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MP Panchayat Chunav: भाजपा और कांग्रेस दोनों 27% टिकट ओबीसी को देंगे, सुप्रीम कोर्ट ने रद्द कर दिया है आरक्षण
Wed, 11 May 2022 08:15 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Wed, 11 May 2022 08:15 PM IST
सार
मध्य प्रदेश में ओबीसी आरक्षण के बिना चुनाव कराने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर राजनीति गरमा रही है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने घोषणा की है कि निकाय चुनाव में 27% प्रत्याशी ओबीसी वर्ग से खड़े किए जाएंगे।
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वीडी शर्मा और कमलनाथ (फाइल फोटो)
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
मध्य प्रदेश में ओबीसी आरक्षण को खत्म कर चुनाव कराने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर राजनीति गरमा रही है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने ऐलान किया है कि निकाय चुनाव में कांग्रेस 27% प्रत्याशी ओबीसी वर्ग से खड़े करेगी। इसके कुछ ही देर बाद भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने भी वादा कर दिया कि पार्टी भी 27% टिकट ओबीसी नेताओं को देगी। जहां जरूरत होगी, वहां यह प्रतिशत बढ़ाया भी जाएगा।
पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने बयान जारी कर कहा कि हमें भाजपा सरकार से कोई उम्मीद नहीं है। उन्होंने दो साल तक कोई प्रयास नहीं किए। कोई कानून नहीं लाए। संविधान में संशोधन हो सकता था, जिससे ओबीसी वर्ग को आरक्षण का लाभ मिलता, लेकिन इन्होंने कोई कोई कार्यवाही नहीं की। इस वजह से सुप्रीम कोर्ट ने ऐसा फैसला दिया है। कांग्रेस पार्टी ने तय किया है कि आगामी निकाय चुनाव में पार्टी 27 प्रतिशत टिकट ओबीसी वर्ग के उम्मीदवारों को देगी। निकाय चुनाव में आरक्षण को लेकर बीजेपी और कांग्रेस नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी है। बीजेपी की सरकार सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ रिव्यू पिटीशन दाखिल करने के लिए विधि विशेषज्ञों से राय ले रही है। दूसरी तरफ कोर्ट के फैसले के बाद राज्य निवार्चन आयोग ने भी चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है। राज्य निर्वाचन आयुक्त बसंत प्रताप सिंह ने कहा कि जून में किसी भी हालत में चुनाव कराए जाएंगे।
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वहीं, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने कहा कि कांग्रेस के नेता अरुण यादव प्रेस के जरिये बयान देकर गुमराह करना चाहते हैं। मैं यह साफ कर देना चाहता हूं कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सारे दौरे रद्द कर कहा है कि पुनर्विचार याचिका लगाई जाएगी। हम न्यायालय से अपील करेंगे कि पंचायत चुनावों में ओबीसी आरक्षण लागू हो सके। इसके बावजूद यह तो सिर्फ 27 प्रतिशत की बात है। भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व ने यह गंभीरता के साथ कहा है कि हमारे ओबीसी वर्ग के उन सभी लोगों को जिन्हें जरूरत है, जो हमारे अच्छे कार्यकर्ता हैं, 27% ही क्यों उससे ज्यादा अवसर मिलेगा। पंचायत चुनाव या किसी भी अन्य चुनावों में भाजपा संगठन वह करने को तैयार है।
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पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने बयान जारी कर कहा कि हमें भाजपा सरकार से कोई उम्मीद नहीं है। उन्होंने दो साल तक कोई प्रयास नहीं किए। कोई कानून नहीं लाए। संविधान में संशोधन हो सकता था, जिससे ओबीसी वर्ग को आरक्षण का लाभ मिलता, लेकिन इन्होंने कोई कोई कार्यवाही नहीं की। इस वजह से सुप्रीम कोर्ट ने ऐसा फैसला दिया है। कांग्रेस पार्टी ने तय किया है कि आगामी निकाय चुनाव में पार्टी 27 प्रतिशत टिकट ओबीसी वर्ग के उम्मीदवारों को देगी। निकाय चुनाव में आरक्षण को लेकर बीजेपी और कांग्रेस नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी है। बीजेपी की सरकार सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ रिव्यू पिटीशन दाखिल करने के लिए विधि विशेषज्ञों से राय ले रही है। दूसरी तरफ कोर्ट के फैसले के बाद राज्य निवार्चन आयोग ने भी चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है। राज्य निर्वाचन आयुक्त बसंत प्रताप सिंह ने कहा कि जून में किसी भी हालत में चुनाव कराए जाएंगे।
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वहीं, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने कहा कि कांग्रेस के नेता अरुण यादव प्रेस के जरिये बयान देकर गुमराह करना चाहते हैं। मैं यह साफ कर देना चाहता हूं कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सारे दौरे रद्द कर कहा है कि पुनर्विचार याचिका लगाई जाएगी। हम न्यायालय से अपील करेंगे कि पंचायत चुनावों में ओबीसी आरक्षण लागू हो सके। इसके बावजूद यह तो सिर्फ 27 प्रतिशत की बात है। भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व ने यह गंभीरता के साथ कहा है कि हमारे ओबीसी वर्ग के उन सभी लोगों को जिन्हें जरूरत है, जो हमारे अच्छे कार्यकर्ता हैं, 27% ही क्यों उससे ज्यादा अवसर मिलेगा। पंचायत चुनाव या किसी भी अन्य चुनावों में भाजपा संगठन वह करने को तैयार है।
