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कैलाश विजयवर्गीय का कमलनाथ सरकार पर हमला, नतीजा भुगतने की दी चेतावनी

Mon, 01 Jul 2019 04:31 PM IST
Gaurav Pandey न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Published by: Gaurav Pandey Updated Mon, 01 Jul 2019 04:31 PM IST
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Kailash Vijayvargiya BJP national Secretary said Kamalnath Government is working for revenge
कैलाश विजयवर्गीय (फाइल फोटो) - फोटो : एएनआई

इंदौर से भारतीय जनता पार्टी के विधायक आकाश विजयवर्गीय द्वारा नगर निगम कर्मी की बैट से पिटाई के बाद अब भाजपा महासचिव और विधायक आकाश के पिता कैलाश विजयवर्गीय ने कमलनाथ सरकार पर निशाना साधा है। 

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भाजपा महासचिव ने परिणाम भुगतने की चेतावनी देते हुए आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य की कांग्रेस सरकार बदले की भावना से काम कर रही है। पेंशन घोटाले की फाइल ढूंढने के सवाल पर उन्होंने कहा कि सरकार की जो इच्छा हो वह करने के लिए स्वतंत्र है। 

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इससे पहले कैलाश विजयवर्गीय ने 'बैट' मामले पर अपने बेटे और भाजपा विधायक आकाश विजयवर्गीय को कच्चा खिलाड़ी बताया था। उन्होंने कहा था कि ये बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। मुझे लगता है कि दोनों पक्ष आकाश और नगर निगम अधिकारी कच्चे खिलाड़ी हैं। ये बड़ा मुद्दा नहीं था लेकिन इसे बड़ा बना दिया गया।
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क्या है मामला?

इंदौर-3 विधानसभा सीट से पहली बार विधायक चुने गए आकाश विजयवर्गीय ने जर्जर मकान को ढहाने पहुंचे निगम अधिकारी की बल्ले से पिटाई कर दी थी। उनकी निगम कर्मचारी से पहले बहस हुई थी। अपने कृत्य को लेकर उन्होंने सफाई देते हुए कहा था कि- पहले आवेदन, फिर निवेदन और फिर दे दनादन के तहत कार्रवाई की जाएगी।


गुरुवार को विधायक आकाश की जमानत अर्जी को अदालत ने खारिज कर दिया था। दूसरी जमानत अर्जी को भी एडीजे कोर्ट ने खारिज कर दिया था। जिसके बाद भोपाल के जिला एवं सत्र न्यायालय में जमानत अर्जी दायर की गई थी।

जानकारों ने बताया कि रिप्रेजेंटेशन ऑफ द पीपल एक्ट के अनुसार यदि आकाश के खिलाफ जिन धाराओं में केस दर्ज हुआ है, वह ट्रायल के दौरान साबित हो जाती हैं तो वह चुनाव लड़ने के अयोग्य हो सकते हैं। यह समय सीमा सजा सुनाने की तिथि से छह साल तक प्रभावी होगी।

आकाश के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने, मारपीट और बलवा के आरोप में मुकदमा दर्ज हुआ है। इनमें भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 147 और 148 के तहत कम से कम दो साल और अधिकतम सात साल की सजा हो सकती है। केस में फैसला आने के समय अगर आकाश विधायक पद पर बने रहते हैं तो सजा को तीन महीने तक टाल दिया जाएगा। इस दौरान वह नए सिरे से आवेदन कर सकते हैं।

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