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अमित शाह के नशामुक्त एमपी बनाने के ऐलान के बाद उमा भारती की बड़ी मांग, पहले चरण में हो शराब मुक्ति

Sun, 04 Oct 2026 03:02 PM IST
Anand Pawar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: Anand Pawar Updated Sun, 04 Oct 2026 03:02 PM IST
सार

अमित शाह के मध्यप्रदेश को नशामुक्त बनाने के ऐलान के बाद पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने शराब मुक्ति को अभियान का पहला चरण बनाने की मांग की है। उमा ने कहा कि शराब की लत के बाद व्यक्ति दूसरी नशीली चीजों की ओर बढ़ता है और एमपी को नशामुक्त बनाने का असर पूरे देश पर पड़ेगा।

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MP: Uma Bharti Demands Liquor Ban as First Step After Amit Shah's Drug-Free MP Call
पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मध्यप्रदेश को नशामुक्त बनाने के केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के ऐलान के बाद पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने इस अभियान को लेकर बड़ी मांग रखी है। रविवार को उमा भारती ने सोशल मीडिया पर कहा है कि नशामुक्ति का पहला चरण शराब मुक्ति होना चाहिए। उन्होंने मध्यप्रदेश को नशामुक्त बनाने की घोषणा का स्वागत करते हुए कहा कि इससे उनके मन की मुराद पूरी हुई और उनके अभियान को सफलता मिली। उमा भारती ने सोशल मीडिया पर लिखे अपने संदेश में कहा कि शराब की लत लगने के बाद व्यक्ति दूसरी नशीली चीजों की ओर बढ़ता है। इसलिए शराब मुक्ति को नशामुक्ति अभियान की शुरुआत का पहला कदम बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश को नशामुक्ति का केंद्र बनाने का असर पूरे देश पर पड़ेगा।
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अमित शाह ने तय की 2029 की डेडलाइन
दरअसल, केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने 3 अक्टूबर को भोपाल में मध्यप्रदेश को नशामुक्त बनाने का बड़ा ऐलान किया था। उन्होंने कहा कि 31 दिसंबर 2029 से पहले मध्यप्रदेश को नशीले पदार्थों से मुक्त किया जाना चाहिए। शाह ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और गृह विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए विस्तृत योजना तैयार करने की बात कही थी। शाह ने मध्यप्रदेश की माताओं से भी अपील की थी कि वे अपने बच्चों को नशे के प्रभाव से बचाने के लिए सतर्क रहें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि 31 दिसंबर 2029 के बाद प्रदेश में बच्चों के लिए नशे की कोई जगह नहीं होगी। अमित शाह के ऐलान के बाद उमा भारती की शराबबंदी की मांग को इस अभियान के अगले बड़े एजेंडे के तौर पर देखा जा सकता है। उन्होंने अपने संदेश में केंद्र सरकार, भाजपा और मध्यप्रदेश सरकार के प्रमुख नेताओं को टैग करते हुए नशामुक्ति के फैसले का स्वागत किया है।  
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पहले भी शराबबंदी के लिए मोर्चा खोल चुकी हैं पूर्व सीएम उमा
पूर्व सीएम  उमा भारती लंबे समय से मध्यप्रदेश में शराबबंदी की मांग करती रही हैं। मार्च 2022 में उन्होंने भोपाल के बरखेड़ा पठानी की शराब दुकान में पहुंचकर पत्थर से शराब की बोतलें तोड़कर विरोध जताया था। इसके बाद सरकार ने 2023-24 की आबकारी नीति में शराब के अहाते बंद करने समेत शराब सेवन को हतोत्साहित करने वाले प्रावधान किए। लेकिन उमा यहीं नहीं रुकीं। अप्रैल 2025 में उन्होंने फिर शराब नीति को लेकर सरकार को चेताया और कहा कि दो साल पहले चले उनके व्यापक अभियान के बाद जनवरी 2023 में नई शराब नीति आई थी, जो उनके मुताबिक धीरे-धीरे पूर्ण शराबबंदी की दिशा में बढ़ रही थी।
 
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