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MP News: ब्राह्मण द ग्रेट के बाद अब IAS नियाज खान का नया नॉवेल 'वॉर अगेंस्ट कलियुग', परिकल्पना सनातन राज की

Thu, 01 Aug 2024 04:06 PM IST
आनंद पवार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: आनंद पवार Updated Thu, 01 Aug 2024 04:06 PM IST
सार

मध्य प्रदेश के IAS नियाज खान ने ब्राह्मण द ग्रेट का दूसरा हिस्सा 'वॉर अगेन्स्ट कलियुग: एक सनातन राष्ट्र की परिकल्पना' शीर्षक से नॉवेल आया है। उन्होंने सनातन का मुद्दा उठाते हुए देश में सनातनपति की जरूरत बताई है।

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MP News: Valentine’s Day and Cricket Banned, Love Criminalized in New Novel by Niyaz Khan
,एमपी आईएएस नियाज खान की बुक वॉर अगेंस्ट कलियुग - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मध्य प्रदेश के भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी नियाज खान ने चर्चित उपन्यास ब्राह्मण द ग्रेट का दूसरा अध्याय लिखा है। उपन्यास को नाम दिया है- "वॉर अगेन्स्ट कलियुग": एक सनातन राष्ट्र की परिकल्पना"। यह उनका दसवां उपन्यास है। सनातन संस्कृति को लेकर अपनी किताबों के लिए चर्चित आईएएस नियाज खान ने किताब में वैलेंटाइन डे को बैन करने के साथ ही बॉलीवुड को बंद करने की बात लिखी है। यह भी लिखा है कि पर्यटन को प्रतिबंधित कर दिया जाएगा क्योंकि यह प्रकृति को नुकसान पहुंचाया है। 

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नियाज खान के इस उपन्यास में ब्राह्मण शुभेन्द्र उर्फ जूनियर कौटिल्य की कहानी प्रस्तुत की गई है, जो भारत को एक सनातन राष्ट्र बनाना चाहते हैं। शुभेन्द्र का उद्देश्य एक ऐसा समाज स्थापित करना है, जहां जाति के स्थान पर कर्म आधारित वर्ण व्यवस्था लागू हो और ब्राह्मण शिक्षा, न्याय, और धार्मिक गतिविधियों में मुख्य भूमिका निभाएं। यह उपन्यास नियाज खान के पिछले उपन्यास "ब्राह्मण द ग्रेट" का दूसरा भाग है। "वॉर अगेन्स्ट कलियुग" एक काल्पनिक कथा है जो धार्मिक और सामाजिक नियमों का कड़ाई से पालन करने वाले समाज की परिकल्पना करती है। इस उपन्यास के माध्यम से नियाज खान एक ऐसे काल्पनिक समाज की परिकल्पना करते हैं, जो धार्मिक और सामाजिक नियमों का कड़ाई से पालन करता है।
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सनातन राष्ट्र की संरचना: प्रकृति के निकट जीवन 
उपन्यास में प्रस्तावित सनातन राष्ट्र में आधुनिक विकास को त्यागने की कल्पना की गई है। "विकास" शब्द पर प्रतिबंध होगा और जीवन को प्रकृति के निकट लाने का प्रयास किया जाएगा। इसके तहत मेट्रो रेल, हवाई अड्डे, फ्लाईओवर, राष्ट्रीय राजमार्ग, और शॉपिंग मॉल जैसी संरचनाओं को तोड़कर धरती मां को उसके मूल स्वरूप में लाने की योजना है। गाय को सबसे पवित्र पशु माना जाएगा और देश की मुद्रा पर उसका और उसके बछड़े का चित्र होगा।
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राजनीतिक और सामाजिक परिवर्तन: धर्मतंत्र की स्थापना 
सनातन राष्ट्र में लोकतंत्र और धर्म को मिलाकर "धर्मतंत्र" स्थापित किया जाएगा। सनातनपति प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, और सुप्रीम कोर्ट के सलाहकार होंगे, और संसद कानून बनाने के लिए उनसे सलाह लेगी। ब्राह्मणों को विशेष नागरिक का दर्जा दिया जाएगा और उन्हें धोती, खड़ाऊ, जनेऊ पहनना अनिवार्य होगा। पूंजीपतियों का धन छीनकर सभी सनातनियों में समान रूप से बांट दिया जाएगा, ताकि समानता लायी जा सके।


संस्कृति और सामाजिक नियम: पारंपरिक जीवनशैली की वापसी 
बॉलीवुड को बंद कर दिया जाएगा और फिल्मी कलाकारों का ब्राह्मण आचार्यों द्वारा शुद्धिकरण किया जाएगा, क्योंकि लेख के अनुसार बॉलीवुड हालीवुड की नकल करके नग्नता फैलाता है। पर्यटन को प्रतिबंधित कर दिया जाएगा, क्योंकि इससे धरती मां पर प्रदूषण फैलता है। अंग्रेजी शिक्षा और भाषा को समाप्त कर दिया जाएगा, और संस्कृत को ब्राह्मणों की भाषा के रूप में स्थापित किया जाएगा। प्रेम और मोहब्बत को अपराध घोषित किया जाएगा, क्योंकि इससे अपराध फैलता है। जन्मदिन, वेलेंटाइन्स-डे, और क्रिकेट को प्रतिबंधित कर दिया जाएगा और इसके स्थान पर कबड्डी और कुश्ती जैसे पारंपरिक खेलों को बढ़ावा दिया जाएगा।
 

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