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मध्यप्रदेश: विंध्य में रेल कनेक्टिविटी का विस्तार, सतना-देवेंद्रनगर और रीवा-चुरहट रेलखंड शुरू होंगे
Sat, 24 Oct 2026 08:47 AM IST
Anand Pawar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Anand Pawar
Updated Sat, 24 Oct 2026 08:47 AM IST
सार
विंध्य क्षेत्र में रेल कनेक्टिविटी का विस्तार होने जा रहा है। सतना-देवेंद्रनगर और रीवा-चुरहट रेलखंडों के शुरू होने से सीधी जिले को पहली बार सीधे रेल नेटवर्क से जुड़ने का अवसर मिलेगा और क्षेत्र में आवागमन, कारोबार व पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव शनिवार को सतना-देवेंद्रनगर और रीवा-चुरहट रेलखंडों का वर्चुअल उद्घाटन करेंगे।
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धार में आजादी के बाद पहली बार पहुंचेगी रेल
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
विंध्य क्षेत्र में रेल कनेक्टिविटी के विस्तार के साथ सीधी जिले के लोगों को पहली बार सीधे रेल नेटवर्क से जुड़ने का अवसर मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव शनिवार को सतना-देवेंद्रनगर और रीवा-चुरहट रेलखंडों का वर्चुअल उद्घाटन करेंगे। इस दौरान देवेंद्रनगर-चुरहट ट्रेन सेवा को भी हरी झंडी दिखाई जाएगी। सतना-देवेंद्रनगर रेलखंड 53 किलोमीटर और रीवा-चुरहट रेलखंड 65 किलोमीटर लंबा है। इन दोनों रेलखंडों के शुरू होने से विंध्य क्षेत्र में रेल परिवहन का दायरा बढ़ेगा। खास बात यह है कि सीधी जिले का सीधे रेल नेटवर्क से जुड़ना क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि होगी। इससे जिले के लोगों को दूसरे शहरों तक पहुंचने के लिए परिवहन का एक और विकल्प मिलेगा।
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सड़क पर निर्भरता होगी कम
नई रेल सेवा से सतना, देवेंद्रनगर, रीवा, चुरहट और आसपास के क्षेत्रों के बीच आवागमन आसान होने की उम्मीद है। विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों और इलाज के लिए दूसरे शहरों में जाने वाले मरीजों को इससे सुविधा मिल सकती है। नियमित ट्रेन सेवा शुरू होने से यात्रियों को सड़क मार्ग के विकल्प के साथ यात्रा की योजना बनाने में भी सहूलियत होगी।
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कारोबार और पर्यटन को मिल सकता है बढ़ावा
रेल संपर्क बढ़ने का असर क्षेत्र के कारोबार पर भी पड़ सकता है। कृषि उपज, खनिज और स्थानीय उत्पादों की ढुलाई आसान होने से व्यापारिक गतिविधियों को गति मिलने की संभावना है। बेहतर कनेक्टिविटी से उद्योगों और स्थानीय बाजारों के विस्तार के अवसर भी बढ़ सकते हैं। विंध्य के ऐतिहासिक, धार्मिक और प्राकृतिक पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होने से पर्यटन से जुड़े कारोबार को भी लाभ मिलने की उम्मीद है। पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने पर होटल, परिवहन, खान-पान और स्थानीय हस्तशिल्प जैसे क्षेत्रों में कामकाज बढ़ सकता है। इसका लाभ स्थानीय कारोबारियों और युवाओं को मिल सकता है। दोनों रेलखंडों के शुरू होने से विंध्य क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों के बीच संपर्क मजबूत होगा। हालांकि, यात्रियों को मिलने वाली वास्तविक सुविधा ट्रेन के समय, ठहराव और नियमित संचालन पर भी निर्भर करेगी।
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सड़क पर निर्भरता होगी कम
नई रेल सेवा से सतना, देवेंद्रनगर, रीवा, चुरहट और आसपास के क्षेत्रों के बीच आवागमन आसान होने की उम्मीद है। विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों और इलाज के लिए दूसरे शहरों में जाने वाले मरीजों को इससे सुविधा मिल सकती है। नियमित ट्रेन सेवा शुरू होने से यात्रियों को सड़क मार्ग के विकल्प के साथ यात्रा की योजना बनाने में भी सहूलियत होगी।
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कारोबार और पर्यटन को मिल सकता है बढ़ावा
रेल संपर्क बढ़ने का असर क्षेत्र के कारोबार पर भी पड़ सकता है। कृषि उपज, खनिज और स्थानीय उत्पादों की ढुलाई आसान होने से व्यापारिक गतिविधियों को गति मिलने की संभावना है। बेहतर कनेक्टिविटी से उद्योगों और स्थानीय बाजारों के विस्तार के अवसर भी बढ़ सकते हैं। विंध्य के ऐतिहासिक, धार्मिक और प्राकृतिक पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होने से पर्यटन से जुड़े कारोबार को भी लाभ मिलने की उम्मीद है। पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने पर होटल, परिवहन, खान-पान और स्थानीय हस्तशिल्प जैसे क्षेत्रों में कामकाज बढ़ सकता है। इसका लाभ स्थानीय कारोबारियों और युवाओं को मिल सकता है। दोनों रेलखंडों के शुरू होने से विंध्य क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों के बीच संपर्क मजबूत होगा। हालांकि, यात्रियों को मिलने वाली वास्तविक सुविधा ट्रेन के समय, ठहराव और नियमित संचालन पर भी निर्भर करेगी।
