{"_id":"69e0e92294aa84508d0e1e56","slug":"transparency-in-arrests-mandatory-mp-police-strict-on-supreme-court-s-directive-now-reasons-will-have-to-be-2026-04-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"गिरफ्तारी में पारदर्शिता अनिवार्य: सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों पर MP पुलिस सख्त, अब लिखित में बताने होंगे कारण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गिरफ्तारी में पारदर्शिता अनिवार्य: सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों पर MP पुलिस सख्त, अब लिखित में बताने होंगे कारण
Thu, 16 Apr 2026 07:20 PM IST
Anand Pawar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Anand Pawar
Updated Thu, 16 Apr 2026 07:20 PM IST
सार
मध्य प्रदेश में अब गिरफ्तारी की प्रक्रिया और ज्यादा पारदर्शी होगी। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद पुलिस को हर गिरफ्तारी का कारण लिखित में बताना अनिवार्य कर दिया गया है।
विज्ञापन
पीएचक्यू भोपाल
- फोटो : SOCIAL MEDIA
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के पालन में गिरफ्तारी प्रक्रिया को पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए सभी जिलों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। यह परिपत्र उच्चतम न्यायालय के 6 नवंबर 2025 के आदेश के आधार पर जारी किया गया है, जिसमें स्पष्ट किया गया है कि किसी भी व्यक्ति को गिरफ्तार करते समय उसे गिरफ्तारी के कारण बताना उसका मौलिक अधिकार है। यह अधिकार भारतीय संविधान के अनुच्छेद 22(1) के तहत सुनिश्चित किया गया है।
ये भी पढ़ें- MP Crime: उज्जैन के महाकाल क्षेत्र में अवैध मांस कटाई पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, दो आरोपी गिरफ्तार
नए निर्देशों के अनुसार, अब पुलिस केवल मौखिक जानकारी देकर गिरफ्तारी नहीं कर सकेगी। गिरफ्तार व्यक्ति को लिखित रूप में स्पष्ट कारण देना अनिवार्य होगा। यह जानकारी ऐसी भाषा में दी जाएगी, जिसे वह आसानी से समझ सके। साथ ही यह भी तय किया गया है कि यह लिखित जानकारी गिरफ्तारी के समय या फिर मजिस्ट्रेट के सामने पेश करने से कम से कम दो घंटे पहले उपलब्ध कराई जाए।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- एमपी के कर्मचारियों को राहत: छठे वेतनमान वाले 40 हजार कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 5% बढ़ा, एरियर भी मिलेगा
परिपत्र में यह भी कहा गया है कि इस पूरी प्रक्रिया का उल्लेख गिरफ्तारी पंचनामा और संबंधित दस्तावेजों में दर्ज करना जरूरी होगा। इसके लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) 2023 के प्रावधानों का पालन किया जाएगा। पुलिस मुख्यालय ने साफ किया है कि यदि इन नियमों का पालन नहीं किया गया, तो गिरफ्तारी को अवैध माना जा सकता है। संबंधित अधिकारी के खिलाफ अदालत की अवमानना या विभागीय कार्रवाई भी हो सकती है। इतना ही नहीं, आरोपी को तत्काल रिहाई का अधिकार भी मिल सकता है। यह कदम नागरिकों के अधिकारों की रक्षा और पुलिस व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब सभी पुलिस अधिकारियों को इन निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- MP Crime: उज्जैन के महाकाल क्षेत्र में अवैध मांस कटाई पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, दो आरोपी गिरफ्तार
विज्ञापन
नए निर्देशों के अनुसार, अब पुलिस केवल मौखिक जानकारी देकर गिरफ्तारी नहीं कर सकेगी। गिरफ्तार व्यक्ति को लिखित रूप में स्पष्ट कारण देना अनिवार्य होगा। यह जानकारी ऐसी भाषा में दी जाएगी, जिसे वह आसानी से समझ सके। साथ ही यह भी तय किया गया है कि यह लिखित जानकारी गिरफ्तारी के समय या फिर मजिस्ट्रेट के सामने पेश करने से कम से कम दो घंटे पहले उपलब्ध कराई जाए।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- एमपी के कर्मचारियों को राहत: छठे वेतनमान वाले 40 हजार कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 5% बढ़ा, एरियर भी मिलेगा
परिपत्र में यह भी कहा गया है कि इस पूरी प्रक्रिया का उल्लेख गिरफ्तारी पंचनामा और संबंधित दस्तावेजों में दर्ज करना जरूरी होगा। इसके लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) 2023 के प्रावधानों का पालन किया जाएगा। पुलिस मुख्यालय ने साफ किया है कि यदि इन नियमों का पालन नहीं किया गया, तो गिरफ्तारी को अवैध माना जा सकता है। संबंधित अधिकारी के खिलाफ अदालत की अवमानना या विभागीय कार्रवाई भी हो सकती है। इतना ही नहीं, आरोपी को तत्काल रिहाई का अधिकार भी मिल सकता है। यह कदम नागरिकों के अधिकारों की रक्षा और पुलिस व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब सभी पुलिस अधिकारियों को इन निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
