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MP News: पुलिस भर्ती में होगा रामचरितमानस का पाठ, एडीजी बोले- अनुशासन और चरित्र निर्माण जरूरी
Thu, 24 Jul 2025 10:08 AM IST
आशुतोष प्रताप सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आशुतोष प्रताप सिंह
Updated Thu, 24 Jul 2025 10:08 AM IST
सार
मध्य प्रदेश पुलिस ने नए आरक्षकों के प्रशिक्षण के दौरान नैतिक मूल्यों, आत्मानुशासन और सेवा भावना को बढ़ावा देने के लिए एक अनोखी पहल की है। अब 4,000 नए आरक्षकों को 9 माह की ट्रेनिंग के दौरान हर रात रामचरितमानस का पाठ करना होगा।
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पुलिस प्रशिक्षण के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ADG) राजा बाबू सिंह
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मध्य प्रदेश पुलिस विभाग ने नव नियुक्त आरक्षकों के चरित्र निर्माण और नैतिक विकास के लिए एक नई पहल शुरू की है। अब प्रशिक्षण के दौरान नए आरक्षकों को हर रात सोने से पहले रामचरितमानस का पाठ करना अनिवार्य होगा। इस पहल का उद्देश्य युवाओं में नैतिक मूल्यों, आत्मानुशासन और सेवा भावना को बढ़ावा देना है।
पुलिस प्रशिक्षण के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ADG) राजा बाबू सिंह ने बताया कि प्रदेश के आठ प्रशिक्षण केंद्रों में करीब 4,000 नए आरक्षकों की नौ माह की प्रशिक्षण प्रक्रिया शुरू की गई है। इसके साथ ही, पुलिस बल को नई तकनीकों के अनुरूप प्रशिक्षित करने के लिए ई कॉप नामक विशेष कोर्स भी तैयार किया गया है, जो नए आपराधिक कानूनों के अनुरूप डिज़ाइन किया गया है।
एडीजी सिंह ने बताया कि उन्होंने सभी जिला पुलिस अधीक्षकों (SPs) से आग्रह किया है कि वे नए प्रशिक्षणार्थियों को रामचरितमानस के पाठ के लिए प्रेरित करें और भगवान श्रीराम के जीवन आदर्शों से सीखने को कहें। उन्होंने कहा, “भगवान राम का वनवास, उनका संघर्ष और मर्यादा पुरुषोत्तम जीवन हमारे जवानों के लिए अनुकरणीय है। यह उन्हें न केवल एक बेहतर पुलिसकर्मी बनाएगा, बल्कि बेहतर नागरिक भी।”
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सिंह ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रशिक्षण केंद्रों में बदलाव की बजाय, फोकस प्रेरणा, आध्यात्मिकता और कर्तव्यपरायणता पर होना चाहिए। उन्होंने इस पहल को पुलिस बल में सांस्कृतिक और नैतिक मूल्यों के समावेश की दिशा में एक सकारात्मक कदम बताया। इस निर्णय को लेकर पुलिस विभाग में इसे आधुनिक प्रशिक्षण और पारंपरिक मूल्यों के संतुलन की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है
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पुलिस प्रशिक्षण के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ADG) राजा बाबू सिंह ने बताया कि प्रदेश के आठ प्रशिक्षण केंद्रों में करीब 4,000 नए आरक्षकों की नौ माह की प्रशिक्षण प्रक्रिया शुरू की गई है। इसके साथ ही, पुलिस बल को नई तकनीकों के अनुरूप प्रशिक्षित करने के लिए ई कॉप नामक विशेष कोर्स भी तैयार किया गया है, जो नए आपराधिक कानूनों के अनुरूप डिज़ाइन किया गया है।
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#WATCH | Bhopal | Madhya Pradesh police recruits to recite Ramcharitmanas every night before sleeping for moral values and discipline
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Madhya Pradesh Training ADG Raja Babu Singh says, "There are 8 training centres in Madhya Pradesh police and they have started the 9-month… pic.twitter.com/7kVuJFTJNe— ANI (@ANI) July 24, 2025
एडीजी सिंह ने बताया कि उन्होंने सभी जिला पुलिस अधीक्षकों (SPs) से आग्रह किया है कि वे नए प्रशिक्षणार्थियों को रामचरितमानस के पाठ के लिए प्रेरित करें और भगवान श्रीराम के जीवन आदर्शों से सीखने को कहें। उन्होंने कहा, “भगवान राम का वनवास, उनका संघर्ष और मर्यादा पुरुषोत्तम जीवन हमारे जवानों के लिए अनुकरणीय है। यह उन्हें न केवल एक बेहतर पुलिसकर्मी बनाएगा, बल्कि बेहतर नागरिक भी।”
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सिंह ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रशिक्षण केंद्रों में बदलाव की बजाय, फोकस प्रेरणा, आध्यात्मिकता और कर्तव्यपरायणता पर होना चाहिए। उन्होंने इस पहल को पुलिस बल में सांस्कृतिक और नैतिक मूल्यों के समावेश की दिशा में एक सकारात्मक कदम बताया। इस निर्णय को लेकर पुलिस विभाग में इसे आधुनिक प्रशिक्षण और पारंपरिक मूल्यों के संतुलन की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है
