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MP Politics: निशा बांगरे का बड़ा बयान, बोली- मुझे चुनाव लड़ने से रोका तो आमरण अनशन करके प्राण त्याग दूंगी
Thu, 21 Sep 2023 10:01 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Thu, 21 Sep 2023 10:01 PM IST
सार
मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में पूर्व डिप्टी कलेक्टर निशा बांगरे ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि वह विधानसभा चुनाव में नामांकन भरेंगी और चुनाव लड़ेंगी। यदि उनको रोका जाता है तो वह आमरण अनशन करके प्राण त्याग देंगी। बांगरे बैतूल की आमला सीट से चुनाव लड़ सकती है।
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निशा बांगरे
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पूर्व डिप्टी कलेक्टर निशा बांगरे ने गुरुवार को एक वीडियो बयान जारी कर कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में मैं नामांकन भरूंगी भी और चुनाव लडूंगी भी। इसके बाद भी यदि द्वेष पूर्ण भावना द्वारा मेरा नामांकन खारिज किया जाता है या मेरा इस्तीफा अस्वीकार करके चुनाव लड़ने से रोका जाता है तो अपने अधिकारों से वंचित रहकर जीवित रहने से बेहतर मैं आमरण अनशन कर अपने प्राण त्यागना पसंद करूंगी।
बांगरे ने कहा कि दुनिया की कोई भी ताकत उन्हें चुनाव लड़ने से नहीं रोक सकती। यदि दुर्भावना पूर्ण कार्रवाई द्वारा उन्हें चुनाव लड़ने से रोका जाता है या उन्हें परेशान करने की नीयत से उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया जाता है तो वह आमरण अनशन करके अपने प्राण त्याग देंगी, लेकिन अपने अधिकारों से समझौता करके जीना पसंद नहीं करेंगी।
सरकार पर लगाया परेशान करने का आरोप
बांगरे ने आरोप लगाया कि उन्हें सरकार द्वारा परेशान किया जा रहा है। बांगरे ने कहा कि किस तरीके से उन्हें अपने ही घर के उद्घाटन कार्यक्रम में आयोजित सर्वधर्म प्रार्थना में जाने से तथा भगवान बुद्ध की अस्थियों के दर्शन करने से शासन के पत्र द्वारा रोका गया और जब इससे आहत होकर उन्होंने इस्तीफा दिया तो उन्हें तरह तरह से परेशान किया जा रहा है। इस्तीफा इसलिए दिया था ताकि वह अपने घर पर आयोजित कार्यक्रम में सम्मिलित हो सके। इसीलिए इस्तीफा देने के बाद ही वह कार्यक्रम में सम्मिलित हुईं। इसके बावजूद शासन के द्वारा पिछली तारीख में उन्हें नोटिस जारी किए गए। एक महीने तक उनके इस्तीफा पर कोई निर्णय नहीं लिया गया।
दलित महिला अधिकारी को परेशान करने से आक्रोश
निशा बांगरे ने कहा कि जब वह न्याय के लिए हाई कोर्ट की शरण में गई तो कोर्ट को भी गुमराह करते हुए शासन ने हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी जीएडी के सर्कुलर के विपरीत उनके खिलाफ अपने घर के कार्यक्रम में सम्मिलित होने के कारण विभागीय जांच शुरू कर दी और फिर उसी जांच का हवाला देकर उनके इस्तीफे को अस्वीकार कर दिया।
बांगरे ने आरोप लगाया कि उन्हें तरह-तरह से प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस तरीके से एक दलित महिला अधिकारी को बेवजह प्रताड़ित करने से संपूर्ण दलित समुदाय, आदिवासी समुदाय और सभी महिलाओं में आक्रोश है।
किस पार्टी से लड़ेंगी नहीं बताया
निशा बांगरे ने वीडियो संदेश में कहा कि वह आगामी विधानसभा चुनाव लड़ने वाली हैं। हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि वह किस पार्टी से चुनाव लड़ेंगी या निर्दलीय चुनाव मैदान में उतरेंगी।
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बांगरे ने कहा कि दुनिया की कोई भी ताकत उन्हें चुनाव लड़ने से नहीं रोक सकती। यदि दुर्भावना पूर्ण कार्रवाई द्वारा उन्हें चुनाव लड़ने से रोका जाता है या उन्हें परेशान करने की नीयत से उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया जाता है तो वह आमरण अनशन करके अपने प्राण त्याग देंगी, लेकिन अपने अधिकारों से समझौता करके जीना पसंद नहीं करेंगी।
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पूर्व डिप्टी कलेक्टर निशा बांगरे का बड़ा एलान, बोली मुझे चुनाव लडने से कोई ताकत नही रोक सकती। pic.twitter.com/1xeGfqmg1n
विज्ञापन विज्ञापन— Anand Pawar (@andpwr9262) September 21, 2023
सरकार पर लगाया परेशान करने का आरोप
बांगरे ने आरोप लगाया कि उन्हें सरकार द्वारा परेशान किया जा रहा है। बांगरे ने कहा कि किस तरीके से उन्हें अपने ही घर के उद्घाटन कार्यक्रम में आयोजित सर्वधर्म प्रार्थना में जाने से तथा भगवान बुद्ध की अस्थियों के दर्शन करने से शासन के पत्र द्वारा रोका गया और जब इससे आहत होकर उन्होंने इस्तीफा दिया तो उन्हें तरह तरह से परेशान किया जा रहा है। इस्तीफा इसलिए दिया था ताकि वह अपने घर पर आयोजित कार्यक्रम में सम्मिलित हो सके। इसीलिए इस्तीफा देने के बाद ही वह कार्यक्रम में सम्मिलित हुईं। इसके बावजूद शासन के द्वारा पिछली तारीख में उन्हें नोटिस जारी किए गए। एक महीने तक उनके इस्तीफा पर कोई निर्णय नहीं लिया गया।
दलित महिला अधिकारी को परेशान करने से आक्रोश
निशा बांगरे ने कहा कि जब वह न्याय के लिए हाई कोर्ट की शरण में गई तो कोर्ट को भी गुमराह करते हुए शासन ने हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी जीएडी के सर्कुलर के विपरीत उनके खिलाफ अपने घर के कार्यक्रम में सम्मिलित होने के कारण विभागीय जांच शुरू कर दी और फिर उसी जांच का हवाला देकर उनके इस्तीफे को अस्वीकार कर दिया।
बांगरे ने आरोप लगाया कि उन्हें तरह-तरह से प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस तरीके से एक दलित महिला अधिकारी को बेवजह प्रताड़ित करने से संपूर्ण दलित समुदाय, आदिवासी समुदाय और सभी महिलाओं में आक्रोश है।
किस पार्टी से लड़ेंगी नहीं बताया
निशा बांगरे ने वीडियो संदेश में कहा कि वह आगामी विधानसभा चुनाव लड़ने वाली हैं। हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि वह किस पार्टी से चुनाव लड़ेंगी या निर्दलीय चुनाव मैदान में उतरेंगी।
