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MP News: सौरभ शर्मा के बुने जाल में मां भी फंसी, फर्जी हलफनामा देकर पाई थी नौकरी, सरकार दर्ज कराएगी एक और FIR
Sat, 01 Mar 2025 08:02 AM IST
उदित दीक्षित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: उदित दीक्षित
Updated Sat, 01 Mar 2025 08:02 AM IST
सार
EX constable Saurabh Sharma: परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षण सौरभ शर्मा की परेशानी बढ़ने वाली है। अब परिवहन विभाग फर्जी शपथ पत्र देकर नौकरी पाने के मामले में एफआईआर दर्ज कराएगा। इसमें सौरभ की मां की भूमिका भी सामने आई है।
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पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
Saurabh Sharma: भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के मामलों में फंसे पूर्व कांस्टेबल सौरभ शर्मा की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। लोकायुक्त, प्रवर्तन निदेशालय (ED) और आयकर विभाग (I-T) की जांचों के बीच अब राज्य सरकार भी उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी कर रही है। सूत्रों के मुताबिक परिवहन विभाग जल्द ही सौरभ शर्मा के खिलाफ फर्जी शपथ पत्र देकर नौकरी हासिल करने के मामले में एफआईआर दर्ज कराएगा। शर्मा ने वर्ष 2016 में परिवहन विभाग में अनुकंपा नियुक्ति के तहत नौकरी पाई थी। इसको लेकर सवाल उठे थे। अब विभाग की जांच में सामने आया है कि सौरभ शर्मा ने फर्जी हलफनामा देकर नौकरी पाई थी।
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परिवार की सरकारी नौकरी छिपाने का आरोप
सौरभ शर्मा ने अनुकंपा नियुक्ति के लिए यह लिखकर दिया था कि उनके परिवार में कोई भी सरकारी नौकरी में नहीं है, लेकिन जांच में सामने आया कि उस समय सौरभ का भाई छत्तीसगढ़ सरकार में कार्यरत थे। यहीं नहीं, उनकी मां उमा शर्मा ने भी गलत जानकारी देकर सौरभ शर्मा को नौकरी पाने में मदद की। ऐसे में उनकी मां को भी आरोपी बनाया जा सकता है। परिवहन विभाग द्वारा कराई गई जांच में यह साबित हुआ कि शर्मा ने गलत जानकारी देकर सरकारी नौकरी प्राप्त की। अब विभाग उनके खिलाफ FIR दर्ज कराने की प्रक्रिया में जुट गया है।
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लोकायुक्त भी कर रहा जांच
सौरभ शर्मा की नियुक्ति को लेकर लोकायुक्त भी जांच कर रहा है। इसको लेकर लोकायुक्त ने परिवहन विभाग से नौकरी के समय दिए गए सभी दस्तावेज मांगे थे। हालांकि, लोकायुक्त के अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में अभी जांच चल रही है।
कांग्रेस सदन में उठाएंगी मुद्दा
सौरभ शर्मा के मामले पर आगामी बजट सत्र में विधानसभा में हंगामा होने के आसार है। कांग्रेस विधायकों ने शर्मा की नियुक्ति और पोस्टिंग को लेकर कई सवाल लगाए गए हैं। विपक्ष ने परिवहन विभाग के चेक पोस्टों में भ्रष्टाचार के मुद्दे को भी उठाने की तैयारी कर ली है।
सौरभ शर्मा के पास करोड़ो की संपत्ति मिली
पूर्व आरक्षक सौरभ ने परिवहन विभाग में सात साल नौकरी की, जिसके लिए उसे करीब 17 लाख रुपए वेतन मिला। इसके उलट उसने करोड़ो रुपए की सपंत्ति बना ली। 19 दिसंबर को लोकायुक्त की रेड में सौरभ शर्मा के यहां करोड़ों की संपत्ति मिली थी। इस बीच आयकर विभाग को मेंडोरी में 52 किलो सोने और 11 करोड़ रुपए नगद बैग में रखे कार मिली थी। यह कार सौरभ का सहयोग चेतन सिंह गौर के नाम पर रजिस्ट्रर थी। चेतन ने बयान दिया है कि कार भले ही उसके नाम पर है, लेकिन उसका उपयोग सौरभ करता था। वहीं, चेतन और एक अन्य सहयोगी शरद जायसवाल के नाम पर कंपनी समेत करोड़ों रुपये की संपति के दस्तावेज भी जांच एजेंसियों को मिले हैं। फिलहाल, शरद और उसके सहयोगी जेल में हैं, जिनसे एजेंसियों पूछताछ कर रही हैं।
