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MP News: संसदीय बोर्ड में मध्य प्रदेश का दबदबा हुआ कम, यह निकाले जा रहे सियासी मायने

Wed, 17 Aug 2022 04:35 PM IST
Anand Pawar आनंद पवार
Updated Wed, 17 Aug 2022 04:35 PM IST
सार

संसदीय बोर्ड में एक साल पहले दो सदस्य थे, लेकिन अब सिर्फ एक ही सदस्य है। ऐसे में मध्य प्रदेश का दबदबा कम होने को लेकर भी चर्चा तेज है। 

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The dominance of MP in the Parliamentary Board has been reduced, it is being extracted political meaning
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को संसदीय बोर्ड से बाहर कर दिया है। सत्यनारायण जटिया को जगह दी गई है। - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को बीजेपी के सबसे बड़ी और पावर फुल बॉडी संसदीय बोर्ड और चुनावी समिति से बाहर कर दिया है। उनकी जगह सत्यनारायण जटिया को जगह दी गई है। संसदीय बोर्ड में एक साल पहले दो सदस्य थे, लेकिन अब सिर्फ एक ही सदस्य है। ऐसे में मध्य प्रदेश का दबदबा कम होने को लेकर भी चर्चा तेज है। यह निकाले जा रहे सियासी मायने।  
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बीजेपी की चुनाव समिति जहां विधानसभा, लोकसभा उम्मीदवारों के चयन के निर्णय लेती है, वहीं, बीजेपी संसदीय बोर्ड पार्टी के सभी बड़े फैसले लेता है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पिछले करीब पांच साल से बोर्ड के सदस्य थे। अब उनको हटा कर पूर्व केंद्रीय मंत्री और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सत्यनारायण जटिया को जगह दी है। जटिया अटल बिहारी सरकार में केंद्रीय श्रम मंत्री थे। उज्जैन से सांसद रहे जटिया बीजेपी एमपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रहे हैं।
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बता दें जटिया को हटा कर ही मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को 2005 से पहले बीजेपी का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया था। अब उनको संसदीय बोर्ड से बाहर कर जटिया को जगह दी गई है। राजनीतिक पंडितों का कहना है कि 2023 में मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव हैं। इसलिए उनको संसदीय बोर्ड से बाहर कर फ्री हैंड दिया गया है। ताकि प्रदेश के चुनाव कर सकें। वहीं, दूसरी तरफ यह भी कहा जा रहा है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अकेले मुख्यमंत्री थे, जो संसदीय बोर्ड में शामिल थे। इसको लेकर योगी आदित्यनाथ को भी बोर्ड शामिल करने को लेकर कई बार आवाज उठी। ऐसे में पार्टी ने यह फैसला इसलिए भी लिया है कि पार्टी किसी भी मुख्यमंत्री को शामिल नहीं करना चाहती। हालांकि यह भी चर्चा है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ नितिन गडकरी को भी संसदीय बोर्ड से बाहर कर कद कम किया गया। वर्तमान में शिवराज सिंह चौहान बीजेपी के देश में सबसे अधिक समय तक रहने वाले मुख्यमंत्री हैं। 

दलित वर्ग को प्रतिनिधित्व 
मध्य प्रदेश से बीजेपी संसदीय बोर्ड  में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के अलावा अनुसूचित जाति वर्ग से थावरचंद गहलोत भी सदस्य थे। जिनको करीब एक साल पहले कर्नाटक का राज्यपाल बनाने के बाद हटा दिया गया। इसके बाद से प्रदेश से सिर्फ मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ही संसदीय बोर्ड की बैठक में शामिल हो रहे थे। अब दलित वर्ग के ही सत्यनारायण जटिया को जगह दी गई है।
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