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ओबीसी आरक्षण: हाईकोर्ट के फैसले पर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल बोले- कांग्रेस की कानूनी चूक जिम्मेदार

Fri, 09 Oct 2026 09:59 PM IST
Anand Pawar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: Anand Pawar Updated Fri, 09 Oct 2026 09:59 PM IST
सार

 मध्यप्रदेश में ओबीसी आरक्षण पर हाईकोर्ट के फैसले के बाद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कांग्रेस पर निशाना साधा है। उन्होंने 2019 में आरक्षण बढ़ाने के फैसले में कानूनी चूक का आरोप लगाते हुए 27 प्रतिशत आरक्षण के संकल्प को दोहराया।

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MP OBC Quota: BJP Chief Khandelwal Blames Congress’s Legal Lapses for High Court Verdict
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

मध्य प्रदेश में ओबीसी आरक्षण पर हाईकोर्ट के फैसले के बाद भाजपा ने कांग्रेस को घेरते हुए 27 प्रतिशत आरक्षण के मुद्दे पर अपनी स्थिति स्पष्ट की है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने 2019 में राजनीतिक लाभ लेने की जल्दबाजी में ओबीसी आरक्षण बढ़ाने का फैसला किया, लेकिन उसे मजबूत कानूनी आधार देने के लिए जरूरी तैयारी नहीं की। अब फैसले के बाद पैदा हुई कानूनी स्थिति के लिए भाजपा को जिम्मेदार ठहराकर कांग्रेस अपनी जवाबदेही से बच रही है। खंडेलवाल ने हाईकोर्ट के निर्णय की कंडिका 215 का हवाला देते हुए कहा कि अदालत ने 2019 के अध्यादेश को पर्याप्त तैयारी के अभाव और अनुचित जल्दबाजी में लाए जाने का उल्लेख किया है। उनके मुताबिक, यह टिप्पणी तत्कालीन कांग्रेस सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती है। कांग्रेस ने ओबीसी वर्ग को आरक्षण का लाभ दिलाने के नाम पर फैसला तो लिया, लेकिन उसके संवैधानिक और कानूनी पक्षों को मजबूत करने में गंभीर चूक की।
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भाजपा ने 27 प्रतिशत आरक्षण के संकल्प को दोहराया
हाईकोर्ट के फैसले के बाद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व वाली सरकार ओबीसी वर्ग के सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार न्यायालय के निर्णय के सभी कानूनी पहलुओं का अध्ययन करने के बाद आगे की रणनीति तय करेगी। जरूरत पड़ने पर अन्य राजनीतिक दलों के साथ चर्चा और समन्वय से भी आगे का रास्ता तलाशा जाएगा। खंडेलवाल ने कहा कि भाजपा सरकार 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण के संकल्प से पीछे नहीं हटेगी। इसके लिए जरूरी कानूनी विकल्पों पर विचार किया जाएगा और संवैधानिक प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ा जाएगा। हालांकि, सरकार की अगली कार्रवाई और आरक्षण को लेकर आगे की कानूनी रणनीति अभी तय होना बाकी है। 
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कांग्रेस से पूछा- कानून बनाते समय तैयारी क्यों नहीं की?
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कांग्रेस से सवाल किया कि यदि उसकी मंशा ओबीसी वर्ग को अधिकार दिलाने की थी, तो आरक्षण बढ़ाने के फैसले के समय पर्याप्त संवैधानिक आधार और प्रभावी कानूनी प्रावधान सुनिश्चित क्यों नहीं किए गए? उन्होंने कहा कि ओबीसी आरक्षण लाखों लोगों के अधिकारों और युवाओं के भविष्य से जुड़ा विषय है। ऐसे मुद्दे पर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बजाय सभी पक्षों को जिम्मेदारी से काम करना चाहिए। खंडेलवाल ने कांग्रेस पर अपनी सरकार की कानूनी खामियों का जवाब देने के बजाय भाजपा पर दोष मढ़ने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को बताना चाहिए कि वह अपने फैसले में हुई चूक की जवाबदेही से कब तक बचती रहेगी।
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