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Ramadan: इबादत की खास लज्जतें, शब ए कद्र की तलाश में जुटे अकीदतमंद, कर रहे रतजगे

Thu, 04 Apr 2024 01:17 PM IST
उदित दीक्षित न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: उदित दीक्षित Updated Thu, 04 Apr 2024 01:17 PM IST
सार

माह ए रमजान का आखिरी जुमा इस शुक्रवार को अदा किया जाएगा। राजधानी भोपाल में इस दिन को खास उत्साह से मनाया जाता है। यहां इसे छोटी ईद भी कहते हैं। जिसके चलते लोग इस दिन नए कपड़े पहनकर नमाज अदा करने जाते हैं।

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Ramadan: Special blessings of worship devotees are busy in search of Shab-e-Qadr
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

माह ए रमजान का आखिरी अशरा। खास इबादत वाली रातों का सिलसिला। तीसरी रात आज है। दो रातें अभी बाकी हैं। शब ए कद्र की तलाश में जुटे अकीदतमंद सारी रात जागकर इबादतें कर रहे हैं। इस खास रात में आसमानी किताब कुरआन नाजिल (अवतरित) होने से इस रात में की गई दुआओं के कुबूल होने, बाकी रातों की बनिस्बत इस रात की इबादत का सवाब (पुण्य) कई गुना ज्यादा होने के कारण यह मशक्कत की जा रही है। आखिरी अशरे में समाहित इन पांचों रातों की इबादत की लज्जत उठाने की मंशा के साथ बड़ी तादाद में अकीदतमंद अहतेकाफ (एकांतवास) में भी बैठे हैं, ताकि वे इन रातों के रतजगे भी आसानी से कर सकें और ज्यादा से ज्यादा इबादत भी कर सकें।

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इस्लामी मान्यता के मुताबिक माह ए रमजान में एक ऐसी खास रात का जिक्र है, जिसे शब ए कद्र कहा गया है। इस खास रात को लेकर कई फजीलतें (लाभ) बताए गए हैं। जिसके चलते इस रात में खास इबादतें करने की परंपरा है। रमजान माह के आखिरी अशरे में होने वाली शब ए कद्र के लिए कोई एक निश्चित रात की धारणा नहीं है। बल्कि इसके लिए इस महीने की 21, 23,  25, 27 और 29वीं रात में से किसी एक रात के होने की बात इस्लामी किताबों में कही गई है।
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दो रात गुजरी, तीन बाकी
रमजान महीने के 24 रोजे पूरे हो चुके हैं। 21 और 23वीं रात गुजर जाने के बाद 25वीं शब गुरुवार की रात को मनाई जाएगी। इसके बाद 27 और 29वीं रात को भी खास इबादत में गुजारा जाएगा। 
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खास उत्साह वाली रात
आखिरी अशरे की पांच रातों में शामिल 27वीं शब को शब ए कद्र की निशानियों के करीब माना गया है। इसलिए इस रात में अकीदतमंद कसरत से इबादत करते हैं। पूरे माह में घरों में पढ़े जाने वाले कुरआन का मुकम्मल भी इसी रात में करने की परंपरा है। साथ ही अधिकांश मस्जिदों में होने वाली तरावीह का समापन भी इसी रात किया जाता है। प्रदेश के मालवा निमाड़ क्षेत्र में ज्यादातर स्थानों पर इस रात दरगाहों और कब्रिस्तान जाकर फातेहा पढ़ने का रिवाज भी है। 


अब अलविदा जुमा 
माह ए रमजान का आखिरी जुमा इस शुक्रवार को अदा किया जाएगा। राजधानी भोपाल में इस दिन को खास उत्साह से मनाया जाता है। यहां इसे छोटी ईद भी कहते हैं। जिसके चलते लोग इस दिन नए कपड़े पहनकर नमाज अदा करने जाते हैं।

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