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मध्य प्रदेश: अब बिना सीएम की अनुमति के नहीं हो सकेगी भ्रष्ट IAS, IPS और IFS की जांच, GAD ने जारी किया आदेश
Sun, 08 May 2022 07:54 AM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Sun, 08 May 2022 07:54 AM IST
सार
मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार की शिकायतों को लेकर बड़ा निर्णय लिया गया है। अब भ्रष्ट IAS, IPS और IFS की जांच के लिए मुख्यमंत्री की अनुमति जरूरी होंगी। इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग ने आदेश जारी किए।
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मंत्रालय भवन, वल्लभ भवन, भोपाल
- फोटो : File
विस्तार
मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार की शिकायतों को लेकर बड़ा निर्णय लिया गया है। अब भ्रष्ट IAS, IPS और IFS की जांच के लिए मुख्यमंत्री की अनुमति जरूरी होगी। इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग ने आदेश जारी किए हैं।
सामान्य प्रशासन विभाग की तरफ से जारी आदेश के अनुसार अखिल भारतीय सेवा के अधिकारी आईएएस, आईपीएस और आईएफएस अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार की जांच के लिए निर्णय मुख्यमंत्री लेंगे। यानी अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों की जांच के लिए मुख्यमंत्री की अनुमति जरूरी होगी। यह प्रावधान भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 17 ए में किए गए हैं। वहीं, वर्ग-2, वर्ग-3 और वर्ग 4 के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के मामले में प्रशासनिक विभाग के अधिकारी को अधिकार होंगे। इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग की तरफ से सभी विभागाध्यक्ष, आयुक्त और जिलों को आदेश भेजे गए हैं।
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सामान्य प्रशासन विभाग की तरफ से जारी आदेश के अनुसार अखिल भारतीय सेवा के अधिकारी आईएएस, आईपीएस और आईएफएस अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार की जांच के लिए निर्णय मुख्यमंत्री लेंगे। यानी अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों की जांच के लिए मुख्यमंत्री की अनुमति जरूरी होगी। यह प्रावधान भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 17 ए में किए गए हैं। वहीं, वर्ग-2, वर्ग-3 और वर्ग 4 के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के मामले में प्रशासनिक विभाग के अधिकारी को अधिकार होंगे। इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग की तरफ से सभी विभागाध्यक्ष, आयुक्त और जिलों को आदेश भेजे गए हैं।
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