने में संदेह ज्यादा है।
विज्ञापन


आरिफ बेग को एक मुस्लिम बाहुल्य सीट से टिकट दिया गया है। पिछले तीन चुनावों से यह सीट कांग्रेस के मुस्लिम उम्मीदवार की झोली में जा रही है।

'औपचारिकता'
पूर्व ओलम्पियन और कांग्रेस से सांसद रहे असलम शेर खान कहते है, "भाजपा ने औपचारिकता के लिए यह सीट मुस्लिम नेता को दी है। उत्तरी भोपाल परंपरागत तौर पर मुस्लिम सीट है। भाजपा यहां कभी जीत नहीं पाती इसलिए अपने उपर मुस्लिम विरोधी होने के इल्जाम से छुटकारा पाने के लिए एक मुसलमान को टिकट दे दिया गया है। हालांकि इससे कोई फर्क नहीं पडेगा।''
विज्ञापन
विज्ञापन


मध्यप्रदेश में करीब सात फीसदी मुसलमान हैं। राज्य में 22 विधानसभा सीटें मुस्लिम बहुल हैं लेकिन मध्य प्रदेश विधानसभा के 230 विधायकों में सिर्फ एक ही मुसलमान है। साल 1993 में तो एक भी मुसलमान विधानसभा नहीं पहुंच सका था।

भाजपा ने भी 1993 में आखिरी बार किसी मुस्लिम नेता को टिकट दिया था। तब बीजेपी के समर्थकों ने एक निर्दलीय को वोट दिए थे और भाजपा के मुसलमान उम्मीदवार की जमानत जब्त हो गई थी। अब बीस साल बाद एक बार फिर भाजपा अपने बीते जमाने के कद्दावर नेता को कांग्रेस के मजबूत नेता के सामने उतारने का जोखिम उठा रही है।

भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष हिदायतउल्ला शेख कहते है, "धर्म और जाति के आधार पर टिकट बाट कर कांग्रेस ने बडा नुकसान किया है। मध्यप्रदेश की तमाम मुस्लिम बहुल सीटों से विधायक भाजपा के हैं।''

शेख कहते हैं, ''आरिफ बेग को इसलिए टिकट नहीं दिया गया कि वे मुसलमान है, बल्कि इसलिए दिया गया है क्योंकि वे सशक्त उम्मीदवार हैं। नाम के लिए ही देना होता तो किसी को भी दे देते।''

'धर्मनिरपेक्ष शिवराज'
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने धर्मनिरपेक्ष छवि बनाने की कोशिश की है। शिवराज की छवि के दम पर ही भाजपा को मुस्लिम वोट हासिल करने की उम्मीद है। शिवराज गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी के मुकाबले वे पार्टी का एक नरम चेहरा हैं। वे ईद के दिन मुस्लिम टोपी पहनकर मुसलमानों को गले लगाते हैं, रमजान महीने में अपने घर पर मुसलमानों को इफ्तार की दावत भी देते हैं।

बीजेपी के प्रवक्ता गोविन्द मालू शिवराज सिंह चौहान के पूर्व कांग्रेसी मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह से भी ज्यादा मुस्लिम हितैषी होने का दावा करते हैं।

वे कहते हैं, ''भोपाल में हज हाउस की आधारशिला रखना, उर्दू विश्वविद्यालय के लिए जमीन आंवटन, मुस्लिम लडकियों को मुख्यमंत्री कन्यादान योजना का लाभ देना, हजारो मुस्लिम बुजुर्गों को तीर्थ दर्शन योजना के अंतर्गत अजमेर शरीफ की यात्रा करवाना सब शिवराज सरकार ने किया।''

दिखावटी हितैषी
स्वयं सेवी संगठन मंथन अध्ययन केंद्र से जुडे सामाजिक कार्यकर्ता रहमत इन सब कार्यों को दिखावटी मानते हैं। वे कहते हैं, ''यदि भाजपा सचमुच में मुसलमानों की हितैषी है तो सच्चर कमेटी की सिफारिशो को लागू करने में क्या दिक्कत है।''

हाल ही में शिवराज सरकार ने एक विज्ञापन प्रकाशित किया था जिसमें दिग्विजय सरकार और शिवराज सरकार की तुलना वाले एक विज्ञापन में बताया गया था कि दोनों सरकार के दौरान अल्पसंख्यक कल्याण पर कितना पैसा खर्च हुआ।

इस विज्ञापन पर टिप्पणी करते हुए रहमत कहते हैं, ''दिग्विजय सिंह की सरकार के समय अल्पसंख्यक कल्याण के मद में पहले 20 लाख रूपए खर्च होना बताया गया जो शिवराज सिंह के कार्यकाल में बढकर दो करोड हो गए। विज्ञापन में इसे दस गुना बढना बताया गया लेकिन दो करोड की राशि में इतने अल्पसंख्यको का भला कैसे संभव है।''

बीजेपी ने बीस साल बाद एक बार फिर भले ही किसी मुसलमान को टिकट दिया हो लेकिन सवाल यही है कि क्या मध्यप्रदेश के मुसलमानों का एक हिस्सा भाजपा के साथ खडा हो पाएगा? असलम शेर खान ऐसा होना मुश्किल मानते हैं।

वे कहते हैं, "शिवराज से एक बार दिक्कत नहीं होगी, लेकिन उस विचारधारा का क्या होगा जो भाजपा को आरएसएस से विरासत में मिली है। इसलिए लगता नहीं कि मुसलमान कभी भाजपा का साथ देंगे।"


इसी सवाल पर रहमत कहते हैं, ''मुसलमानों के बीजेपी के साथ होने की कोई संभावना नहीं है। मुसलमानों को भाजपा में शिवराज का नहीं बल्कि मोदी और आडवाणी का चेहरा दिखता है।''

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed