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MP: भोपाल @ 2047 के विकास की प्लानिंग, सीएम का मेट्रोपॉलिटन एरिया और झुग्गी मुक्त राजधानी बनाने पर फोकस
Mon, 28 Apr 2025 10:09 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Mon, 28 Apr 2025 10:09 PM IST
सार
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भोपाल के समृद्ध अतीत को शहर की प्लानिंग का भाग बनाते हुए भोजपुर जाने वाले मार्ग पर राजभोज की स्मृति में तथा उज्जैन की ओर जाने वाले मार्ग पर सम्राट विक्रमादित्य को समर्पित द्वार निर्मित होगा। शीघ्र ही इन दोनों द्वारों के निर्माण कार्यों का भूमि-पूजन किया जाएगा।
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सीएम डॉ. मोहन यादव बैठक लेते हुए
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को मंत्रालय में भोपाल जिले के विकास कार्यों की समीक्षा की। बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि विरासत के संरक्षण के साथ भोपाल के विकास का समुचित नियोजन किया जाए। भोपाल के समृद्ध अतीत को शहर की प्लानिंग का भाग बनाते हुए भोजपुर जाने वाले मार्ग पर राजभोज की स्मृति में तथा उज्जैन की ओर जाने वाले मार्ग पर सम्राट विक्रमादित्य को समर्पित द्वार निर्मित होगा। शीघ्र ही इन दोनों द्वारों के निर्माण कार्यों का भूमि-पूजन किया जाएगा। प्रदेश के विभिन्न अंचलों की झलक राजधानी में अभिव्यक्त हो, इस दृष्टि से भोपाल @2047 के विकास के बारे में विचार करना आवश्यक है। इसके साथ ही भोपाल को मेट्रोपॉलिटन एरिया के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से पश्चिम में आगरा-मुंबई रोड और विदिशा, रायसेन व सीहोर तक आवागमन का नेटवर्क विकसित करते हुए कार्य योजना बनाई जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट ने भोपाल को उद्योग-व्यापार के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में स्थापित किया है। एजुकेशन, मेडिकल, टूरिज्म, इंडस्ट्री आदि के क्षेत्र में गतिविधियों का लगातार विस्तार हो रहा है। भोपाल में आवागमन के लिए सड़क परिवहन के साधनों तथा मैट्रो सुविधा का परस्पर लिंकेज स्थापित करते हुए समग्रता में प्लान क्रियान्वित किया जाए। बहुउद्देशीय उपयोग सुनिश्चित करते हुए परिवहन अधोसंरचना का निर्माण हो। मार्गों की प्लानिंग में जन-प्रतिनिधियों के सुझावों को अवश्य शामिल किया जाए। शहर के नियोजन में सैटेलाइट सर्वे का उपयोग सुनिश्चित करते हुए अवैध बसाहटों के निर्माण पर भी नजर रखी जाए। स्वीकृत कालोनियों में सीसीटीवी कैमरा लगाना अनिवार्य किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोपाल शहर में ऊंचे भवनों के निर्माण की अनुमति के संबंध में कहा कि इस संबंध में जो नियम प्रदेश में लागू हैं, भोपाल में भी उनका क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शहर को झुग्गी मुक्त बनाने के उद्देश्य से विकसित आवासीय सुविधाएं किराए पर नहीं जाएं, यह सुनिश्चित करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि अवैध कॉलोनियों और झुग्गियों के निर्माण के संबंध में सतर्क रहें, संबंधित क्षेत्र में इस प्रकार की गतिविधियां होने पर उस क्षेत्र के राजस्व और नगर निगम अधिकारी सीधे जिम्मेदार होंगे। मुख्यमंत्री ने भोपाल के सभी शासकीय भवनों पर प्राथमिकता से सोलर पैनल लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस उद्देश्य से कार्य किया जाए कि सौर ऊर्जा के उपयोग में राजधानी भोपाल, देश के सामने एक आदर्श प्रस्तुत करें। मुख्यमंत्री ने भोपाल जिले में असामाजिक तत्वों पर नियंत्रण करते हुए प्रभावी पुलिस व्यवस्था स्थापित करने और बेहतर यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करते हुए स्मार्ट पुलिसिंग का उदाहरण प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए।
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बैठक में जानकारी दी गई कि भोपाल में एम्स से करोंद चौराहा और भदभदा चौराहा से रत्नागिरी तिराहा मार्ग के दो कॉरीडोर पर मेट्रो कार्य प्रगति पर है। बीएचईएल की भूमि का उपयोग 50-50 मॉडल पर शहर के विकास तथा बीएचईएल के हित में करने के संबंध में भारत सरकार के भारी उद्योग मंत्रालय तथा प्रदेश के नगरीय प्रशासन विभाग के मध्य सैद्धांतिक सहमति हुई है। बैठक में बताया गया कि अचारपुरा क्षेत्र में उद्योगों की निरंतर मांग के दृष्टिगत ग्राम हज्जामपुरा की 31.21 हेक्टयर भूमि पर 32.29 करोड़ रुपये की लागत से औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जा रहा है। इसी प्रकार कोलार क्षेत्र के ग्राम सतगढ़ी में 69.91 हेक्टयर भूमि पर रेडीमेड गारमेंट होजियरी पार्क विकसित करने की योजना है।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट ने भोपाल को उद्योग-व्यापार के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में स्थापित किया है। एजुकेशन, मेडिकल, टूरिज्म, इंडस्ट्री आदि के क्षेत्र में गतिविधियों का लगातार विस्तार हो रहा है। भोपाल में आवागमन के लिए सड़क परिवहन के साधनों तथा मैट्रो सुविधा का परस्पर लिंकेज स्थापित करते हुए समग्रता में प्लान क्रियान्वित किया जाए। बहुउद्देशीय उपयोग सुनिश्चित करते हुए परिवहन अधोसंरचना का निर्माण हो। मार्गों की प्लानिंग में जन-प्रतिनिधियों के सुझावों को अवश्य शामिल किया जाए। शहर के नियोजन में सैटेलाइट सर्वे का उपयोग सुनिश्चित करते हुए अवैध बसाहटों के निर्माण पर भी नजर रखी जाए। स्वीकृत कालोनियों में सीसीटीवी कैमरा लगाना अनिवार्य किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोपाल शहर में ऊंचे भवनों के निर्माण की अनुमति के संबंध में कहा कि इस संबंध में जो नियम प्रदेश में लागू हैं, भोपाल में भी उनका क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि शहर को झुग्गी मुक्त बनाने के उद्देश्य से विकसित आवासीय सुविधाएं किराए पर नहीं जाएं, यह सुनिश्चित करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि अवैध कॉलोनियों और झुग्गियों के निर्माण के संबंध में सतर्क रहें, संबंधित क्षेत्र में इस प्रकार की गतिविधियां होने पर उस क्षेत्र के राजस्व और नगर निगम अधिकारी सीधे जिम्मेदार होंगे। मुख्यमंत्री ने भोपाल के सभी शासकीय भवनों पर प्राथमिकता से सोलर पैनल लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस उद्देश्य से कार्य किया जाए कि सौर ऊर्जा के उपयोग में राजधानी भोपाल, देश के सामने एक आदर्श प्रस्तुत करें। मुख्यमंत्री ने भोपाल जिले में असामाजिक तत्वों पर नियंत्रण करते हुए प्रभावी पुलिस व्यवस्था स्थापित करने और बेहतर यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करते हुए स्मार्ट पुलिसिंग का उदाहरण प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए।
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बैठक में जानकारी दी गई कि भोपाल में एम्स से करोंद चौराहा और भदभदा चौराहा से रत्नागिरी तिराहा मार्ग के दो कॉरीडोर पर मेट्रो कार्य प्रगति पर है। बीएचईएल की भूमि का उपयोग 50-50 मॉडल पर शहर के विकास तथा बीएचईएल के हित में करने के संबंध में भारत सरकार के भारी उद्योग मंत्रालय तथा प्रदेश के नगरीय प्रशासन विभाग के मध्य सैद्धांतिक सहमति हुई है। बैठक में बताया गया कि अचारपुरा क्षेत्र में उद्योगों की निरंतर मांग के दृष्टिगत ग्राम हज्जामपुरा की 31.21 हेक्टयर भूमि पर 32.29 करोड़ रुपये की लागत से औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जा रहा है। इसी प्रकार कोलार क्षेत्र के ग्राम सतगढ़ी में 69.91 हेक्टयर भूमि पर रेडीमेड गारमेंट होजियरी पार्क विकसित करने की योजना है।
