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World Champions: महिला अंडर-19 विश्वकप विजेता टीम में भोपाल की सौम्या, पिता ने बताया कोच ने क्यों किया था मना
Sun, 29 Jan 2023 10:20 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Sun, 29 Jan 2023 10:20 PM IST
सार
Women's Under-19 World Cup: भोपाल की 17 वर्षीय सौम्या तिवारी ने भी अपने बल्ले से खेल दिखाया और 24 रन की पानी खेली। सौम्या का जन्म भोपाल में ही हुआ है।
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टीम के जीतते ही खुशी से उछल पड़े सौम्या के पिता मनीष तिवारी।
- फोटो : अमर उजाला
भारत ने पहला अंडर-19 विमेंस क्रिकेट वर्ल्ड कप जीत लिया है। विश्व कप जीतने वाली टीम में भोपाल की 17 वर्षीय सौम्या तिवारी ने भी अपने बल्ले से खेल दिखाया और 24 रन की पानी खेली। सौम्या का जन्म भोपाल में ही हुआ है। उनके पिता मनीष तिवारी भोपाल कलेक्ट्रेट की इलेक्शन शाखा में पदस्थ हैं। मनीष तिवारी ने बेटी की जीत पर कहा कि वे फूले नहीं समा रहे हैं। उन्होंने सौम्या की सफलता पर कहा कि यह उसके संघर्ष और समर्पण का परिणाम है। यही कारण है कि उसने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। अंडर-19 महिला विश्वकप की सदस्य सौम्या तिवारी के घर में खुशियां मनाई गई। माता-पिता ने एक-दूसरे का मुंह मीठा करा कर जश्न मनाया। पिता बोले यह गर्व का क्षण, बेटी ने गौरव बढ़ा दिया।
मैच के दौरान पूरे समय टीवी के सामने जमा रहा परिवार।
- फोटो : अमर उजाला
पिता पर नहीं बनी बोझ
तिवारी ने बताया कि उनकी बेटी कम संसाधनों में ही प्रैक्टिस करती थी। कभी महंगे जूते, बैट की डिमांड नहीं की। अपनी आर्थिक स्थिति के अनुसार ही बैट और जूते से प्रैक्टिस करती थी। तिवारी ने कहा कि कभी हम पर बोझ नहीं बनी। अपने परफार्मेंस के अनुसार वह अपने आपको तैयार करती गई।
बताया हेयरस्टाइल नहीं, इस वजह से किया था मना
बॉयकट हेयरकट के कारण सौम्या को क्रिकेट की कोचिंग देने से मना करने पर मनीष तिवारी ने बताया कि ऐसा नहीं है। सौम्या शुरू से ही बॉयकट हेयरकट रखती है। जब उसको एकेडमी में भर्ती करने गए तो उसे कोचिंग देने से मना किया गया था। इसका कारण वहां लड़कियों को कोचिंग नहीं होना था। बॉयकट के कारण मना करना सही नहीं है।
तिवारी ने बताया कि उनकी बेटी कम संसाधनों में ही प्रैक्टिस करती थी। कभी महंगे जूते, बैट की डिमांड नहीं की। अपनी आर्थिक स्थिति के अनुसार ही बैट और जूते से प्रैक्टिस करती थी। तिवारी ने कहा कि कभी हम पर बोझ नहीं बनी। अपने परफार्मेंस के अनुसार वह अपने आपको तैयार करती गई।
बताया हेयरस्टाइल नहीं, इस वजह से किया था मना
बॉयकट हेयरकट के कारण सौम्या को क्रिकेट की कोचिंग देने से मना करने पर मनीष तिवारी ने बताया कि ऐसा नहीं है। सौम्या शुरू से ही बॉयकट हेयरकट रखती है। जब उसको एकेडमी में भर्ती करने गए तो उसे कोचिंग देने से मना किया गया था। इसका कारण वहां लड़कियों को कोचिंग नहीं होना था। बॉयकट के कारण मना करना सही नहीं है।
17 वर्षीय सौम्या तिवारी का जन्म भोपाल में ही हुआ है।
- फोटो : सोशल मीडिया
मैच से पहले बेटी से की थी बात
मनीष तिवारी ने बताया कि मैच से पहले बेटी ने कॉल कर बात की थी। सौम्या ने बताया था कि ग्राउंड में जा रही हूं। उस समय बेटी से ज्यादा बात नहीं हुई, लेकिन सुबह डिटेल में बात की थी। उस समय सौम्या ने बताया था कि हमारी टीम ने पूरी प्लानिंग और डिस्कस किया है। तिवारी ने बताया कि घर में उनकी मां सबह से ही पूजा पाठ कर रही थी।
बेटे और बेटी में ना करें अंतर
दो बेटियों के पिता मनीष तिवारी ने बेटियों के लिए संदेश दिया कि बेटी और बेटे में कोई अंतर ना करें। बेटियां बेटी से कम नहीं हैं। मैं यहीं कहना चाहता हूं कि बेटियां जो करना चाहती हैं उन्हें करने दिया जाए। उनके साथ टोका टाकी ना की जाए। वे सब कुछ करके दिखाएंगी।
मनीष तिवारी ने बताया कि मैच से पहले बेटी ने कॉल कर बात की थी। सौम्या ने बताया था कि ग्राउंड में जा रही हूं। उस समय बेटी से ज्यादा बात नहीं हुई, लेकिन सुबह डिटेल में बात की थी। उस समय सौम्या ने बताया था कि हमारी टीम ने पूरी प्लानिंग और डिस्कस किया है। तिवारी ने बताया कि घर में उनकी मां सबह से ही पूजा पाठ कर रही थी।
बेटे और बेटी में ना करें अंतर
दो बेटियों के पिता मनीष तिवारी ने बेटियों के लिए संदेश दिया कि बेटी और बेटे में कोई अंतर ना करें। बेटियां बेटी से कम नहीं हैं। मैं यहीं कहना चाहता हूं कि बेटियां जो करना चाहती हैं उन्हें करने दिया जाए। उनके साथ टोका टाकी ना की जाए। वे सब कुछ करके दिखाएंगी।
