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रेलवे अलर्ट: ट्रेन में रील देखना और गाने बजाना अब पड़ेगा महंगा, एक हजार जुर्माना,6 महीने की जेल तक का प्रावधान
Wed, 28 Oct 2026 05:42 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
Published by: Sandeep Kumar Tiwari
Updated Wed, 28 Oct 2026 05:42 PM IST
सार
भोपाल मंडल रेलवे ने ट्रेन में तेज आवाज में गाने, वीडियो और रील चलाने वाले यात्रियों को सतर्क किया है। ईयरफोन इस्तेमाल करने और सहयात्रियों की सुविधा का ध्यान रखने की अपील की गई है। संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत 1000 रुपये तक जुर्माना या छह महीने तक की कैद का प्रावधान बताया गया है।
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रेलवे का अलर्ट
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
ट्रेन में सफर के दौरान मोबाइल पर तेज आवाज में गाने सुनना, रील देखना या वीडियो चलाना अब महंगा पड़ सकता है। सहयात्रियों की नींद और सुकून में खलल डालने वाले यात्रियों पर रेलवे नियमों के तहत कार्रवाई हो सकती है। पश्चिम मध्य रेलवे के भोपाल मंडल ने यात्रियों को चेताया है कि मोबाइल का इस्तेमाल करते समय दूसरों की सुविधा का ध्यान रखें। संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत निर्धारित परिस्थितियों में 1000 रुपये तक जुर्माना, छह महीने तक की कैद या दोनों का प्रावधान बताया गया है।
रील देखने के शौक में न फंस जाएं कानूनी पचड़े में
ट्रेन के कोच में कई यात्री लंबी दूरी तय करते हैं। ऐसे में किसी यात्री का मोबाइल पर तेज आवाज में गाने बजाना, वीडियो देखना या स्पीकर पर ऑडियो चलाना दूसरे यात्रियों के लिए परेशानी बन सकता है। रेलवे ने इसी तरह के व्यवहार को लेकर जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया है। रेलवे के मुताबिक, यात्रियों को मोबाइल पर मनोरंजन के लिए ईयरफोन का इस्तेमाल करना चाहिए। तेज आवाज में रिंगटोन बजाने और फोन पर ऊंची आवाज में बात करने से भी बचना चाहिए। खासकर रात के समय और वातानुकूलित कोचों में शोर दूसरे यात्रियों की नींद में खलल डाल सकता है।
किस नियम के तहत हो सकती है कार्रवाई?
भोपाल मंडल ने जन विश्वास (संशोधन प्रावधान) अधिनियम, 2026 के तहत रेलवे अधिनियम, 1989 की धारा 145 में किए गए संशोधनों का हवाला देते हुए नियमों के पालन की अपील की है। रेलवे परिसर में यात्रियों की सुविधा प्रभावित करने वाले व्यवहार पर संबंधित कानूनी प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है। हालांकि, जुर्माने या कारावास का प्रावधान लागू होने की स्थिति संबंधित कानूनी शर्तों पर निर्भर करेगी। इसलिए केवल मोबाइल चलाने के बजाय यह ध्यान रखना जरूरी है कि उसकी आवाज से दूसरे यात्रियों को परेशानी न हो।
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यह भी पढ़ें-भोपाल में आगजनी के बाद जागा प्रशासन: आईएसबीटी में लगेंगे फायर हाइड्रेंट,महीनों से खड़ी बसें हटेंगी,और कई बदलाव
रेलवे अधिकारी ने यात्रियों से क्या कहा?
भोपाल मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ कटारिया ने यात्रियों से अपील की है कि वे सफर के दौरान जिम्मेदारी से मोबाइल का इस्तेमाल करें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक यात्री को सहयात्रियों की सुविधा, आराम और निजता का ध्यान रखना चाहिए। ईयरफोन का उपयोग करने और तेज आवाज में स्पीकर चलाने से बचने जैसे छोटे कदम यात्रा को अधिक सुविधाजनक बना सकते हैं। रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे नियमों का पालन करें और अपने मनोरंजन के कारण दूसरों की यात्रा को परेशानी भरा न बनाएं।
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रील देखने के शौक में न फंस जाएं कानूनी पचड़े में
ट्रेन के कोच में कई यात्री लंबी दूरी तय करते हैं। ऐसे में किसी यात्री का मोबाइल पर तेज आवाज में गाने बजाना, वीडियो देखना या स्पीकर पर ऑडियो चलाना दूसरे यात्रियों के लिए परेशानी बन सकता है। रेलवे ने इसी तरह के व्यवहार को लेकर जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया है। रेलवे के मुताबिक, यात्रियों को मोबाइल पर मनोरंजन के लिए ईयरफोन का इस्तेमाल करना चाहिए। तेज आवाज में रिंगटोन बजाने और फोन पर ऊंची आवाज में बात करने से भी बचना चाहिए। खासकर रात के समय और वातानुकूलित कोचों में शोर दूसरे यात्रियों की नींद में खलल डाल सकता है।
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किस नियम के तहत हो सकती है कार्रवाई?
भोपाल मंडल ने जन विश्वास (संशोधन प्रावधान) अधिनियम, 2026 के तहत रेलवे अधिनियम, 1989 की धारा 145 में किए गए संशोधनों का हवाला देते हुए नियमों के पालन की अपील की है। रेलवे परिसर में यात्रियों की सुविधा प्रभावित करने वाले व्यवहार पर संबंधित कानूनी प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है। हालांकि, जुर्माने या कारावास का प्रावधान लागू होने की स्थिति संबंधित कानूनी शर्तों पर निर्भर करेगी। इसलिए केवल मोबाइल चलाने के बजाय यह ध्यान रखना जरूरी है कि उसकी आवाज से दूसरे यात्रियों को परेशानी न हो।
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रेलवे अधिकारी ने यात्रियों से क्या कहा?
भोपाल मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ कटारिया ने यात्रियों से अपील की है कि वे सफर के दौरान जिम्मेदारी से मोबाइल का इस्तेमाल करें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक यात्री को सहयात्रियों की सुविधा, आराम और निजता का ध्यान रखना चाहिए। ईयरफोन का उपयोग करने और तेज आवाज में स्पीकर चलाने से बचने जैसे छोटे कदम यात्रा को अधिक सुविधाजनक बना सकते हैं। रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे नियमों का पालन करें और अपने मनोरंजन के कारण दूसरों की यात्रा को परेशानी भरा न बनाएं।
