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बीयू गेस्ट हाउस के बाहर एनएसयूआई का प्रदर्शन: पुलिस से धक्का-मुक्की, दिल्ली जा रहे युवाओं को रोकने का आरोप
Fri, 09 Oct 2026 09:12 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
Published by: Sandeep Kumar Tiwari
Updated Fri, 09 Oct 2026 09:12 PM IST
सार
भोपाल में दिल्ली जा रहे युवाओं को रोके जाने के विरोध में एनएसयूआई ने बरकतउल्ला विश्वविद्यालय के गेस्ट हाउस के बाहर प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं की पुलिस से धक्का-मुक्की भी हुई। संगठन ने युवाओं को तत्काल रिहा करने और उन्हें रोकने का कानूनी आधार बताने की मांग की।
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एनएसयूआई का प्रदर्शन
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे युवाओं को भोपाल में रोके जाने के विरोध में शुक्रवार को एनएसयूआई ने बरकतउल्ला विश्वविद्यालय के गेस्ट हाउस के बाहर प्रदर्शन किया। संगठन ने आरोप लगाया कि गेस्ट हाउस को अस्थायी डिटेंशन सेंटर बनाकर युवाओं को रखा गया है। कार्यकर्ताओं ने हिरासत में लिए गए लोगों से मुलाकात कराने और उन्हें तत्काल रिहा करने की मांग की। इस दौरान पुलिस और एनएसयूआई कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की भी हुई।
प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार और जिला अध्यक्ष अक्षय तोमर के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की। एनएसयूआई का दावा है कि दिल्ली जा रहे युवाओं को भोपाल और इटारसी सहित कई स्थानों पर रोका गया है। संगठन ने हिरासत में रखे गए लोगों की जानकारी सार्वजनिक करने और उन्हें रोकने का कानूनी आधार स्पष्ट करने की मांग की।
युवाओं की आवाज दबाने का प्रयास
एनएसयूआई के प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने आरोप लगाया कि देश में अघोषित आपातकाल जैसे हालात बनाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आवाज उठाने जा रहे युवाओं को रोकना विरोध के अधिकार को दबाने की कोशिश है। परमार ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार विरोध करने वालों को रोकने के लिए प्रशासन का इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रतिबंधों के बावजूद युवा अपने अधिकारों की लड़ाई से पीछे नहीं हटेंगे।
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शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना युवाओं का अधिकार
एनएसयूआई के जिला अध्यक्ष अक्षय तोमर ने कहा कि लोकतंत्र में युवाओं को अपनी बात रखने और शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने का अधिकार है। उन्होंने हिरासत में रखे गए युवाओं को तत्काल रिहा करने और उन्हें रोके जाने की वजह स्पष्ट करने की मांग की। संगठन ने चेतावनी दी कि युवाओं को रोकने की कार्रवाई जारी रही तो आंदोलन तेज किया जाएगा। प्रदर्शन में बीयू इकाई के आशीष शर्मा, विकास ठाकुर और प्रतीक यादव सहित जिला उपाध्यक्ष अमित हाटिया, अभिषेक द्विवेदी, राजवीर सिंह, हर्ष पटेल और निशांत ठाकुर समेत अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे। फिलहाल, हिरासत में रखे गए युवाओं की संख्या और उन्हें रोकने के आधिकारिक कारणों की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस प्रशासन का पक्ष सामने आने के बाद ही कार्रवाई की वजह स्पष्ट हो सकेगी।
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प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार और जिला अध्यक्ष अक्षय तोमर के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की। एनएसयूआई का दावा है कि दिल्ली जा रहे युवाओं को भोपाल और इटारसी सहित कई स्थानों पर रोका गया है। संगठन ने हिरासत में रखे गए लोगों की जानकारी सार्वजनिक करने और उन्हें रोकने का कानूनी आधार स्पष्ट करने की मांग की।
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युवाओं की आवाज दबाने का प्रयास
एनएसयूआई के प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने आरोप लगाया कि देश में अघोषित आपातकाल जैसे हालात बनाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आवाज उठाने जा रहे युवाओं को रोकना विरोध के अधिकार को दबाने की कोशिश है। परमार ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार विरोध करने वालों को रोकने के लिए प्रशासन का इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रतिबंधों के बावजूद युवा अपने अधिकारों की लड़ाई से पीछे नहीं हटेंगे।
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शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना युवाओं का अधिकार
एनएसयूआई के जिला अध्यक्ष अक्षय तोमर ने कहा कि लोकतंत्र में युवाओं को अपनी बात रखने और शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने का अधिकार है। उन्होंने हिरासत में रखे गए युवाओं को तत्काल रिहा करने और उन्हें रोके जाने की वजह स्पष्ट करने की मांग की। संगठन ने चेतावनी दी कि युवाओं को रोकने की कार्रवाई जारी रही तो आंदोलन तेज किया जाएगा। प्रदर्शन में बीयू इकाई के आशीष शर्मा, विकास ठाकुर और प्रतीक यादव सहित जिला उपाध्यक्ष अमित हाटिया, अभिषेक द्विवेदी, राजवीर सिंह, हर्ष पटेल और निशांत ठाकुर समेत अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे। फिलहाल, हिरासत में रखे गए युवाओं की संख्या और उन्हें रोकने के आधिकारिक कारणों की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस प्रशासन का पक्ष सामने आने के बाद ही कार्रवाई की वजह स्पष्ट हो सकेगी।
