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एमपी वॉर्मर खरीदी पर सवाल: हमीदिया में दो नहीं, 10-12 वॉर्मर और अन्य जिलों से भी मिली गुणवत्ता की शिकायत

Sat, 27 Dec 2025 09:07 PM IST
Anand Pawar आनंद पवार
Updated Sat, 27 Dec 2025 09:07 PM IST
सार

मध्यप्रदेश में नवजात शिशुओं के इलाज में इस्तेमाल होने वाले रेडिएंट वॉर्मर की खरीदी में में नया खुलासा है। हमीदिया में दो नहीं 10 से 12 वॉर्मर की प्लेट चटकी मिली और एक का मदर बोर्ड खराब मिला। साथ ही अन्य जिलों से भी शिकायतें मिली हैं। 

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Questions raised over warmer purchases in MP: At Hamidia Hospital, not two, but 10 to 12 warmer plates and on
हमीदिया अस्पताल - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मध्यप्रदेश में नवजात शिशुओं के लिए उपयोग में आने वाले वॉर्मर की गुणवत्ता को लेकर उठे सवालों के बीच जानकारी आई कि हमीदिया अस्पताल में सप्लाई 15 में से 10 से 12 के रेडिएंट वॉर्मर की प्लेट चटकी मिली थी। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि वॉर्मर में लगी एक्रेलिक प्लेट गर्मी (हीट) के कारण चटक रही है। हालांकि अब इसकी जांच के लिए अस्पताल प्रबंधन ने एहतियातन  वॉर्मरों को 15 दिन के ट्रायल पर रखा है, ताकि यह देखा जा सके कि हीट के कारण प्लेट दोबारा तो नहीं चटकती।  इस मामले में अमर उजाला ने 26 दिसंबर को 'नवजात शिशुओं के लिए खरीदे करोड़ों के रेडिएंट वॉर्मर घटिया होने से उठे सवाल, जांच के घेरे में सप्लाई सिस्टम' शीर्षक से खबर प्रमुखिता से प्रकाशित की थी। वहीं, यह बात भी सामने आई है कि टेंडर में UPS इनबिल्ट बैटरी बैकअप मांगा गया, लेकिन सप्लायर के द्वारा इन्वर्टर बैटरी सप्लाई करने की बात सामने आई है। इनकी कीमत में अंतर होता है। हालांकि अभी यह जांच का विषय है। 
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हमीदिया अस्पताल के सूत्रों से जानकारी मिली है कि हमीदिया अस्पताल में अब तक 10 से 12 एक्रेलिक प्लेट और एक मदर बोर्ड के खराब होने की पुष्टि हुई है। साथ ही अन्य जिलों से भी शिकायत मिली हैं। वहीं, जांच में यह भी पता चला है कि प्लेट वॉरंटी में भी नहीं आती हैं। हालांकि सप्लायर का कहना है कि उसने शिकायतों के बाद प्लेट बदलने के साथ ही तकनीकी खामियों को दूर किया है।  
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इस मामले में तकनीकी जानकारों का कहना है कि एक्रेलिक प्लेट के एल्कोहोलिक रिएक्शन से चटकने की घटना पहली बार सामने आई है। विशेषज्ञों के अनुसार, वॉर्मर में सामान्यतः पॉलीकार्बोनेट मटेरियल का उपयोग किया जाता है, जो अधिक तापमान सहन करने में सक्षम होता है। यदि प्लेट में निर्धारित मानक के अनुसार पॉलीकार्बोनेट मटेरियल का उपयोग नहीं किया गया है, तो तापमान बढ़ने पर उसके चटकने की संभावना बढ़ जाती है। बता दें नेशनल हेल्थ मिशन की तरफ से मध्य प्रदेश हेल्थ कॉरपोरेशन लिमिटेड (MPHCL) ने प्रदेशभर के उप-स्वास्थ्य केंद्रों, जिला अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों के लिए करीब 900 रेडिएंट वॉर्मर खरीदे। इनकी अनुमानित लागत 6.5 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
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