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एमपी में ठंड ने पकड़ी रफ्तार: भोपाल समेत कई शहरों में रात का पारा लुढ़का, दस नवंबर से बदलेगा मौसम
Sun, 08 Nov 2026 07:08 AM IST
Sandeep Kumar Tiwari
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
Published by: Sandeep Kumar Tiwari
Updated Sun, 08 Nov 2026 07:08 AM IST
सार
प्रदेश में रात की ठंड बढ़ने लगी है। 14 शहरों में न्यूनतम तापमान 14 डिग्री से नीचे दर्ज हुआ। इंदौर में पचमढ़ी से कम तापमान रहा। 10 नवंबर से पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के बाद उत्तरी हवाओं से ठंड और बढ़ने की संभावना है। दीपावली पर मौसम साफ रहेगा।
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मौसम
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मध्य प्रदेश में सर्दी ने धीरे-धीरे अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। रात के तापमान में गिरावट के साथ सुबह कई शहरों में धुंध छाने लगी है। प्रदेश के 14 शहरों में न्यूनतम तापमान 14 डिग्री से नीचे पहुंच गया है। ठंड का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि प्रदेश के इकलौते हिल स्टेशन पचमढ़ी के मुकाबले इंदौर की रात ज्यादा ठंडी रही। मौसम का यह मिजाज आने वाले दिनों में और बदल सकता है। 10 नवंबर से उत्तर-पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहा है। इसके बाद प्रदेश में उत्तरी हवाओं का असर बढ़ने और रात के तापमान में और गिरावट आने की संभावना है।
पचमढ़ी से भी ठंडी रही इंदौर की रात
प्रदेश में सबसे कम न्यूनतम तापमान कटनी के करौंदी में 11.4 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं इंदौर में पारा 12.5 डिग्री तक पहुंच गया, जबकि पचमढ़ी में न्यूनतम तापमान 12.6 डिग्री रिकॉर्ड हुआ। यानी मैदानी शहर इंदौर की रात हिल स्टेशन पचमढ़ी से भी ठंडी रही। शहडोल के कल्याणपुर में 12.4, रायसेन में 12.6 और भोपाल तथा अमरकंटक में न्यूनतम तापमान 13.2 डिग्री दर्ज किया गया।
अगले तीन दिन में और बढ़ेगी रात की ठंड
मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के पूर्वी हिस्से में रात के तापमान में और गिरावट हो सकती है। जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग के जिलों में अगले तीन दिनों के दौरान न्यूनतम तापमान एक से दो डिग्री तक नीचे जा सकता है। इससे रात और सुबह ठंड का असर बढ़ेगा। दूसरी ओर दिन में धूप निकलने से तापमान अपेक्षाकृत सामान्य बना हुआ है। बालाघाट के मलाजखंड में अधिकतम तापमान 27 डिग्री दर्ज किया गया।
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10 नवंबर से बदलेगा मौसम का मिजाज
मौसम विभाग के मुताबिक, 10 नवंबर से उत्तर-पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा। इसके प्रभाव से अगले दो से तीन दिनों में प्रदेश में ठंडी हवाओं का असर बढ़ने की संभावना है। नवंबर के दूसरे सप्ताह से रात के तापमान में गिरावट का सिलसिला तेज हो सकता है। खासकर ग्वालियर-चंबल संभाग में उत्तरी हवाओं के सीधे पहुंचने से ठंड ज्यादा महसूस होगी।
दिवाली पर बारिश का कोई अलर्ट नहीं
त्योहार के दिन मौसम को लेकर राहत की खबर है। मौसम विभाग ने रविवार को प्रदेश के किसी भी जिले में आंधी या बारिश का अलर्ट जारी नहीं किया है। ऐसे में राजधानी भोपाल समेत प्रदेशभर में मौसम साफ रहने की संभावना है। लोगों को दीपावली पर आतिशबाजी और अन्य आयोजनों के दौरान बारिश की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
यह भी पढ़ें-दीपावली-छठ पर रेलवे का इंतजाम: भोपाल मंडल से 24 स्पेशल ट्रेनें चल रहीं, पांच प्रमुख स्टेशनों पर सुरक्षा बढ़ाई
नवंबर में बढ़ सकती है ठंड और बारिश की गतिविधियां
नवंबर के दूसरे सप्ताह से प्रदेश में सर्दी का असर बढ़ने की संभावना है। ग्वालियर-चंबल संभाग में उत्तरी हवाओं के कारण रात के तापमान में ज्यादा गिरावट हो सकती है। मौसम के पुराने रिकॉर्ड भी यहां कड़ाके की ठंड का संकेत देते हैं। ग्वालियर में 57 साल पहले नवंबर में न्यूनतम तापमान तीन डिग्री तक पहुंच चुका है। वहीं उज्जैन में 53 साल पहले नवंबर में पारा 2.3 डिग्री दर्ज किया गया था। भोपाल, इंदौर और जबलपुर में नवंबर के दौरान बारिश होने का ट्रेंड भी रहा है। इस बार भी महीने के तीसरे और चौथे सप्ताह में मौसम प्रणालियां सक्रिय होने पर बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। फिलहाल प्रदेश में रात की ठंड बढ़ने के साथ मौसम के अगले बदलाव पर नजर रहेगी।
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पचमढ़ी से भी ठंडी रही इंदौर की रात
प्रदेश में सबसे कम न्यूनतम तापमान कटनी के करौंदी में 11.4 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं इंदौर में पारा 12.5 डिग्री तक पहुंच गया, जबकि पचमढ़ी में न्यूनतम तापमान 12.6 डिग्री रिकॉर्ड हुआ। यानी मैदानी शहर इंदौर की रात हिल स्टेशन पचमढ़ी से भी ठंडी रही। शहडोल के कल्याणपुर में 12.4, रायसेन में 12.6 और भोपाल तथा अमरकंटक में न्यूनतम तापमान 13.2 डिग्री दर्ज किया गया।
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अगले तीन दिन में और बढ़ेगी रात की ठंड
मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के पूर्वी हिस्से में रात के तापमान में और गिरावट हो सकती है। जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग के जिलों में अगले तीन दिनों के दौरान न्यूनतम तापमान एक से दो डिग्री तक नीचे जा सकता है। इससे रात और सुबह ठंड का असर बढ़ेगा। दूसरी ओर दिन में धूप निकलने से तापमान अपेक्षाकृत सामान्य बना हुआ है। बालाघाट के मलाजखंड में अधिकतम तापमान 27 डिग्री दर्ज किया गया।
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10 नवंबर से बदलेगा मौसम का मिजाज
मौसम विभाग के मुताबिक, 10 नवंबर से उत्तर-पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा। इसके प्रभाव से अगले दो से तीन दिनों में प्रदेश में ठंडी हवाओं का असर बढ़ने की संभावना है। नवंबर के दूसरे सप्ताह से रात के तापमान में गिरावट का सिलसिला तेज हो सकता है। खासकर ग्वालियर-चंबल संभाग में उत्तरी हवाओं के सीधे पहुंचने से ठंड ज्यादा महसूस होगी।
दिवाली पर बारिश का कोई अलर्ट नहीं
त्योहार के दिन मौसम को लेकर राहत की खबर है। मौसम विभाग ने रविवार को प्रदेश के किसी भी जिले में आंधी या बारिश का अलर्ट जारी नहीं किया है। ऐसे में राजधानी भोपाल समेत प्रदेशभर में मौसम साफ रहने की संभावना है। लोगों को दीपावली पर आतिशबाजी और अन्य आयोजनों के दौरान बारिश की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
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नवंबर में बढ़ सकती है ठंड और बारिश की गतिविधियां
नवंबर के दूसरे सप्ताह से प्रदेश में सर्दी का असर बढ़ने की संभावना है। ग्वालियर-चंबल संभाग में उत्तरी हवाओं के कारण रात के तापमान में ज्यादा गिरावट हो सकती है। मौसम के पुराने रिकॉर्ड भी यहां कड़ाके की ठंड का संकेत देते हैं। ग्वालियर में 57 साल पहले नवंबर में न्यूनतम तापमान तीन डिग्री तक पहुंच चुका है। वहीं उज्जैन में 53 साल पहले नवंबर में पारा 2.3 डिग्री दर्ज किया गया था। भोपाल, इंदौर और जबलपुर में नवंबर के दौरान बारिश होने का ट्रेंड भी रहा है। इस बार भी महीने के तीसरे और चौथे सप्ताह में मौसम प्रणालियां सक्रिय होने पर बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। फिलहाल प्रदेश में रात की ठंड बढ़ने के साथ मौसम के अगले बदलाव पर नजर रहेगी।
