MP: नर्मदापुरम में 7 दिसं को रीजनल इन्वेस्टर्स समिट,CM बोले-IT, MSME समेत सभी सेक्टर को बढ़ावा देने पर ध्यान
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि नर्मदापुरम में सात दिसंबर को रीजनल इन्वेसटर्स समिट का आयोजन कयिा जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करना है ताकि उन्हें राज्य से बाहर न जाना पड़े।
विस्तार
फरवरी में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की तैयारी
मुख्यमंत्री यादव ने जानकारी दी कि वे फरवरी में मध्यप्रदेश में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के लिए ब्रिटेन और जर्मनी का दौरा करेंगे। इस यात्रा के दौरान वे विदेशी निवेशकों से मिलकर उन्हें प्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित करेंगे। उन्होंने बताया कि यह समिट राज्य में औद्योगिक विकास के लिए एक महत्वपूर्ण मंच साबित होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की पूरी कोशिश है कि प्रदेश के युवाओं को रोजगार के लिए राज्य के बाहर न जाना पड़े। इसके लिए राज्य सरकार नए उद्योगों और निवेश की संभावनाओं को प्रोत्साहित करने में जुटी है।
"वन नेशन, वन इलेक्शन" का समर्थन
चुनावों के बारे में बात करते हुए मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के "वन नेशन, वन इलेक्शन" के विचार का समर्थन किया और कहा कि बार-बार चुनाव से ध्यान भटकता है। उन्होंने यह भी विश्वास जताया कि भाजपा महाराष्ट्र, झारखंड और मध्यप्रदेश के उपचुनावों में जीत हासिल करेगी। मुख्यमंत्री यादव ने बताया कि वे झारखंड में तीन जनसभाओं को संबोधित करेंगे और वहां से सीधे विजयपुर रवाना होंगे।
#WATCH | Bhopal: Madhya Pradesh CM Mohan Yadav says, "...A division-level Investors Summit is scheduled to be held in Narmadapuram on 7th December. Through this, investors will be connected to the possibilities in Naramdapuram and we will work for the economic betterment of the… pic.twitter.com/99eyRfWrww
— ANI (@ANI) November 10, 2024
औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन के लिए प्रदेश में सिंगल विंडो सिस्टम
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने उद्योग क्षेत्र के लिये वर्ष 2024-25 में 4 हजार 190 करोड़ रुपए का प्रावधान रखा है। औद्योगिक निवेश को प्रोत्सहन देने के लिये प्रदेश में सिंगल विंडो सिस्टम, निवेश प्रोत्सहन और कस्टमाइज पैकेज जैसी सुविधाएं प्रदान की गई हैं। नये निवेशकों को उद्योग मित्र नीतियों के साथ सरल और सुगम निवेश प्रक्रिया सुनिश्चित की जा रही है। उद्योगों को बढ़ावा देने के लिये प्रदेश के प्रत्येक जिले में इन्वेस्टमेंट फैसिलिटेशन सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं। कई जिलों में शुरू भी हो चुके हैं। उद्योगों को बढ़ावा देने के लिये इन सेंटर में जिला कलेक्टर्स को नोडल अधिकारी बनाया गया है।
2.76 लाख रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में औद्योगिक निवेश और रोजगार सृजन के लिये पिछले 8 माह में जो प्रयास हुए, उसमें उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर, सागर और रीवा में हुई रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव एवं मुंबई, कोयंबटूर, बैंगलुरू और कोलकाता में हुए रोड-शो के साथ हुए इंटरेक्टिव सेशन के काफी सकारात्मक परिणाम प्राप्त हुए हैं। इनमें विभिन्न सेक्टर्स में 2 लाख 76 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिससे 3 लाख 28 हजार 670 रोजगार के अवसर सृजित होंगे। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश वर्ष 2025 को उद्योग वर्ष के रूप में मनाएगा। इस वर्ष 7-8 फरवरी 2025 को भोपाल में दो दिवसीय ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश न सिर्फ औद्योगिक हब बन रहा है बल्कि हर क्षेत्र में उन्नति का मार्ग भी प्रशस्त कर रहा है। प्रदेश में बेहतर कनेक्टिविटी, उद्योग अनुकूल नीतियों और मजबूत अधोसंरचना से मध्यप्रदेश निवेशकों की पहली पसंद बन रहा है।
