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Bhopal News: कस्तूरबा गर्ल्स कॉलेज में आयोजित हुआ कार्यक्रम, बेटियों को तालीम से जोड़ने पर हुई बात

Sun, 19 May 2024 07:29 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: शबाहत हुसैन Updated Sun, 19 May 2024 07:29 PM IST
सार

Bhopal: जिस आसमानी किताब कुरआन से मुसलमान अपने किरदार को संवारने की बात कहता है, उसकी हिदायत "इकरा" (शिक्षा) से पूरी तरह गुमराह है। हम अपना जहन बना लें कि बेटी पढ़ाएंगे, तो समाज को खुद ब खुद आगे बढ़ा हुआ पाएंगे। एक बेटी मां का किरदार निभा कर अपनी आने वाली नस्लों को शिक्षा से जोड़ भी सकती है और समाज में सकारात्मक सोच की तरफ लोगों को मोड़ भी सकती है।

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Program organized at Kasturba Girls College in bhopal
कस्तूरबा गर्ल्स कॉलेज में आयोजित हुआ कार्यक्रम - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राजधानी भोपाल में वर्ष 1954 से संचालित कस्तूरबा गर्ल्स कॉलेज ने रविवार को एक कार्यक्रम आयोजित किया। जिसमें लड़कियों की शिक्षा पर फिक्र की गई। इस दौरान शहर की कई नामवर शख्सियत ने अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रिटायर्ड डीजीपी एडब्ल्यू अंसारी ने कहा कि आज हर तरफ महिला सशक्तिकरण की बात की जा रही है, लेकिन इसमें अगर नींव के रूप में लड़की की तालीम पर जोर दिया जाए तो इस मकसद को आसानी से हासिल किया जा सकता है।
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इस मौके पर रिटायर्ड आईएएस शमीम उद्दीन ने कहा कि बच्चियों की पढ़ाई के साथ हमें लड़कों की तकनीकी और समाज की मुख्यधारा से जोड़ने वाली शिक्षा पर भी खास ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद लड़कियों को मंच पर बुलाकर उनसे तालीम की अहमियत और इससे होने वाले फायदों पर बात की।
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इस दौरान मप्र मदरसा बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष प्रो हलीम खान और मौलाना आजाद राष्ट्रीय उर्दू यूनिवर्सिटी के प्रो अहसान ने भी शिक्षा से जुड़ी बातों पर रौशनी डाली। उन्होंने अन्य प्रदेशों में लड़कियों के शिक्षा के क्षेत्र में बढ़ते कदम का हवाला देते हुए मप्र में इसके विस्तार की जरूरत बताई। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीनियर पत्रकार डॉ मेहताब आलम ने कहा कि शहर भोपाल महिलाओं को आगे रखने वाला रहा है।
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यहां सन 1961 में लेडिस क्लब की स्थापना हो चुकी थी, लेकिन अब गतिविधियां अब नदारद हैं। उन्होंने कहा कि आज लड़कियों के लिए शिक्षा के रास्ते आसान हैं, लेकिन उनके लिए उचित मार्गदर्शन बाधित दिखाई देता है। कार्यक्रम में खास तौर से बुलाए गए अंतरराष्ट्रीय शायर मंजर भोपाली ने अपनी बेटियों की शिक्षा की फिक्र, उसके लिए की गई कोशिशों और इन सबसे निकले परिणाम पर रौशनी डालकर अभिभावकों को बेटी शिक्षा के लिए आह्वान किया।
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