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MP News: वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन ने निरस्त किया मेहरा का टेंडर, नए सिरे से जारी हुई निविदा
Sat, 25 Oct 2025 12:52 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Sat, 25 Oct 2025 12:52 PM IST
सार
मध्य प्रदेश वेयरहाउसिंग एंड लॉजिस्टिक्स कॉरपोरेशन ने भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद पूर्व संविदा मुख्य अभियंता जी.पी. मेहरा के टेंडर को रद्द कर नई निविदा जारी की। यह कदम पारदर्शिता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।
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एमपी वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मध्य प्रदेश वेयरहाउसिंग एंड लॉजिस्टिक्स कॉरपोरेशन ने अपने पूर्व संविदा मुख्य अभियंता जी.पी. मेहरा द्वारा तैयार किए गए टेंडर को रद्द कर दिया है। अब उसी कार्य के लिए नई निविदा जारी की है। बता दें अमर उजाला ने 20 सितंबर 2025 को MPWLC का फर्जीवाड़ा, करोड़ों का टेंडर चहेते को देने बदल दिए नियम, जानें अधिकारी कैसे कर रहे घपला, शीर्षक से खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इस टेंडर में बड़ी गड़बडियां सामने आई थीं।
ये भी पढ़ें- MPWLC का फर्जीवाड़ा, करोड़ों का टेंडर चहेते को देने बदल दिए नियम, जानें अधिकारी कैसे कर रहे घपला
इसके बाद ही 9 अक्टूबर को मप्र लोकायुक्त संगठन की विशेष पुलिस स्थापना ने जी.पी. मेहरा के निवास पर छापा मारा था। इस कार्रवाई के बाद कॉरपोरेशन ने मेहरा की संविदा नियुक्ति तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी थी। मेहरा ने संविदा पर मुख्य अभियंता का कार्यभार संभालते ही कॉर्पाेरशन ने जुलाई 2025 में प्रदेश में अपने करीब 275 के आसपास वेयरहाउस के परिसरों में सड़क, साइनज, रोड सेफ्टी और रेट्रो-रिफ्लेक्टिव शीट लगाने जैसे कामों के लिए टेंडर बुलाए गए। यह टेंडर तीन साल तक संबंधित कार्य के रेट कॉन्ट्रेक्ट के लिए थे। टेंडर में पहली शर्त यह रखी गई कि फर्म मध्य प्रदेश पीडब्ल्यूडी में पंजीकृत होना चाहिए। जिम्मेदारों ने इस शर्त को पूरा नहीं करने वाली फर्मों को क्वालिफाई कर दिया।
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ये भी पढ़ें- MP News: करणी सेना करेगी ‘EWS क्रांति’ का आगाज, 26 अक्टूबर को उज्जैन से उठेगी समान अधिकारों की आवाज
शिकायत के बाद भी काम देने की पूरी तैयारी
जानकारी के अनुसार, मेहरा ने टेंडर प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी करते हुए तीन निजी फर्मों अवेन्यू ग्राफिक्स प्रा.लि. (मुंबई), सत्यम ग्राफिक्स (नागपुर) और अबुल फैज (आजमगढ़) को क्वालिफाई कर तीन वर्ष के लिए पैनल में शामिल कर लिया था। इस मामले में कॉरपोरेशन और विभाग को शिकायत की गई। इस प्रक्रिया पर सवाल उठने के बाद, और मामले के उजागर होने पर, कॉरपोरेशन ने यह टेंडर पूरी तरह रद्द करने का निर्णय लिया। अब कॉरपोरेशन ने नए सिरे से वेयरहाउस परिसरों में सड़क, साइनज, रोड सेफ्टी और रेट्रो-रिफ्लेक्टिव शीट लगाने के लिए नई निविदा जारी की है। अधिकारियों का कहना है कि यह निर्णय संस्था की पारदर्शिता और विश्वसनीयता को बनाए रखने के लिए लिया गया है।
लोकायुक्त के छापे में मिले करोड़ों की अवैध संपत्ति
लोकायुक्त ने 9 अक्टूबर को जीपी मेहरा के चार ठिकानों पर छापा मारा। इसमें भोपाल के मणीपुरम कॉलोनी में ए-6 स्थित निवास, ओपल रेजेंसी, दाना पानी फ्लैट नंबर 508, गोविंदपुरा इंडस्ट्री एरिया में के.टी. इंडस्ट्रीज, और नर्मदापुरम जिले के सोहागपुर तहसील के ग्राम सैनी शामिल है। छापे में मेहरा के ठिकानों से 36 लाख रुपए केस, 3 किलो सोना समेत करोड़ों रुपए की संपत्ति मिली है। नर्मदापुरम स्थित फार्म हाउस पर 17 टन शहद भी मिला।
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इसके बाद ही 9 अक्टूबर को मप्र लोकायुक्त संगठन की विशेष पुलिस स्थापना ने जी.पी. मेहरा के निवास पर छापा मारा था। इस कार्रवाई के बाद कॉरपोरेशन ने मेहरा की संविदा नियुक्ति तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी थी। मेहरा ने संविदा पर मुख्य अभियंता का कार्यभार संभालते ही कॉर्पाेरशन ने जुलाई 2025 में प्रदेश में अपने करीब 275 के आसपास वेयरहाउस के परिसरों में सड़क, साइनज, रोड सेफ्टी और रेट्रो-रिफ्लेक्टिव शीट लगाने जैसे कामों के लिए टेंडर बुलाए गए। यह टेंडर तीन साल तक संबंधित कार्य के रेट कॉन्ट्रेक्ट के लिए थे। टेंडर में पहली शर्त यह रखी गई कि फर्म मध्य प्रदेश पीडब्ल्यूडी में पंजीकृत होना चाहिए। जिम्मेदारों ने इस शर्त को पूरा नहीं करने वाली फर्मों को क्वालिफाई कर दिया।
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शिकायत के बाद भी काम देने की पूरी तैयारी
जानकारी के अनुसार, मेहरा ने टेंडर प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी करते हुए तीन निजी फर्मों अवेन्यू ग्राफिक्स प्रा.लि. (मुंबई), सत्यम ग्राफिक्स (नागपुर) और अबुल फैज (आजमगढ़) को क्वालिफाई कर तीन वर्ष के लिए पैनल में शामिल कर लिया था। इस मामले में कॉरपोरेशन और विभाग को शिकायत की गई। इस प्रक्रिया पर सवाल उठने के बाद, और मामले के उजागर होने पर, कॉरपोरेशन ने यह टेंडर पूरी तरह रद्द करने का निर्णय लिया। अब कॉरपोरेशन ने नए सिरे से वेयरहाउस परिसरों में सड़क, साइनज, रोड सेफ्टी और रेट्रो-रिफ्लेक्टिव शीट लगाने के लिए नई निविदा जारी की है। अधिकारियों का कहना है कि यह निर्णय संस्था की पारदर्शिता और विश्वसनीयता को बनाए रखने के लिए लिया गया है।
लोकायुक्त के छापे में मिले करोड़ों की अवैध संपत्ति
लोकायुक्त ने 9 अक्टूबर को जीपी मेहरा के चार ठिकानों पर छापा मारा। इसमें भोपाल के मणीपुरम कॉलोनी में ए-6 स्थित निवास, ओपल रेजेंसी, दाना पानी फ्लैट नंबर 508, गोविंदपुरा इंडस्ट्री एरिया में के.टी. इंडस्ट्रीज, और नर्मदापुरम जिले के सोहागपुर तहसील के ग्राम सैनी शामिल है। छापे में मेहरा के ठिकानों से 36 लाख रुपए केस, 3 किलो सोना समेत करोड़ों रुपए की संपत्ति मिली है। नर्मदापुरम स्थित फार्म हाउस पर 17 टन शहद भी मिला।
