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वर्ल्ड स्पाइन डे: कमर दर्द की चोट बेडरूम तक! दांपत्य जीवन हो रहा प्रभावित, 30-45 साल के युवा ज्यादा परेशान

Fri, 16 Oct 2026 02:31 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल Published by: Sandeep Kumar Tiwari Updated Fri, 16 Oct 2026 02:31 PM IST
सार

कमर दर्द अब केवल उठने-बैठने की परेशानी नहीं, बल्कि लोगों की दिनचर्या, मानसिक सेहत और दांपत्य जीवन को भी प्रभावित कर रहा है। विशेषज्ञों के मुताबिक, 30 से 45 साल के युवाओं में मोबाइल-लैपटॉप का अधिक इस्तेमाल, घंटों बैठना और व्यायाम से दूरी रीढ़ की समस्याओं की प्रमुख वजह बन रहे हैं। 

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World Spine Day: Back pain reaches the bedroom! Marital life is being affected; individuals aged 30–45 are the
वर्ल्ड स्पाइन डे - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कमर दर्द अब सिर्फ उठने-बैठने की परेशानी नहीं रह गया है। लंबे समय तक दर्द रहने से लोगों की सक्रियता, मानसिक सेहत और दांपत्य जीवन तक प्रभावित हो रहा है। परेशानी यह है कि कई लोग दर्द को सामान्य थकान समझकर महीनों, नजरअंदाज करते रहते हैं। सीनियर फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. सुनील पांडेय के मुताबिक, उनके क्लीनिक में हर तीसरे-चौथे मरीज को कमर या गर्दन में दर्द की शिकायत रहती है। इनमें 30 से 45 वर्ष की उम्र के लोग भी बड़ी संख्या में हैं। मोबाइल चलाते समय गर्दन झुकाए रखना, घंटों कुर्सी पर बैठे रहना और व्यायाम से दूरी जैसी आदतें रीढ़ की सेहत पर भारी पड़ सकती हैं। लगातार दर्द के कारण व्यक्ति की दिनचर्या प्रभावित होती है और कुछ मामलों में चिंता, बेचैनी व अवसाद जैसी समस्याएं भी सामने आ सकती हैं। डॉ. पांडेय के अनुसार, लंबे समय से दर्द झेल रहे कुछ लोगों के दांपत्य जीवन पर भी असर पड़ता है, लेकिन वे इस बारे में खुलकर बात नहीं करते। विश्व रीढ़ दिवस पर विशेषज्ञों ने आगाह किया है कि रीढ़ की सेहत का ध्यान दर्द शुरू होने के बाद नहीं, बल्कि रोजमर्रा की आदतों में सुधार करके रखना चाहिए।
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ये चार आदतें बढ़ा सकती हैं रीढ़ की परेशानी
1. घंटों लगातार बैठे रहना: ऑफिस में लंबे समय तक एक ही स्थिति में बैठे रहने से मांसपेशियों में अकड़न और दर्द बढ़ सकता है। बीच-बीच में उठकर चलें और हल्की स्ट्रेचिंग करें।
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2. मोबाइल देखते समय गर्दन झुकाना: लंबे समय तक नीचे देखकर मोबाइल चलाने से गर्दन और कंधों पर दबाव बढ़ सकता है। मोबाइल को आंखों के करीब रखें और लगातार एक ही मुद्रा में न रहें।
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3. व्यायाम और शारीरिक गतिविधि से दूरी: निष्क्रिय दिनचर्या से मांसपेशियों की ताकत और शरीर की गतिशीलता प्रभावित हो सकती है। नियमित टहलें और अपनी क्षमता के अनुसार व्यायाम करें।
4. दर्द और सुन्नपन को नजरअंदाज करना: बार-बार कमर दर्द होना, पैरों में झुनझुनी या सुन्नपन महसूस होना जांच की जरूरत का संकेत हो सकता है। परेशानी बनी रहे या बढ़े तो चिकित्सकीय सलाह लें। पैरों में अचानक कमजोरी या पेशाब-मल पर नियंत्रण में परेशानी होने पर तत्काल चिकित्सा सहायता लें।

2050 तक दुनिया में 84 करोड़ से ज्यादा हो सकते हैं कमर दर्द के मरीज
लैंसेट रूमेटोलॉजी में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार, वर्ष 2020 में दुनियाभर में करीब 61.9 करोड़ लोग कमर दर्द से परेशान थे। अनुमान है कि 2050 तक यह संख्या 84 करोड़ से अधिक हो सकती है। बढ़ती आबादी और बुजुर्गों की संख्या में इजाफा इसके प्रमुख कारणों में शामिल हैं।


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रीढ़ को स्वस्थ रखने के लिए क्या करें?
डॉ. सुनील पांडेय के मुताबिक, नियमित व्यायाम, सही बैठने की मुद्रा और सक्रिय दिनचर्या रीढ़ को स्वस्थ रखने में मददगार हैं। काम के दौरान बीच-बीच में उठकर चलें, शरीर की गतिशीलता और मांसपेशियों के लचीलेपन पर ध्यान दें। लगातार दर्द होने पर खुद इलाज करने के बजाय विशेषज्ञ से सलाह लें। हर कमर दर्द का कारण एक जैसा नहीं होता, इसलिए जरूरत पड़ने पर जांच कराना जरूरी है।
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