MP Politics: तीन साल में ज्योतिरादित्य ने राहुल पर पहली बार किया राजनीतिक हमला, क्या यह कोई नया संकेत है?
मध्यप्रदेश के विधानसभा चुनाव नवंबर-दिसंबर में होंगे। उससे पहले राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। तीन साल में पहली बार ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को घेरा। इसे भी राजनीतिक संकेतों की तरह देखा जा रहा है।
विस्तार
दरअसल, ज्योतिरादित्य सिंधिया 10 मार्च 2020 को भाजपा में शामिल हुए थे। तब से उन्होंने राहुल गांधी से जुड़े सवालों पर जवाब तो दिए, लेकिन कभी भी सीधे-सीधे हमला नहीं बोला। फिर अचानक दो दिन पहले दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई। पत्रकारों के सामने कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी न्यायपालिका पर दबाव बना रही है। व्यक्तिगत कानूनी लड़ाई को लोकतंत्र की लड़ाई के रूप में बता रहे हैं। यह ठीक नहीं है। यह स्वार्थ की लड़ाई है। इससे पहले भी संसद सदस्यों को सदस्यता से बर्खास्त किया गया है। इस बार इतना हंगामा क्यों किया जा रहा है?
कविताएँ कम और इतिहास ज़्यादा पढ़ें।
“Thus they (Marathas) had practically inherited the Delhi Empire.The Marathas remained to challenge British supremacy.But the Maratha power went to pieces after the death of Mahadji Scindia”विज्ञापन विज्ञापन
- Nehru in his book ‘Glimpses of World History’
1/3 https://t.co/AI2J8kr13H — Jyotiraditya M. Scindia (@JM_Scindia) April 5, 2023
दिग्विजय ने फिर बताया सिंधिया को गद्दार
राहुल पर इस हमले के बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया के खिलाफ कांग्रेस भी हमलावर हो गई है। पहले तो कांग्रेस मीडिया विभाग के प्रमुख जयराम रमेश ने सुभद्रा कुमारी चौहान की कविता ट्वीट की और लिखा कि अंग्रेजों के मित्र सिंधिया ने छोड़ी राजधानी थी, .... इस पर पलटवार करते हुए सिंधिया ने लिखा कि कविता कम और इतिहास ज्यादा पढ़ें। उन्होंने मराठा इतिहास की याद भी दिलाई। इस लड़ाई में अब पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह भी कूद पड़े हैं। उन्होंने ट्वीट किया कि गुलाम नबी आज़ाद व ज्योतिरादित्य सिंधिया कांग्रेस में रहकर सारे पद पाकर सत्ता सुख भोगकर अब कांग्रेस की आलोचना कर रहे हैं। राहुल जी के प्रति आपत्तिजनक भाषा का उपयोग कर रहे हैं। इन्हें गद्दार ना कहें तो क्या कहें?
मुंह में राम बगल में छुरी! आपके ऐसे वक्तव्य साफ दर्शाते है कि कितनी मर्यादा व विचारधारा कांग्रेस में बची है । वैसे भी आप केवल स्वयं के प्रति समर्पित हैं; इसी से आपकी राजनीति जीवित है। मैं और मेरा परिवार हमेशा जनता के प्रति जवाबदेह रहें है। https://t.co/57bNHdMlag
— Jyotiraditya M. Scindia (@JM_Scindia) April 5, 2023
कांग्रेस के हमलों से मिलेगी सिंधिया को ताकत
दरअसल, कांग्रेस जितना हमलावर होगी, उतनी ही ताकत सिंधिया को मिलेगी। 2018 के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस ने ग्वालियर-चंबल में सिंधिया के चेहरे पर ही पार्टी ने 34 में से 26 सीटें जीतकर सरकार बनाई थी। इस वजह से भाजपा इस इलाके में सिंधिया का चेहरा दिखाकर ही अपनी ताकत बढ़ाएगी। यह भाजपा के उन नेताओं को संकेत भी है जो सिंधिया और उनके समर्थकों के आने के बाद से असहज महसूस कर रहे थे। उन्हें भी संदेश पहुंचा दिया गया है कि वह सिंधिया और उनके समर्थकों के साथ काम करना स्वीकार कर लें।
कभी 1857 के वीर शहीद तात्या टोपे के वंशज पराग टोपे की ख़ुद की लिखी किताब ‘Operation Red Lotus’ पढ़िए; ज्ञात हो जाएगा कि किस प्रकार हम मराठे - सिंधिया, पेशवा और झाँसी के नेवालकर अंग्रेजों के विरुद्ध एक साथ थे।
मराठा आज भी एक हैं। कृपया यह “विभाजनकारी” राजनीति बंद करें। https://t.co/fzB84soMLv — Jyotiraditya M. Scindia (@JM_Scindia) April 6, 2023
यह है भाजपा की रणनीति
एक समय सिंधिया को गांधी परिवार और राहुल का बेहद करीबी माना जाता था। राहुल को कमजोर करने के लिए ऐसे नेताओं को आगे करना जरूरी है, जो कभी उनके साथ थे। भोपाल के वरिष्ठ पत्रकार प्रभु पटेरिया का कहना है कि राहुल गांधी ने विदेश में भाजपा और मोदी सरकार पर हमले किए। इससे भाजपा को पलटवार करने का मौका मिल गया। पहले भाजपा ने अपने प्रवक्ताओं को उतारा। दूसरे राउंड में उन नेताओं को आगे किया है जो कांग्रेस से भाजपा में आए हैं। सिंधिया एक समय राहुल के करीबी रहे हैं। सिंधिया के बोलने का असर देशभर में होगा। यह भाजपा की रणनीति है। मध्यप्रदेश के विधानसभा चुनावों में भी सिंधिया को महती जिम्मेदारी दी जा सकती है।
गुलाम नबी आज़ाद व ज्योतिरादित्य सिंधिया कांग्रेस में रह कर सारे पद पा कर सत्ता सुख भोग कर अब कॉंग्रेस की आलोचना कर रहे हैं। राहुल जी @RahulGandhi के प्रति आपत्तिजनक भाषा का उपयोग कर रहे हैं।
— digvijaya singh (@digvijaya_28) April 6, 2023
इन्हें ग़द्दार ना कहें तो क्या कहें?
@INCIndia https://t.co/zcaqvsid3y
ज्योतिरादित्य ने दिया गोविंद सिंह को जवाब
कांग्रेस नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह ने दो दिन पहले कहा था कि भाजपा के लिए सिंधिया ने काफी कुछ किया है। उन्हें मुख्यमंत्री बना देना चाहिए। इससे जुड़े सवाल पर सिंधिया ने ग्वालियर में कहा कि सिंधिया परिवार को जो लोग करीब से जानते हैं, फिर चाहे वो कांग्रेस के हों या बीजेपी के, उन्हें पता है कि हमारी मंशा एक सेवक के रूप में जनता की सेवा और विकास करने की रही है। मेरी दादी साहब और पूजनीय पिताजी ने भी इसी मंशा के साथ काम किया। मैं भी इसी पिछले बीस बरसों से काम कर रहा हूं। जनता के आशीर्वाद से जीवन की आखिरी सांस तक इस सेवा को जारी रखने की कोशिश करूंगा।
