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MP: कर्मभूमि से जन्मभूमि योजना के तहत व्यापारी कराएंगे बोरवेल,CM बोले-बूंद-बूंद जल बचाने का अभियान प्रशंसनीय
Thu, 05 Dec 2024 06:43 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Thu, 05 Dec 2024 06:43 PM IST
सार
मुख्यमंत्री नई दिल्ली में 'कर्मभूमि से जन्मभूमि' संबंधी त्रिपक्षीय बैठक में शामिल हुए। योजना में गुजरात में रहकर व्यापार करने वाले अन्य प्रदेशों के व्यापारियों द्वारा स्वयं के संसाधनों से अपने राज्यों में बोरवेल लगवाने का काम किया जा रहा है।
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सीएम मोहन यादव, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटील, राजस्थान केसीएम भजनलाल शर्मा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को श्रम शक्ति भवन नई दिल्ली में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के साथ 'कर्मभूमि से जन्मभूमि' कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन पर त्रिपक्षीय बैठक की। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्षा जल को संग्रहित कर भूगर्भ में जल भंडारण क्षमता के विकास के लिए चलाई जा रही 'कर्मभूमि से जन्मभूमि' योजना एक अभिनव पहल है। इस योजना में गुजरात में रहकर व्यापार करने वाले अन्य प्रदेशों के व्यापारियों द्वारा स्वयं के संसाधनों से अपने राज्यों में बोरवेल लगवाने का काम किया जा रहा है।
मध्य प्रदेश के सतना जिले में इस योजनांतर्गत कार्य आरंभ हो गया है। प्रसन्नता की बात है कि योजना में पूरे प्रदेश में 15 हजार बोरवेल लगाने का लक्ष्य है। शासकीय संसाधनों के बिना गुजरात में व्यापार करने वाले व्यापारियों की भागीदारी से चल रहा बूंद-बूंद जल बचाने का यह अभियान प्रशंसनीय है। योजना के क्रियान्वयन के लिए बैठक में जिला कलेक्टर को नोडल अधिकारी नियुक्त करने, गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध तरीके से योजना को पूरा करने और इसके क्रियान्वयन में आ रही बाधाओं को दूर करने के संबंध में विस्तृत चर्चा की गई। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री पाटिल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जलसंचय संकल्प को जन-आंदोलन बनाने के क्रम में 'कर्मभूमि से जन्मभूमि' कार्यक्रम की परिकल्पना की गई है। इसमें गुजरात में रह रहे मध्य प्रदेश, राजस्थान और बिहार के व्यवसायी अपनी जन्म भूमि में जल संचय के उद्देश्य से बोरवेल की व्यवस्था कर रहे हैं।
राजस्थान में सर्वाधिक 1.60 लाख बोरवेल होंगे
केंद्रीय मंत्री पाटिल ने बताया कि राजस्थान में एक लाख 60 हजार और मध्य प्रदेश में 15 हजार बोरवेल करवाए जाने हैं। बिहार के 10 जिलों में प्रत्येक गांव में 4 बोरवेल कराए जाने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने राज्यों के सहयोग से इस योजना के सफल क्रियान्वयन की आशा व्यक्त की।
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राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर सूरत के व्यापारियों द्वारा शुरू की गई यह योजना राजस्थान के सिरोही और जोधपुर जिलों में प्रारंभ हो चुकी हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि राजस्थान राज्य में वाटर रिचार्ज में सहयोग के लिए यह योजना वरदान साबित होगी।
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मध्य प्रदेश के सतना जिले में इस योजनांतर्गत कार्य आरंभ हो गया है। प्रसन्नता की बात है कि योजना में पूरे प्रदेश में 15 हजार बोरवेल लगाने का लक्ष्य है। शासकीय संसाधनों के बिना गुजरात में व्यापार करने वाले व्यापारियों की भागीदारी से चल रहा बूंद-बूंद जल बचाने का यह अभियान प्रशंसनीय है। योजना के क्रियान्वयन के लिए बैठक में जिला कलेक्टर को नोडल अधिकारी नियुक्त करने, गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध तरीके से योजना को पूरा करने और इसके क्रियान्वयन में आ रही बाधाओं को दूर करने के संबंध में विस्तृत चर्चा की गई। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री पाटिल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जलसंचय संकल्प को जन-आंदोलन बनाने के क्रम में 'कर्मभूमि से जन्मभूमि' कार्यक्रम की परिकल्पना की गई है। इसमें गुजरात में रह रहे मध्य प्रदेश, राजस्थान और बिहार के व्यवसायी अपनी जन्म भूमि में जल संचय के उद्देश्य से बोरवेल की व्यवस्था कर रहे हैं।
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राजस्थान में सर्वाधिक 1.60 लाख बोरवेल होंगे
केंद्रीय मंत्री पाटिल ने बताया कि राजस्थान में एक लाख 60 हजार और मध्य प्रदेश में 15 हजार बोरवेल करवाए जाने हैं। बिहार के 10 जिलों में प्रत्येक गांव में 4 बोरवेल कराए जाने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने राज्यों के सहयोग से इस योजना के सफल क्रियान्वयन की आशा व्यक्त की।
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राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर सूरत के व्यापारियों द्वारा शुरू की गई यह योजना राजस्थान के सिरोही और जोधपुर जिलों में प्रारंभ हो चुकी हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि राजस्थान राज्य में वाटर रिचार्ज में सहयोग के लिए यह योजना वरदान साबित होगी।
