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Bhopal: अब उपहार की बारी... जीत के सारथी पाएंगे निगम मंडल का ताज, जिम्मेदारी सौंपने की तैयारी जोरों शोरों पर
Tue, 30 Jul 2024 09:58 PM IST
शबाहत हुसैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: शबाहत हुसैन
Updated Tue, 30 Jul 2024 09:58 PM IST
सार
MP: प्रदेश में भाजपा की सरकार स्थापित करने से लेकर लोकसभा चुनाव में शत प्रतिशत परिणाम देने में मददगार बने भाजपा के कर्मठ लोगों के हिस्से जल्दी ही उपहार की सौगात आने वाली है। उपहारों की इस बयार में वे भी उपकृत किए जाएंगे, जिन्होंने अपनी पार्टी कांग्रेस का दामन छोड़कर भाजपा की रीति नीति को स्वीकार किया जा रहा है।
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निगम मंडल
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
निगम मंडलों में जल्दी ही नियुक्तियां हो सकती हैं। निगम मंडल में होने वाली इन नियुक्ति में ऐसे मेहनती कार्यकर्ताओं को उपहार मिल सकता है, जिन्होंने सरकार बनाने में खास भूमिका निभाई है। सूत्रों का कहना है कि इस दौरान कांग्रेस से बीजेपी में आए नेताओं को भी एडजस्ट किया जाएगा। सूत्र बताते हैं कि 15 अगस्त के बाद निगम मंडल में नियुक्ति पर फैसला किया जाएगा।
46 निगम नियुक्तियां निरस्त कर चुकी है सरकार
शिवराज सरकार ने विधानसभा चुनाव के पहले निगम, मंडल, प्राधिकरण और बोर्डों में राजनीतिक नियुक्तियां की थीं। सियासी और क्षेत्रीय समीकरण को देखते हुए यह नियुक्तियां हुई थीं। मोहन सरकार 46 निगम, मंडल, प्राधिकरण और बोर्डों के अध्यक्ष, उपाध्यक्षों की नियुक्तियां निरस्त कर चुकी है। इसके बाद से ही अटकलें लगाई जा रही थीं कि जो बोर्ड रह गए हैं, उनकी नियुक्तियां भी निरस्त होंगे पर संगठन स्तर पर विचार के बाद सरकार ने यह निर्णय लिया है कि विभिन्न समाजों से जुड़े बोर्डों की नियुक्तियां निरस्त नहीं की जाएंगी।
होना है नई नियुक्ति
दरअसल, सरकार ने चुनाव के पहले विश्वकर्मा, स्वर्णकला, कुश, महाराणा प्रताप, जय मीनेश, मां पूरी बाई कीर, देवनारायण सहित अन्य कल्याण बोर्ड गठित तो कर दिए थे पर न तो इन्हें स्टाफ मिला और न ही कार्यालय। काम करने के लिए समय नहीं मिला। इन सभी स्थिति को देखते हुए लोकसभा चुनाव के बाद इनका आकलन करके निर्णय लिया जाएगा। वहीं, जो नियुक्तियां निरस्त की गई हैं, उनके स्थान पर नई नियुक्ति भी जून के बाद की जाएंगी। सबसे पहले भोपाल, इंदौर सहित अन्य शहरों के विकास प्राधिकरणों में नियुक्तियां होंगी ताकि शहरों के विकास से जुड़ी गतिविधियां प्रभावित न हों।
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भोपाल से खान आशु की रिपोर्ट
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46 निगम नियुक्तियां निरस्त कर चुकी है सरकार
शिवराज सरकार ने विधानसभा चुनाव के पहले निगम, मंडल, प्राधिकरण और बोर्डों में राजनीतिक नियुक्तियां की थीं। सियासी और क्षेत्रीय समीकरण को देखते हुए यह नियुक्तियां हुई थीं। मोहन सरकार 46 निगम, मंडल, प्राधिकरण और बोर्डों के अध्यक्ष, उपाध्यक्षों की नियुक्तियां निरस्त कर चुकी है। इसके बाद से ही अटकलें लगाई जा रही थीं कि जो बोर्ड रह गए हैं, उनकी नियुक्तियां भी निरस्त होंगे पर संगठन स्तर पर विचार के बाद सरकार ने यह निर्णय लिया है कि विभिन्न समाजों से जुड़े बोर्डों की नियुक्तियां निरस्त नहीं की जाएंगी।
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होना है नई नियुक्ति
दरअसल, सरकार ने चुनाव के पहले विश्वकर्मा, स्वर्णकला, कुश, महाराणा प्रताप, जय मीनेश, मां पूरी बाई कीर, देवनारायण सहित अन्य कल्याण बोर्ड गठित तो कर दिए थे पर न तो इन्हें स्टाफ मिला और न ही कार्यालय। काम करने के लिए समय नहीं मिला। इन सभी स्थिति को देखते हुए लोकसभा चुनाव के बाद इनका आकलन करके निर्णय लिया जाएगा। वहीं, जो नियुक्तियां निरस्त की गई हैं, उनके स्थान पर नई नियुक्ति भी जून के बाद की जाएंगी। सबसे पहले भोपाल, इंदौर सहित अन्य शहरों के विकास प्राधिकरणों में नियुक्तियां होंगी ताकि शहरों के विकास से जुड़ी गतिविधियां प्रभावित न हों।
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भोपाल से खान आशु की रिपोर्ट
