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टीईटी आवेदन की आखिरी तारीख: करीब डेढ़ लाख शिक्षक,विरोध के बीच विभाग की बढ़ी चिंता,तीन बार बढ़ानी पड़ी तारीख

Sun, 11 Oct 2026 08:05 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल Published by: Sandeep Kumar Tiwari Updated Sun, 11 Oct 2026 08:05 PM IST
सार

मध्यप्रदेश में सेवारत शिक्षकों की टीईटी के आवेदन की अंतिम तारीख 11 अक्टूबर है। पांच अक्टूबर तक करीब 25 हजार आवेदन आने की जानकारी थी, जबकि परीक्षा के दायरे में लगभग डेढ़ लाख शिक्षक आ सकते हैं। शिक्षक संगठन परीक्षा की अनिवार्यता, सेवा अवधि और नौकरी की सुरक्षा पर स्पष्ट निर्णय की मांग कर रहे हैं। आंदोलन 20 दिसंबर तक स्थगित है, लेकिन मांगों का अंतिम समाधान बाकी है।

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TET application deadline: Department concerned as around 150,000 teachers protest; deadline had to be extended
डीपीआई - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

 मध्यप्रदेश में सेवारत शिक्षकों की शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) के आवेदन की अंतिम तारीख रविवार, 11 अक्टूबर को समाप्त हो रही है। इसके बावजूद परीक्षा को लेकर शिक्षकों की नाराजगी और आवेदन की कम संख्या शिक्षा विभाग के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।  25  हजार आवेदन आने की जानकारी सामने आई है, जबकि परीक्षा के दायरे में लगभग डेढ़ लाख शिक्षक आ सकते हैं। आवेदन की कम संख्या के चलते तारीख पहले भी बढ़ाई गई और अब अंतिम दिन तक शिक्षकों के रुख पर नजर है। मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल ने प्राथमिक और माध्यमिक कक्षाओं में पढ़ा रहे शिक्षकों के लिए 21 अगस्त से आवेदन प्रक्रिया शुरू की थी। आवेदन की अंतिम तारीख पहले 18 सितंबर, फिर 5 अक्टूबर और इसके बाद 11 अक्टूबर की गई। आवेदन में संशोधन के लिए 12 अक्टूबर तक का समय निर्धारित किया गया है। हालांकि, आवेदन की अंतिम संख्या का आधिकारिक आंकड़ा अभी उपलब्ध नहीं है।
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सेवा सुरक्षा और परीक्षा की अनिवार्यता पर सवाल
शिक्षक संगठनों का कहना है कि लंबे समय से सरकारी स्कूलों में सेवाएं दे रहे शिक्षकों को दोबारा पात्रता परीक्षा के दायरे में लाने से उनके भविष्य को लेकर असमंजस है। संगठन चाहते हैं कि सरकार पहले यह स्पष्ट करे कि किन शिक्षकों को परीक्षा देना अनिवार्य है और उनकी सेवा अवधि, वरिष्ठता तथा नौकरी की सुरक्षा पर इसका क्या असर पड़ेगा। राज्य शिक्षक संघ मध्यप्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष जगदीश यादव का कहना है कि जब तक शिक्षकों की मांगों पर ठोस निर्णय नहीं होता, तब तक परीक्षा को लेकर उनकी आपत्तियां बनी रहेंगी। वहीं, शासकीय शिक्षक संगठन मध्यप्रदेश के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष उपेंद्र कौशल ने भी शिक्षकों की सेवा सुरक्षा और भविष्य से जुड़े सवालों के समाधान की जरूरत बताई है।
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तीन प्रमुख मांगों को लेकर विरोध
शिक्षक संगठनों की प्रमुख मांगों में सेवारत शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से राहत देना, सेवा अवधि की गणना पहली नियुक्ति की तारीख से करना और ई-अटेंडेंस की अनिवार्यता समाप्त करना शामिल है। संगठनों का तर्क है कि वर्षों तक सेवा देने के बाद शिक्षकों को फिर परीक्षा के दायरे में लाने से पहले सरकार को उनकी स्थिति और नियमों को लेकर स्पष्टता देनी चाहिए।
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आंदोलन स्थगित, लेकिन मुद्दे का समाधान बाकी
टीईटी की अनिवार्यता के विरोध में भोपाल के नीलम पार्क में चल रहा शिक्षकों का आंदोलन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात के बाद 20 दिसंबर तक स्थगित किया गया है। सरकार की ओर से शिक्षकों की मांगों को केंद्र के समक्ष उठाने और सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामले में पक्ष रखने का आश्वासन दिए जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, आंदोलन स्थगित होने के बावजूद टीईटी की अनिवार्यता और सेवा संबंधी मांगों पर अंतिम निर्णय होना बाकी है।


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अब आवेदन के आंकड़ों पर नजर
आवेदन की अंतिम तारीख पर शिक्षा विभाग और शिक्षक संगठनों की नजर रहेगी। पांच अक्टूबर तक सामने आए करीब 25 हजार आवेदनों के आंकड़े ने यह सवाल खड़ा किया था कि परीक्षा के दायरे में आने वाले शिक्षकों में से कितने आवेदन करेंगे। अंतिम दिन कितने शिक्षक फॉर्म भरते हैं, इससे विरोध के बीच परीक्षा को लेकर शिक्षकों के रुख का अंदाजा लग सकेगा।


 
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