फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Bhopal News ›   Weather to change after monsoon withdrawal: Rain likely in Eastern MP for two days; nights turning cooler, whi

मानसून की विदाई के बाद बदलेगा मौसम: दो दिन पूर्वी एमपी में बारिश के आसार, रातें ठंडी, दिन में तेज धूप से गर्मी

Mon, 05 Oct 2026 07:14 AM IST
Sandeep Kumar Tiwari न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल Published by: Sandeep Kumar Tiwari Updated Mon, 05 Oct 2026 07:14 AM IST
सार

मानसून की विदाई के बाद प्रदेश में रातें ठंडी और दिन गर्म होने लगे हैं। 7-8 अक्टूबर को पूर्वी हिस्से में फिर गरज-चमक के साथ हल्की बारिश के आसार हैं। पूरे सीजन में 35.8 इंच बारिश हुई, जो सामान्य से चार प्रतिशत कम रही।

विज्ञापन
Weather to change after monsoon withdrawal: Rain likely in Eastern MP for two days; nights turning cooler, whi
मध्य प्रदेश मौसम - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

मध्य प्रदेश से मानसून की विदाई के साथ मौसम ने करवट लेना शुरू कर दिया है। रात के तापमान में लगातार गिरावट से ठंडक बढ़ रही है, जबकि दिन में तेज धूप के कारण गर्मी और उमस का अहसास हो रहा है। अब 7 और 8 अक्टूबर को प्रदेश के पूर्वी हिस्से में एक बार फिर गरज-चमक और आंधी के साथ हल्की बारिश होने के आसार हैं। पिछली तीन रातों में कई शहरों के न्यूनतम तापमान में करीब चार डिग्री तक की गिरावट दर्ज की गई है। अनूपपुर के अमरकंटक में न्यूनतम तापमान 16 डिग्री दर्ज हुआ। इंदौर में भी पारा 18 डिग्री से नीचे पहुंच गया। भोपाल, उज्जैन और पचमढ़ी में भी रात का तापमान गिरा है। इसके उलट दिन में धूप तेज होने से लोगों को गर्मी महसूस हो रही है। मौसम विशेषज्ञ अरुण शर्मा के अनुसार, अक्टूबर में मौसम का मिजाज एक जैसा नहीं रहता। पिछले 10 वर्षों के आंकड़ों में इस महीने बारिश के साथ गर्मी और ठंडक, तीनों का असर देखने को मिला है। इस बार भी अक्टूबर में मौसम में उतार-चढ़ाव बना रहने की संभावना है।
विज्ञापन




दो दिन मौसम रहेगा साफ
मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार 5 और 6 अक्टूबर को प्रदेश में बारिश की संभावना नहीं है। इन दोनों दिन अधिकांश हिस्सों में मौसम साफ रहेगा और दिन में धूप निकलेगी। इसके बाद 7 और 8 अक्टूबर को पूर्वी मध्य प्रदेश में मौसम बदल सकता है। इन दो दिनों में छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश होने के आसार हैं।
विज्ञापन


100 दिन सक्रिय रहा मानसून, फिर भी सामान्य से कम बारिश
इस बार प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून 24 जून को पहुंचा था और 3 अक्टूबर को पूरी तरह विदा हो गया। यानी मानसून करीब 100 दिन सक्रिय रहा। इसके बावजूद पूरे सीजन में बारिश सामान्य आंकड़े तक नहीं पहुंच सकी। प्रदेश में मानसून सीजन के दौरान 908.4 मिलीमीटर यानी 35.8 इंच बारिश हुई, जो सामान्य 949.5 मिलीमीटर यानी 37.3 इंच से करीब 1.5 इंच कम है। कुल बारिश सामान्य से चार प्रतिशत कम रही।
विज्ञापन
विज्ञापन


पूर्वी हिस्से में ज्यादा, पश्चिमी एमपी में कम पानी
बारिश के आंकड़ों में पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश के बीच बड़ा अंतर रहा। पूर्वी हिस्से में सामान्य से करीब चार प्रतिशत ज्यादा बारिश हुई, जबकि पश्चिमी हिस्से में 12 प्रतिशत कम पानी गिरा। पूर्वी हिस्से के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में कुल मिलाकर बारिश सामान्य से ज्यादा रही। इसके बावजूद बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर और सिवनी में सामान्य से 5 से 21 प्रतिशत तक कम बारिश हुई।
पश्चिमी हिस्से में कमी ज्यादा रही। आलीराजपुर, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 9 से 51 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज की गई।

यह भी पढ़ें- टीईटी के खिलाफ प्रदेशभर से शिक्षक पहुंचे भोपाल: बोले-किसी हाल में नहीं देंगे परीक्षा,पुरानी पेंशन भी लागू करें


25 जिलों में बारिश का कोटा पूरा
प्रदेश के 25 जिलों में मानसून के दौरान सामान्य बारिश का आंकड़ा पूरा हो चुका है। इनमें भोपाल, राजगढ़, बुरहानपुर, खरगोन, कटनी, मंडला, डिंडौरी, ग्वालियर, गुना, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर, आगर-मालवा, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर शामिल हैं। इसके विपरीत 30 जिले अब भी सामान्य बारिश से पीछे हैं। इनमें नरसिंहपुर, दमोह, बालाघाट, अशोकनगर, मुरैना, मंदसौर, खंडवा, बड़वानी, नीमच, जबलपुर, रीवा, सागर, देवास, सिवनी, सीहोर, शिवपुरी, रायसेन, छिंदवाड़ा, विदिशा, शाजापुर, पांढुर्णा, इंदौर, उज्जैन, बैतूल, हरदा, नर्मदापुरम, रतलाम, झाबुआ, धार और आलीराजपुर शामिल हैं।

जून की कमी मानसून के अंत तक पूरी नहीं हो सकी
इस सीजन में बारिश का कुल आंकड़ा कम रहने की सबसे बड़ी वजह जून की कमी रही। जून में प्रदेश में सामान्य से 14 प्रतिशत कम बारिश हुई थी। जुलाई की शुरुआत में हुई तेज बारिश से स्थिति कुछ सुधरी, लेकिन बाद में मानसून में दो बार ब्रेक आने से कई दिन बारिश नहीं हुई। सितंबर के आखिरी सप्ताह में बारिश के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनीं और कई इलाकों में अच्छी बारिश हुई। जुलाई, अगस्त और सितंबर में बारिश ने सामान्य आंकड़े को लगभग संभाल लिया, लेकिन जून की कमी पूरी नहीं हो सकी। यही वजह है कि पूरे मानसून सीजन में प्रदेश सामान्य से चार प्रतिशत पीछे रह गया।


:
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed