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नोटिस की मियाद खत्म: अब बुलडोजर की तैयारी,अवैध निर्माण पर निगम सख्त, एम्स के सामने हादसे के बाद बड़ा एक्शन तय

Sat, 28 Mar 2026 06:39 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari न्यूज डेस्क,अमर उजाला भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला भोपाल Published by: Sandeep Kumar Tiwari Updated Sat, 28 Mar 2026 06:39 PM IST
सार

एम्स के सामने हुए हादसे के बाद नगर निगम ने अवैध निर्माण के खिलाफ सख्त रुख अपना लिया है। नोटिस की मियाद पूरी हो चुकी है और 2 अप्रैल तक पक्ष रखने का अंतिम मौका दिया गया है। इसके बाद अवैध निर्माण नहीं हटाने पर बुलडोजर चलना तय माना जा रहा है।

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Notice Period Expires: Bulldozers Poised for Action; Corporation Cracks Down on Illegal Structures—Major Actio
निर्माणाधीन इमारत - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राजधानी भोपाल में अवैध निर्माण को लेकर अब सख्ती का दौर शुरू होता दिख रहा है। एम्स के सामने निर्माणाधीन इमारत का छज्जा गिरने से हुए हादसे के बाद नगर निगम पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। निगम ने स्पष्ट कर दिया है कि नोटिस की समय-सीमा पूरी हो चुकी है और अब आगे की कार्रवाई टाली नहीं जाएगी।नगर निगम द्वारा इस निर्माण को लेकर पहले ही नोटिस जारी किए गए थे, जिनमें काम रोकने और नियमों का पालन करने के निर्देश दिए गए थे। शनिवार को नोटिस का अंतिम समय भी समाप्त हो गया है। इसके बाद अब संबंधित पक्ष को अंतिम मौका देते हुए 2 अप्रैल तक अपना पक्ष रखने का समय दिया गया है।
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2 अप्रैल तक अंतिम सुनवाई का मौका
निगम अधिकारियों के अनुसार, 2 अप्रैल को इस मामले में सुनवाई निर्धारित की गई है। इस दौरान भवन मालिक या संबंधित पक्ष अपनी बात रख सकेंगे। यह समय सीमा अंतिम मानी जा रही है, जिसके बाद सीधे कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
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खुद नहीं हटाया तो चलेगा बुलडोजर
नगर निगम ने साफ कर दिया है कि यदि निर्धारित समय तक अवैध निर्माण नहीं हटाया गया, तो निगम खुद मौके पर कार्रवाई करेगा। ऐसी स्थिति में बुलडोजर चलाकर अवैध हिस्से को तोड़ा जाएगा और इसके लिए किसी अतिरिक्त समय की संभावना नहीं है।


हादसे ने बढ़ाई सख्ती
एम्स के सामने हुए हादसे ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है। निर्माणाधीन इमारत का छज्जा गिरने से 8 लोग घायल हो गए थे, जिसमें एक युवती की हालत गंभीर हो गई थी। इस घटना के बाद नगर निगम पर भी सवाल उठे कि पहले नोटिस देने के बावजूद निर्माण क्यों नहीं रोका गया।

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अनुमति से ज्यादा निर्माण का मामला
जांच में सामने आया है कि भवन को सीमित मंजिल तक ही अनुमति दी गई थी, लेकिन मौके पर उससे अधिक निर्माण किया जा रहा था। साथ ही प्लॉट की निर्धारित सीमा से ज्यादा क्षेत्र में निर्माण किया गया और आवासीय भूखंड पर व्यावसायिक गतिविधियां भी संचालित की जा रही थीं। घटना के बाद नगर निगम ने मौके से रेत, सरिया और अन्य निर्माण सामग्री जब्त कर ली है।साथ ही निर्माण से जुड़े आर्किटेक्ट और अन्य जिम्मेदारों की पहचान कर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।इस घटना के बाद नगर निगम अब शहर के अन्य अवैध निर्माणों पर भी नजर रख रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही ऐसे मामलों में व्यापक स्तर पर अभियान चलाया जा सकता है।

 
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