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विस में उठा सहारा घोटाला: प्रदेश के निवेशकों के 6,689 करोड़ फंसे, अब तक 355 करोड़ की ही वापसी

Wed, 25 Feb 2026 08:20 PM IST
आनंद पवार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: आनंद पवार Updated Wed, 25 Feb 2026 08:20 PM IST
सार

विधानसभा में सहारा समूह में फंसे हजारों करोड़ रुपये का मुद्दा उठा। सरकार ने बताया कि 6,689 करोड़ में से अब तक केवल 355 करोड़ रुपये ही निवेशकों को लौटाए जा सके हैं।

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Sahara scam raised in Vidhan Sabha: 6,689 crore rupees of state investors stuck, only 355 crores returned so f
विधानसभा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

विधानसभा के बजट सत्र में सहारा समूह से जुड़े निवेशकों की राशि का मुद्दा जोरदार तरीके से उठा। सरकार ने सदन में जानकारी दी कि प्रदेश के निवेशकों के कुल 6,689 करोड़ रुपये सहारा योजनाओं में फंसे हुए थे, जिनमें से अब तक केवल 355 करोड़ रुपये ही लौटाए जा सके हैं। विपक्ष ने इस पर सवाल उठाते हुए इसे लगभग पांच प्रतिशत रिकवरी बताया। 
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बजट सत्र के आठवें दिन बुधवार को कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने प्रश्नकाल में यह मुद्दा उठाया। उनके सवाल के जवाब में राज्यमंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने बताया कि सहारा से जुड़े मामलों में चार प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। हालांकि, जयवर्धन सिंह ने दावा किया कि पिछले छह वर्षों में कुल 123 एफआईआर दर्ज हुई हैं और कई मामलों में कार्रवाई लंबित है। उन्होंने यह भी कहा कि गृह विभाग के पास समग्र जानकारी उपलब्ध नहीं है।
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लाखों निवेशक अब भी पैसे के इंतजार में 
मंत्री पटेल ने सदन को बताया कि सहारा समूह की निवेश योजनाओं में बड़ी संख्या में छोटे निवेशकों ने अपनी गाढ़ी कमाई लगाई थी। इस मामले में उच्च न्यायालय में रिट याचिकाएं दायर की गई थीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश से संबंधित सभी प्राथमिकी मुरैना जिले में दर्ज की गई हैं और उन्हें मुख्य एफआईआर के साथ समेकित किया गया है। मंत्री ने दोहराया कि 6,689 करोड़ रुपये की राशि में से 355 करोड़ रुपये निवेशकों को वितरित किए जा चुके हैं। इस पर जयवर्धन सिंह ने सरकार से पूछा कि शेष राशि की वसूली के लिए क्या ठोस योजना बनाई गई है। उन्होंने कहा कि रिकवरी की रफ्तार बेहद धीमी है और लाखों निवेशक अब भी अपने पैसे का इंतजार कर रहे हैं।


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9 लाख से अधिक निवेशकों के पैसे फंसे 
सदन में जानकारी दी गई कि सहारा इंडिया समूह में मध्य प्रदेश के 9 लाख से अधिक छोटे मध्यम दैनिक रोजगार वाले निवेशकों की कमाई फंसी हुई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार लगभग 1 लाख 55 हजार आवेदकों के आवेदन ही प्रक्रिया में लिए गए हैं, जबकि हजारों निवेशक अब भी न्याय की प्रतीक्षा में हैं। जयवर्द्धन सिंह ने सरकार से मांग की है कि सहारा समूह से संबंधित सभी लंबित दावों की समयबद्ध जांच हो। प्रदेश के निवेशकों को शीघ्र भुगतान सुनिश्चित किया जाए। दर्ज सभी एफआईआर की पूर्ण सूची सार्वजनिक की जाए और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी प्रदेश के लाखों पीड़ित निवेशकों के साथ खड़ी है और उनके अधिकारों के लिए सड़क से सदन तक संघर्ष जारी रखेगी।

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कोर्ट के निर्देशों के अनुसार कार्रवाई हो रही 
जवाब में मंत्री पटेल ने कहा कि यह मामला सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के तहत आगे बढ़ रहा है और उसी के अनुरूप कार्रवाई की जा रही है। संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भी इसे न्यायालय से जुड़ा विषय बताते हुए कहा कि सरकार अदालत के आदेशों के अनुसार ही कदम उठा सकती है। उन्होंने कहा कि शासन की कुछ सीमाएं होती हैं और अंतिम निर्णय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के आधार पर ही लिए जाते हैं।
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