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विधानसभा में हंगामा : 'औकात में रहो...' उमंग सिंघार व कैलाश विजयवर्गीय के बीच क्यों हुई तीखी बहस? जानें वजह

Thu, 19 Feb 2026 07:09 PM IST
भोपाल ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: भोपाल ब्यूरो Updated Thu, 19 Feb 2026 07:09 PM IST
सार

मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दौरान राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। अदाणी समूह के साथ बिजली समझौते को लेकर उठे सवालों पर संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार आमने-सामने आ गए, जिससे सदन में हंगामा खड़ा हो गया। जानें पूरा मामला क्या था?

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Why did a heated debate take place between Kailash Vijayvargiya and Umang Singhar in  budget session
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय व नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार। फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के चौथे दिन राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए। संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के बीच तीखी बहस से सदन का माहौल गरमा गया।

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मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र में  कैलाश विजयवर्गीय और उमंग सिंघार के बीच क्यों हुई तीखी बहस एमपी न्यूज भोपाल कांग्रेस भाजपा चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने राज्य सरकार और अदाणी समूह के बीच हुए समझौते का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि बिजली खरीदी के नाम पर आगामी 25 वर्षों में लगभग एक से सवा लाख करोड़ रुपये तक का भुगतान किया जाएगा। इस पर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने आरोपों के समर्थन में प्रमाण प्रस्तुत करने की मांग की।

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जवाब में उमंग सिंघार ने कहा कि उनके पास संबंधित दस्तावेज मौजूद हैं और वे उन्हें सदन में प्रस्तुत करेंगे। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच कहासुनी बढ़ गई। बहस के दौरान मंत्री की ओर से की गई कड़ी टिप्पणी पर विपक्ष ने कड़ा विरोध जताया, जिससे सदन में हंगामा तेज हो गया।

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'आज मर्यादा की सीमा टूटी है, जो आश्चर्य की बात है'
विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने स्थिति को असहज बताते हुए कहा कि आज दुर्भाग्यवश ऐसी परिस्थिति बनी है। उन्होंने कहा कि दोनों पक्ष सदन में सामान्यतः अच्छा प्रदर्शन करते रहे हैं, लेकिन आज की स्थिति चिंताजनक रही। उन्होंने पूर्व नेता सुंदरलाल पटवा का उल्लेख करते हुए कहा कि “गुस्सा दिखे, लेकिन शब्दों में गुस्सा दिखाई न दे।” अध्यक्ष ने कहा कि आज जो स्थिति बनी, उसका उन्हें बेहद रंज है और इसके लिए पक्ष एवं विपक्ष दोनों ही जिम्मेदार हैं। उन्होंने यह भी कहा कि संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय अनुभवी हैं, लेकिन आज मर्यादा की सीमा टूटी है, जो आश्चर्य की बात है।

वहीं, कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि वे आज स्वयं से संतुष्ट नहीं हैं। उनका सब्र टूट गया और उन्हें पहली बार सदन में गुस्सा आया। उन्होंने कहा कि सदन में कुछ ही सदस्य वरिष्ठ हैं और आज की घटना दुखद है। उन्होंने यह भी कहा कि उमंग सिंघार की बॉडी लैंग्वेज उचित नहीं थी, जिससे उन्हें आक्रोश आया।

ये भी पढ़ें- Live MP Assembly Session 2026: अदाणी के नाम पर सदन में हंगामा; मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने अपनी टिप्पणी पर जताया दुख



 जानें इस पर क्या बोले सिंघार
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर एक लंबी पोस्ट साझा करते हुए उमंग सिंघार इस मामले पर लिखते हैं कि कैलाश विजयवर्गीय जी, मैं अपनी औकात में हूं...मेरी औकात मध्यप्रदेश की 7.5 करोड़ जनता के सवालों को आपकी अहंकारी सत्ता के सामने मुखरता से रखने की है। मेरी इसी औकात ने आपको इतना बौना बना दिया कि आपके अंदर का असली चेहरा बाहर आ गया, मेरी इसी औकात ने आपको भगीरथपुरा पर बहस करने पर मजबूर किया। ये अपशब्द केवल उमंग सिंघार या किसी एक नेता प्रतिपक्ष के लिए नहीं थे, यह मध्यप्रदेश की 7.5 करोड़ जनता का अपमान है। जनता को कीड़े-मकोड़े समझने की मानसिकता रखने वाले मंत्री विजयवर्गीय ने असल में अपने अहंकार का परिचय दिया है।

35 परिवार उजड़ गए, लोग बेघर हो गए और सवाल पूछने पर “औकात में रहो” कहा जाता है? सत्ता का मद इतना चढ़ गया है कि जनप्रतिनिधि खुद को जनता से ऊपर समझने लगे हैं। याद रखिए मंत्री जी, लोकतंत्र में असली ताकत जनता है, कुर्सी नहीं। जिस जनता को आप औकात याद दिलाने की कोशिश कर रहे हैं। वही, जनता चुनाव के दिन असली औकात दिखाती है। मध्यप्रदेश अपमान बर्दाश्त नहीं करेगा। अहंकार और असंवेदनशीलता से चलने वाली निकम्मी सरकार को जनता लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देना जानती है।

हालांकि, सीएम डॉ. मोहन यादव ने इस मामले पर डैमेज कंट्रोल करने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि मैं सबकी तरफ से मांगी मांगता हूं...

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