सुषमा की डांट से रो पड़ा उम्मीदवार
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मध्यप्रदेश के गुना में ज्योतिरादित्य सिंधिया का मुकाबला कर रहे जयभान सिंह पवैया के लिए प्रचार का अंतिम दिन बड़ा बुरा रहा।
शिवपुरी में सभा करने पहुंची भाजपा की वरिष्ठ नेता सुषमा स्वराज की अगुवाई के लिए कोई नहीं पहुंचा, जिससे लोकसभा में विपक्ष की नेता इस कदर नाराज हो गई कि शिवपुरी में बिना सभा किए ही लौट गईं।
यही नहीं अशोक नगर में सभा के दौरान उन्होंने पवैया कड़ी फटकार लगाई, जिससे उनके आंसू निकल आए। इस घटना पर कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया भी चुटकी लेने से नहीं चूके। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि उनका अपमान हुआ, अगर वह शिवपुरी में होते तो उनका स्वागत करने जरूरत जाते।
'तुम ज्यादा ही हवा में उड़ रहे हो'
सुषमा स्वराज जब शिवपुरी के हैलीपैड पर उतरीं तो उनका स्वागत करने के लिए न जयभान सिंह पवैया उपस्थित थे और न ही कोई कार्यकर्ता। परमिशन वाली कोई गाड़ी भी नहीं थी।
ग्वालियर लोकसभा के प्रभारी नरेंद्र बिरथरे ने बाद में कहा कि सुषमा स्वराज को 1.55 पर पहुंचना था, लेकिन वह 1.40 पर पहुंच गईं। संवादहीनता के कारण लोग समय पर नहीं पहुंच पाए।
सुषमा ने पवैया से कहा, ‘शिवपुरी में न तुम आए न कोई कार्यकर्ता आया। जिस गाड़ी में मैं जा रही थी, उसे अनुमति नहीं थी। पुलिस वालों ने उस गाड़ी को रोक लिया। मुझे तो लगता है तुम ज्यादा ही हवा में उड़ रहे हो।’
रो पड़े पवैया
हालांकि अशोक नगर की सभा में सुषमा स्वराज ने पवैया की तारीफ भी की। सुषमा ने कहा कि पवैया आदमी दमदार भी है, ईमानदार भी है और मेरे स्नेह का पात्र भी है। 17 अप्रैल को गुना में मतदान होने वाला है।
पवैया समर्थकों का कहना है कि यह गलतफहमी में हुआ। वहीं राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि सुषमा स्वराज का गुस्सा इस मौके पर वाजिब नहीं है। भाजपा में भी नेता मुद्दे पर बयान देने से बचते दिखाई दिए।
भाजपा में भी नेता मुद्दे पर बयान देने से बचते दिखाई दिए। प्रभात झा ने पूरे मामले को पारिवारिक मसला बताया। कुछ नेताओं ने दबे स्वरों में यह जरूर कहा कि सुषमा स्वराज के इस पूरे प्रकरण से कांग्रेस को अनावश्यक रूप से लाभ मिला है।
