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मानसून की विदाई से पहले मौसम का बदलेगा मिजाज: तीन दिन खिलेगी धूप, पांच अक्टूबर को पूर्वी एमपी में होगी बारिश
Fri, 02 Oct 2026 07:03 AM IST
Sandeep Kumar Tiwari
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
Published by: Sandeep Kumar Tiwari
Updated Fri, 02 Oct 2026 07:03 AM IST
सार
मध्य प्रदेश में मानसून की विदाई का दौर शुरू होने वाला है। अगले तीन दिन धूप रहेगी और दिन गर्म होंगे, जबकि रात में ठंडक बढ़ेगी। 5 अक्टूबर को पूर्वी हिस्से में हल्की बारिश हो सकती है। प्रदेश में इस सीजन 35.8 इंच बारिश हुई, जो सामान्य से 4 प्रतिशत कम है।
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मौसम
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मध्य प्रदेश में मानसून की विदाई का इंतजार अब खत्म होने वाला है। प्रदेश में अगले तीन दिन मौसम मुख्य रूप से साफ रहेगा। दिन में तेज धूप से गर्मी का अहसास बढ़ेगा, जबकि रातें अपेक्षाकृत ठंडी रहेंगी। इसके बाद 5 अक्टूबर को पूर्वी मध्य प्रदेश में हल्की बारिश का दौर बन सकता है। मौसम विशेषज्ञ अरुण शर्मा के अनुसार, प्रदेश से दक्षिण-पश्चिम मानसून की पूरी विदाई 10 अक्टूबर तक होने की संभावना है। मानसून की वापसी की शुरुआत सबसे पहले ग्वालियर-चंबल और उज्जैन संभाग से होने के संकेत हैं। इसके बाद इंदौर, भोपाल, नर्मदापुरम, सागर, जबलपुर, रीवा और शहडोल संभाग से मानसून विदा होगा। शुक्रवार-शनिवार से इसकी प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है।
5 अक्टूबर को इन इलाकों में बारिश
मौसम विकास केंद्र के मुताबिक, 5 अक्टूबर को पूर्वी हिस्से के कुछ जिलों में हल्की बारिश हो सकती है। इनमें पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, मैहर, सीधी, सिंगरौली, शहडोल और अनूपपुर शामिल हैं। इसके अलावा भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर समेत प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में अगले तीन दिन मौसम साफ रहने का अनुमान है।
अक्टूबर में धूप बढ़ाएगी गर्मी, रात में गिरेगा तापमान
मानसून की विदाई के साथ आसमान साफ होने लगेगा। इसका असर तापमान पर भी दिखाई देगा। अक्टूबर में दिन का तापमान सामान्य से ऊपर रहने की संभावना है, जबकि रात में ठंडक बढ़ेगी। मौसम विभाग के अनुसार, अक्टूबर प्रदेश में मौसम के बदलाव का महीना रहता है। इस दौरान बारिश का असर घटने के साथ दिन में गर्मी और रात में ठंड का अंतर बढ़ने लगता है।
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35.8 इंच बारिश के बाद विदा होगा मानसून
इस मानसून सीजन में मध्य प्रदेश में अब तक 908.4 मिलीमीटर यानी 35.8 इंच बारिश दर्ज हुई है। यह सामान्य बारिश 949.5 मिलीमीटर यानी 37.3 इंच से करीब 1.5 इंच कम है। कुल बारिश सामान्य से करीब 4 प्रतिशत कम रही। पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से 4 प्रतिशत ज्यादा बारिश हुई, जबकि पश्चिमी हिस्से में औसत से 12 प्रतिशत कम पानी गिरा।
इन इलाकों में बारिश का कोटा अब भी कम
पूर्वी हिस्से के बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर और सिवनी में सामान्य से 5 से 21 प्रतिशत तक कम बारिश हुई है। पश्चिमी हिस्से में कमी ज्यादा रही। आलीराजपुर, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 9 से 51 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज हुई है।
25 जिलों में बारिश का कोटा पूरा
प्रदेश के 25 जिलों में सामान्य बारिश का आंकड़ा पूरा हो चुका है। इनमें भोपाल, राजगढ़, बुरहानपुर, खरगोन, कटनी, मंडला, डिंडोरी, ग्वालियर, गुना, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर, आगर-मालवा, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर शामिल हैं।
यह भी पढ़ें-दस विश्वविद्यालयों को मिले नए कुलसचिव: पदोन्नति के बाद नई जिम्मेदारी, उज्जैन, इंदौर, भोपाल समेत यहां बदलाव
जून की कमी मानसून के आखिरी आंकड़े में भी दिखी
प्रदेश में इस बार जून में सामान्य से 14 प्रतिशत कम बारिश हुई थी। जुलाई की शुरुआत में तेज बारिश से आंकड़े में सुधार हुआ, लेकिन इसके बाद मानसून में दो बार ब्रेक आया। कई दिनों तक बारिश नहीं होने से जून की कमी पूरी नहीं हो सकी। सितंबर के आखिरी सप्ताह में बारिश का दौर फिर मजबूत हुआ। जुलाई, अगस्त और सितंबर में बारिश का प्रदर्शन बेहतर रहा, लेकिन शुरुआती कमी की पूरी भरपाई नहीं हो सकी। इसी वजह से पूरे मानसून सीजन में प्रदेश की बारिश सामान्य से करीब 4 प्रतिशत कम रही।
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5 अक्टूबर को इन इलाकों में बारिश
मौसम विकास केंद्र के मुताबिक, 5 अक्टूबर को पूर्वी हिस्से के कुछ जिलों में हल्की बारिश हो सकती है। इनमें पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, मैहर, सीधी, सिंगरौली, शहडोल और अनूपपुर शामिल हैं। इसके अलावा भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर समेत प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में अगले तीन दिन मौसम साफ रहने का अनुमान है।
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अक्टूबर में धूप बढ़ाएगी गर्मी, रात में गिरेगा तापमान
मानसून की विदाई के साथ आसमान साफ होने लगेगा। इसका असर तापमान पर भी दिखाई देगा। अक्टूबर में दिन का तापमान सामान्य से ऊपर रहने की संभावना है, जबकि रात में ठंडक बढ़ेगी। मौसम विभाग के अनुसार, अक्टूबर प्रदेश में मौसम के बदलाव का महीना रहता है। इस दौरान बारिश का असर घटने के साथ दिन में गर्मी और रात में ठंड का अंतर बढ़ने लगता है।
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35.8 इंच बारिश के बाद विदा होगा मानसून
इस मानसून सीजन में मध्य प्रदेश में अब तक 908.4 मिलीमीटर यानी 35.8 इंच बारिश दर्ज हुई है। यह सामान्य बारिश 949.5 मिलीमीटर यानी 37.3 इंच से करीब 1.5 इंच कम है। कुल बारिश सामान्य से करीब 4 प्रतिशत कम रही। पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से 4 प्रतिशत ज्यादा बारिश हुई, जबकि पश्चिमी हिस्से में औसत से 12 प्रतिशत कम पानी गिरा।
इन इलाकों में बारिश का कोटा अब भी कम
पूर्वी हिस्से के बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर और सिवनी में सामान्य से 5 से 21 प्रतिशत तक कम बारिश हुई है। पश्चिमी हिस्से में कमी ज्यादा रही। आलीराजपुर, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 9 से 51 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज हुई है।
25 जिलों में बारिश का कोटा पूरा
प्रदेश के 25 जिलों में सामान्य बारिश का आंकड़ा पूरा हो चुका है। इनमें भोपाल, राजगढ़, बुरहानपुर, खरगोन, कटनी, मंडला, डिंडोरी, ग्वालियर, गुना, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर, आगर-मालवा, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर शामिल हैं।
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जून की कमी मानसून के आखिरी आंकड़े में भी दिखी
प्रदेश में इस बार जून में सामान्य से 14 प्रतिशत कम बारिश हुई थी। जुलाई की शुरुआत में तेज बारिश से आंकड़े में सुधार हुआ, लेकिन इसके बाद मानसून में दो बार ब्रेक आया। कई दिनों तक बारिश नहीं होने से जून की कमी पूरी नहीं हो सकी। सितंबर के आखिरी सप्ताह में बारिश का दौर फिर मजबूत हुआ। जुलाई, अगस्त और सितंबर में बारिश का प्रदर्शन बेहतर रहा, लेकिन शुरुआती कमी की पूरी भरपाई नहीं हो सकी। इसी वजह से पूरे मानसून सीजन में प्रदेश की बारिश सामान्य से करीब 4 प्रतिशत कम रही।
