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मध्यप्रदेश: भोपाल के 289 अनाथ बच्चों की स्कूल फीस भरेगा वक्फ बोर्ड, 21 लाख रुपये से अधिक होंगे खर्च
Sat, 10 Oct 2026 02:03 PM IST
Anand Pawar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Anand Pawar
Updated Sat, 10 Oct 2026 02:03 PM IST
सार
मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड भोपाल के 289 अनाथ बच्चों की स्कूल फीस के लिए 21 लाख रुपये से अधिक खर्च करेगा। 13 अक्टूबर को बच्चों को फीस सहायता दी जाएगी। बोर्ड के मुताबिक, यह राशि यतीमखाना संपत्ति से होने वाली आय से दी जा रही है।
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वक्फ बोर्ड, एमपी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड भोपाल में रहने वाले 289 अनाथ बच्चों की पढ़ाई जारी रखने के लिए उनकी स्कूल फीस जमा कराएगा। इसके लिए बोर्ड 21 लाख रुपये से अधिक की राशि खर्च करेगा। प्रत्येक बच्चे की फीस के लिए अधिकतम 10 हजार रुपये दिए जाएंगे। फीस की राशि 13 अक्टूबर को वक्फ बोर्ड कार्यालय परिसर स्थित यतीमखाना ग्राउंड में दी जाएगी। बोर्ड के मुताबिक, यह पहल यतीमखाना संपत्ति से होने वाली आय से की जा रही है। दानदाता की शर्त के अनुसार इस आय का उपयोग जरूरतमंद अनाथ बच्चों की शिक्षा पर किया जाना है। इसके लिए बोर्ड ने समाचार पत्रों में विज्ञापन प्रकाशित कर आवेदन आमंत्रित किए थे। दो बार विज्ञापन जारी करने के बाद मिले आवेदनों की जांच की गई और 289 बच्चों को सहायता के लिए पात्र पाया गया।
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संपत्ति की आय से शिक्षा पर खर्च
वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सनवर पटेल ने बताया कि बोर्ड का प्रयास है कि आर्थिक परेशानी के कारण किसी अनाथ बच्चे की पढ़ाई न छूटे। उन्होंने कहा कि वक्फ संपत्तियों से प्राप्त आय का उपयोग जरूरतमंदों की मदद के लिए किया जा रहा है। उनके अनुसार, वक्फ संपत्तियों से आय बढ़ने के बाद बच्चों की शिक्षा के लिए इतनी बड़ी संख्या में सहायता देना संभव हुआ है। पटेल का कहना है कि इस पहल से बच्चों की स्कूल फीस का बोझ कम होगा और उनकी पढ़ाई जारी रखने में मदद मिलेगी।
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संपत्ति की आय से शिक्षा पर खर्च
वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सनवर पटेल ने बताया कि बोर्ड का प्रयास है कि आर्थिक परेशानी के कारण किसी अनाथ बच्चे की पढ़ाई न छूटे। उन्होंने कहा कि वक्फ संपत्तियों से प्राप्त आय का उपयोग जरूरतमंदों की मदद के लिए किया जा रहा है। उनके अनुसार, वक्फ संपत्तियों से आय बढ़ने के बाद बच्चों की शिक्षा के लिए इतनी बड़ी संख्या में सहायता देना संभव हुआ है। पटेल का कहना है कि इस पहल से बच्चों की स्कूल फीस का बोझ कम होगा और उनकी पढ़ाई जारी रखने में मदद मिलेगी।
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