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MP Vidhansabha: राज्यपाल के अभिभाषण पर सत्ता और विपक्ष आमने-सामने, विधानसभा सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित

Thu, 21 Dec 2023 07:26 PM IST
दिनेश शर्मा अमर उजाला, न्यूज डेस्क, भोपाल
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, भोपाल Published by: दिनेश शर्मा Updated Thu, 21 Dec 2023 07:26 PM IST
सार

मध्यप्रदेश विधानसभा का सत्र चार दिन चलने के बाद अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। चौथे दिन एक बार फिर लाडली बहना और मोदी सरकार का मुद्दा उठा। भाजपा और कांग्रेस ने एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाए। 

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MP Vidhansabha: Government and opposition face to face on Governor's address, assembly session adjourned
मप्र विधानसभा सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गया है। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

16वीं विधानसभा का चार दिवसीय सत्र गुरुवार को राज्यपाल के अभिभाषण पर कृतज्ञता प्रस्ताव पास होने बाद समाप्त हो गया। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने सदन की कार्यवाही को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया। इससे पहले अभिभाषण पर सदन में चर्चा की गई, जिसमें सत्ता और विपक्ष दोनों आमने सामने हुए। जहां भाजपा की ओर से कैलाश विजयवर्गीय, प्रह्लाद पटेल और गोपाल भार्गव जैसे कई विधायकों ने अपनी बात रखी। वहीं कांग्रेस की ओर से वरिष्ठ विधायक बाला बच्चन और रामनिवास रावत सहित कई अन्य विधायकों ने सरकार को जमकर घेरा। इस दौरान विपक्ष ने कई बार भाजपा विधायकों पर चुटकी भी ली। 
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सीएम कई प्रतिभा के धनी 
चर्चा की शुरुआत सत्ता पक्ष की ओर से वरिष्ठ विधायक कैलाश विजयवर्गीय ने की। उन्होंने कहा कि हमे सबसे पढ़े-लिखे सीएम मिले हैं। वे कई प्रतिभाओं के धनी हैं। उन्होंने अपने आपको महाकाल का सेवक बताकर उज्जैन के मिथक को भी तोड़ दिया है। उन्होंने हुकुम चंद मिल के लोगों को न्याय दिलवाया है। हमारा सिर्फ संकल्प पत्र नहीं है बल्कि मोदी गारंटी है। जो हर हाल में पूरी होगी। संकल्प पत्र डबल इंजन सरकार का दस्तावेज है। उन्होंने कहा कि मैं राज्यपाल के अभिभाषण पर समर्थन करता हूं, कृतज्ञता ज्ञापित करता हूं। हमारी नई सरकार सीएम मोहन यादव के नेतृत्व में विकास के कीर्तिमान रचेगी।
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ये मोदी की सरकार है
कांग्रेस ने राम निवास रावत ने कहा यह मोदी जी की सरकार है। मुख्यमंत्री जी जैसे चल रहे हैं, वैसे ही चलें उन्हें हमारी शुभकामनाएं हैं। गलती शिवराज जी से हो गई अगर वे मोदी जी की लाडली बहना कहते तो वे नहीं हटते। लेकिन वे मेरी लाडली बहना कहते रहे। जिस योजना की वजह से सरकार बनी है अभिभाषण में उस लाडली बहना का जिक्र क्यों नहीं है। मैं इसका जवाब सीएम से चाहूंगा। रावत ने मजाकिया लहजे में तंज कसा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जी आप जन गण मन करिए। तम्हीं हो माता तुम्हीं पिता हो करिए। जिन्होंने नहीं किया वे सब यहां बैठे हैं। (बाकी नेताओं पर उंगली से इशारा करते हुए बोले)
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पांच साल पूरे करेगी सरकार
अभिभाषण पर बोलते हुए प्रह्लाद पटेल ने कहा कि संकल्प हम 5 साल में पूरा करेंगे। न्याय और अन्याय के बीच रेखा बनानी होगी। हमें भविष्य की पीढ़ी के बारे में विचार करना चाहिए। हमारे बच्चों का भविष्य कैसा होगा, सोचना होगा। आप हमारी केवल आलोचना मत करिये आपकी सरकार की तुलना भी करें। आप लोगों ने भी इतिहास पढ़ा होगा। उन्होंने कहा कि मेरा भाषण करने का तरीका किसी को खुश करने के लिए नहीं होता। मप्र को मप्र की छवि के अनुरूप आगे बढ़ने का मौका मिलना चाहिए। देश को गरीब बताने वाले दिशाहीन लोग कौन थे, भविष्य की पीढ़ी के बारे में जरूर विचार करना चाहिए।

लाडली बहना का जिक्र नहीं
कांग्रेस के विधायक बाला बच्चन ने कहा कि राज्यपाल का अभिभषाण पढ़ कर लगा एमपी केंद्र शासित प्रदेश बन गया है। संकल्प पत्र में जो है वो राज्यपाल के अभिभषाण में नहीं है।
लाडली लक्ष्मी और लाडली बहना अभिभषाण से गायब है। आज प्रदेश में निर्दोष आदिवासियों की हत्या हो रही है। करोड़ों महिलाओं के विश्वास की भी हत्या की गई है। हालांकि बाद में सीएम मोहन यादव ने कहा कि लाडली बहना योजना बंद नहीं होगी, नियत तारीख पर बहनों के खाते में पैसा आएगा। 


227 विधायकों ने ली शपथ 
चार दिवसीय सत्र में न नवनिर्वाचित विधायकों को शपथ दिलवाई गई। 230 में से कुल 227 विधायकों ने शपथ ली। वहीं कांग्रेस विधायक कमलनाथ, सचिन यादव और सोहन बाल्मिकी सदन में अनुपस्थित रहने के चलते शपथ नहीं ले पाए। अब उन्हें आगे अध्यक्ष अपने कक्ष में शपथ दिलवाएंगे। इन्होंने अपनी अनुपस्थिति के लिए सदन से अनुमति मांगी थी। इसके साथ ही इन चार दिनों के कार्यवाही में सर्वसम्मति से अध्यक्ष का निर्वाचन किया गया। नेहरू तस्वीर विवाद पर कमेटी बनाने का एलान किया गया। और कांग्रेस ने उपाध्यक्ष पद की मांग उठाई।
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