{"_id":"6a70a60b2d30ab525a03c2d8","slug":"sealing-drive-in-bhopal-put-on-hold-for-now-residents-to-present-their-case-before-the-supreme-court-congres-2026-08-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"भोपाल में सीलिंग पर फिलहाल रोक: रहवासी सुप्रीम कोर्ट में रखेंगे अपना पक्ष, कांग्रेस बोली लागू हो मास्टर प्लान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भोपाल में सीलिंग पर फिलहाल रोक: रहवासी सुप्रीम कोर्ट में रखेंगे अपना पक्ष, कांग्रेस बोली लागू हो मास्टर प्लान
Mon, 03 Aug 2026 08:16 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
Published by: Sandeep Kumar Tiwari
Updated Mon, 03 Aug 2026 08:16 PM IST
सार
भोपाल के अरेरा कॉलोनी, बावड़ियाकलां समेत कई आवासीय इलाकों में व्यावसायिक गतिविधियों पर नगर निगम की सीलिंग कार्रवाई फिलहाल रोक दी गई है। सरकार ने व्यापारियों को अस्थायी राहत दी है, लेकिन रहवासियों ने इसका विरोध करते हुए 4 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में अपना पक्ष रखने की बात कही है। कांग्रेस ने 20 साल से लंबित भोपाल मास्टर प्लान जल्द लागू करने और मिक्स लैंड यूज नीति पर विचार करने की मांग की है।
विज्ञापन
रहवासी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
भोपाल के अरेरा कॉलोनी, बावड़ियाकलां, रोहित नगर सहित कई आवासीय क्षेत्रों में अवैध व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ नगर निगम की सीलिंग कार्रवाई फिलहाल रोक दी गई है। राज्य सरकार द्वारा व्यापारियों को अस्थायी राहत दिए जाने के फैसले के बाद अब रहवासियों ने इसका विरोध तेज कर दिया है। संयुक्त रहवासी संघर्ष समिति ने साफ किया है कि 4 अगस्त को होने वाली सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई में वे अपना पक्ष मजबूती से रखेंगे।
रहवासियों का दावा- सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन नहीं हुआ
अरेरा कॉलोनी निवासी विवेक त्रिपाठी ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के बाद नगर निगम ने जिन अवैध व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को सील करने के नोटिस जारी किए थे, उन पर अपेक्षित कार्रवाई पूरी नहीं की गई। उनका कहना है कि आवासीय क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियां नियमों के खिलाफ हैं और अदालत में इसी आधार पर पक्ष रखा जाएगा।
कांग्रेस ने सरकार को घेरा, मास्टर प्लान लागू करने की मांग
कांग्रेस विधायक आतिफ अकील ने कहा कि दो दशक से भोपाल का नया मास्टर प्लान लागू नहीं हो सका है। ऐसे में व्यापारियों को दोषी ठहराना उचित नहीं है। उन्होंने सरकार से जल्द मास्टर प्लान लागू करने की मांग करते हुए कहा कि गुजरात की तर्ज पर 'मिक्स लैंड यूज' जैसी व्यवस्था अपनाई जाए, जिससे व्यापारियों और रहवासियों दोनों के हितों का संतुलन बन सके।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री ने बनाई उच्च स्तरीय समिति
विवाद बढ़ने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार शाम जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में फिलहाल सीलिंग कार्रवाई पर राहत देने का निर्णय लिया गया। साथ ही पूरे मामले की समीक्षा के लिए उच्च स्तरीय समिति गठित करने के निर्देश दिए गए। समिति सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का अध्ययन कर पूरे मामले की जांच करेगी और अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि रिपोर्ट आने तक व्यापारियों को घबराने की आवश्यकता नहीं है।
समिति में वरिष्ठ अधिकारी शामिल
समिति की अध्यक्षता नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अपर मुख्य सचिव करेंगे। इसमें सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग, श्रम विभाग, नगरीय प्रशासन, नगर एवं ग्राम निवेश, पर्यावरण विभाग, प्रदूषण नियंत्रण मंडल सहित अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी सदस्य होंगे। भोपाल कलेक्टर और नगर निगम आयुक्त को विशेष आमंत्रित सदस्य बनाया गया है।
यह भी पढ़ें-दतिया जीत के बाद कांग्रेस का हमला: पटवारी बोले- बदलाव का शंखनाद, उमंग, कमलनाथ और दिग्विजय ने भी साधा निशाना
रहवासी पहले ही निकाल चुके हैं पैदल मार्च
सरकार के फैसले से पहले रविवार को अरेरा कॉलोनी, रोहित नगर, बावड़ियाकलां समेत कई क्षेत्रों के रहवासी संयुक्त रहवासी संघर्ष समिति के बैनर तले सड़कों पर उतरे थे। पैदल मार्च निकालकर लोगों ने आवासीय इलाकों में बढ़ती व्यावसायिक गतिविधियों का विरोध किया और नगर निगम से सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार सख्त कार्रवाई की मांग की।
विज्ञापन
रहवासियों का दावा- सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन नहीं हुआ
अरेरा कॉलोनी निवासी विवेक त्रिपाठी ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के बाद नगर निगम ने जिन अवैध व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को सील करने के नोटिस जारी किए थे, उन पर अपेक्षित कार्रवाई पूरी नहीं की गई। उनका कहना है कि आवासीय क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियां नियमों के खिलाफ हैं और अदालत में इसी आधार पर पक्ष रखा जाएगा।
विज्ञापन
कांग्रेस ने सरकार को घेरा, मास्टर प्लान लागू करने की मांग
कांग्रेस विधायक आतिफ अकील ने कहा कि दो दशक से भोपाल का नया मास्टर प्लान लागू नहीं हो सका है। ऐसे में व्यापारियों को दोषी ठहराना उचित नहीं है। उन्होंने सरकार से जल्द मास्टर प्लान लागू करने की मांग करते हुए कहा कि गुजरात की तर्ज पर 'मिक्स लैंड यूज' जैसी व्यवस्था अपनाई जाए, जिससे व्यापारियों और रहवासियों दोनों के हितों का संतुलन बन सके।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री ने बनाई उच्च स्तरीय समिति
विवाद बढ़ने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार शाम जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में फिलहाल सीलिंग कार्रवाई पर राहत देने का निर्णय लिया गया। साथ ही पूरे मामले की समीक्षा के लिए उच्च स्तरीय समिति गठित करने के निर्देश दिए गए। समिति सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का अध्ययन कर पूरे मामले की जांच करेगी और अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि रिपोर्ट आने तक व्यापारियों को घबराने की आवश्यकता नहीं है।
समिति में वरिष्ठ अधिकारी शामिल
समिति की अध्यक्षता नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अपर मुख्य सचिव करेंगे। इसमें सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग, श्रम विभाग, नगरीय प्रशासन, नगर एवं ग्राम निवेश, पर्यावरण विभाग, प्रदूषण नियंत्रण मंडल सहित अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी सदस्य होंगे। भोपाल कलेक्टर और नगर निगम आयुक्त को विशेष आमंत्रित सदस्य बनाया गया है।
यह भी पढ़ें-दतिया जीत के बाद कांग्रेस का हमला: पटवारी बोले- बदलाव का शंखनाद, उमंग, कमलनाथ और दिग्विजय ने भी साधा निशाना
रहवासी पहले ही निकाल चुके हैं पैदल मार्च
सरकार के फैसले से पहले रविवार को अरेरा कॉलोनी, रोहित नगर, बावड़ियाकलां समेत कई क्षेत्रों के रहवासी संयुक्त रहवासी संघर्ष समिति के बैनर तले सड़कों पर उतरे थे। पैदल मार्च निकालकर लोगों ने आवासीय इलाकों में बढ़ती व्यावसायिक गतिविधियों का विरोध किया और नगर निगम से सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार सख्त कार्रवाई की मांग की।
