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MP News: ब्राह्मण द ग्रेट पर भिड़े दो वरिष्ठ आईएएस अफसर, मार्टिन के मंशा पर सवाल उठाने पर नियाज ने दिया जवाब
Tue, 28 Mar 2023 08:34 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Tue, 28 Mar 2023 08:34 PM IST
सार
मध्यप्रदेश के दो आईएएस अफसर एक किताब को लेकर भिड़ गए हैं। एक ने दूसरे की लिखी किताब ब्राह्मण द ग्रेट पर सवाल उठाए हैं। जिसका जवाब किताब के लेखक और आईएएस नियाज खान ने दिया है।
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आईएएस नियाज खान और शैलबाला मार्टिन
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मध्यप्रदेश में दो आईएएस अफसर अपनी-अपनी विचारधारा को लेकर भिड़ गए हैं। एक आईएएस नियाज खान ने ब्राह्मण द ग्रेट लिखी है, जिसमें उन्होंने ऋषि-मुनियों को असली सुपरस्टार बताया है। इसे लेकर वरिष्ठ आईएएस अफसर शैलबाला मार्टिन ने उनकी मंशा पर सवाल उठाए हैं।
दरअसल, नियाज खान पिछले दिनों ब्राह्मण द ग्रेट लिखकर चर्चा में आए थे। उन्होंने ब्राह्मणों, संतों और ऋषि-मुनियों को असली सुपरस्टार बताया है। इसे लेकर सीनियर आईएएस अफसर शैलबाला मार्टिन ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि किसी एक जाति को सर्वश्रेष्ठ बताने का क्या वैज्ञानिक आधार है? क्या जाति के आधार पर किसी समूचे वर्ग को महान बताना भेदभावपूर्ण नहीं हैं?
इस पर नियाज खान ने अब जाकर जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि ब्राह्मण महान है और इसका लिखित डॉक्युमेंट मेरी किताब ब्राह्मण द ग्रेट है। मेरी वरिष्ठ अधिकारी किताब पढ़ लेती तो यह सबूत नहीं मांगती। मेरी किताब लंबे समय तक ब्राह्मणों के इतिहास पर रिसर्च करके लिखी है। जहां तक लोकतंत्र और समानता की बात है तो यह विचार एक श्वेत यूरोपियन ने दिया है। उसका नाम रूसो है। उन्हें लोकतंत्र का पितामह कहा जाता है। लोकतंत्र हमारे देश की खूबसूरती है। सच तो यह है कि यह विचारधारा हमारे देश की न होकर विदेशी है।
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उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में बराबरी का तात्पर्य यह होता है कि सबको आत्मसम्मान से जीने का अधिकार और विकास के अवसर मिलने चाहिए। इसका मतलब यह नहीं है कि इससे चार्ल्स डार्विन की थ्योरी- सर्वाइवल ऑफ द फिटेस्ट निरर्थक हो गई है। प्रकृति ने इस संसार में सबको बराबर नहीं बनाया है। इसी कारण से आज भी समाज में कुछ लोग शक्तिशाली और कुछ लोग कमजोर हैं।
खान का दावा- सनातन धर्म में मेरिट का सम्मान
नियाज खान ने यह भी दावा किया कि भारतीय सनातन धर्म में मेरिट का हमेशा सम्मान किया गया है। ब्राह्मण के उच्च ब्रेन पॉवर के कारण लगातार मार्गदर्शन की भूमिका में रहे। इनकी तुलना और किसी से नहीं की जा सकती। ब्राह्मण का सुपर ब्रेन, क्षत्रिय की शक्तिशाली भुजाओं ने हजारों साल तक भारतीय संस्कृति की रक्षा की है और धर्म का गौरव बढ़ाया है। मुझ पर आरोप लग रहे हैं लेकिन मैं बताना चाहता हूं कि मैं कोई पार्टी ज्वाइन नहीं कर रहा हूं। मैं एक लेखक हूं और अपने विचारों को जनता के सामने रखता रहूंगा।
कौन है आईएएस शैलबाला मार्टिन
शैलबाला मार्टिन राज्य प्रशासनिक सेवा की अधिकारी हैं। वे 2009 में आईएएस बनीं। वह अभी सामान्य प्रशासन विभाग में एडिशनल सेक्रेटरी हैं। वे निवाड़ी की कलेक्टर और बुरहानपुर नगर निगम की कमिश्नर रह चुकी हैं। मार्टिन पिछले दिनों एक वरिष्ठ पत्रकार से शादी कर चर्चा में आई थी।
नियाज खान ने ब्राह्माण द ग्रेट किताब
नियाज खान राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी है। वे 2015 में आईएएस बनें। वे पहल बार गैंगस्टर अबू सलेम पर किताब लिखकर चर्चा में आए थे। 2022 में कश्मीर फाइल्स फिल्म के विरोध के चलते सरकार के निशाने पर आए। खान ने हाल ही में ब्राह्माण द ग्रेट किताब लिखी है। इसमें ब्राह्माणों को महान बताया गया है। उनकी किताब का विमोचन हाल ही में उज्जैन किया गया।
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दरअसल, नियाज खान पिछले दिनों ब्राह्मण द ग्रेट लिखकर चर्चा में आए थे। उन्होंने ब्राह्मणों, संतों और ऋषि-मुनियों को असली सुपरस्टार बताया है। इसे लेकर सीनियर आईएएस अफसर शैलबाला मार्टिन ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि किसी एक जाति को सर्वश्रेष्ठ बताने का क्या वैज्ञानिक आधार है? क्या जाति के आधार पर किसी समूचे वर्ग को महान बताना भेदभावपूर्ण नहीं हैं?
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इस पर नियाज खान ने अब जाकर जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि ब्राह्मण महान है और इसका लिखित डॉक्युमेंट मेरी किताब ब्राह्मण द ग्रेट है। मेरी वरिष्ठ अधिकारी किताब पढ़ लेती तो यह सबूत नहीं मांगती। मेरी किताब लंबे समय तक ब्राह्मणों के इतिहास पर रिसर्च करके लिखी है। जहां तक लोकतंत्र और समानता की बात है तो यह विचार एक श्वेत यूरोपियन ने दिया है। उसका नाम रूसो है। उन्हें लोकतंत्र का पितामह कहा जाता है। लोकतंत्र हमारे देश की खूबसूरती है। सच तो यह है कि यह विचारधारा हमारे देश की न होकर विदेशी है।
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उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में बराबरी का तात्पर्य यह होता है कि सबको आत्मसम्मान से जीने का अधिकार और विकास के अवसर मिलने चाहिए। इसका मतलब यह नहीं है कि इससे चार्ल्स डार्विन की थ्योरी- सर्वाइवल ऑफ द फिटेस्ट निरर्थक हो गई है। प्रकृति ने इस संसार में सबको बराबर नहीं बनाया है। इसी कारण से आज भी समाज में कुछ लोग शक्तिशाली और कुछ लोग कमजोर हैं।
खान का दावा- सनातन धर्म में मेरिट का सम्मान
नियाज खान ने यह भी दावा किया कि भारतीय सनातन धर्म में मेरिट का हमेशा सम्मान किया गया है। ब्राह्मण के उच्च ब्रेन पॉवर के कारण लगातार मार्गदर्शन की भूमिका में रहे। इनकी तुलना और किसी से नहीं की जा सकती। ब्राह्मण का सुपर ब्रेन, क्षत्रिय की शक्तिशाली भुजाओं ने हजारों साल तक भारतीय संस्कृति की रक्षा की है और धर्म का गौरव बढ़ाया है। मुझ पर आरोप लग रहे हैं लेकिन मैं बताना चाहता हूं कि मैं कोई पार्टी ज्वाइन नहीं कर रहा हूं। मैं एक लेखक हूं और अपने विचारों को जनता के सामने रखता रहूंगा।
कौन है आईएएस शैलबाला मार्टिन
शैलबाला मार्टिन राज्य प्रशासनिक सेवा की अधिकारी हैं। वे 2009 में आईएएस बनीं। वह अभी सामान्य प्रशासन विभाग में एडिशनल सेक्रेटरी हैं। वे निवाड़ी की कलेक्टर और बुरहानपुर नगर निगम की कमिश्नर रह चुकी हैं। मार्टिन पिछले दिनों एक वरिष्ठ पत्रकार से शादी कर चर्चा में आई थी।
नियाज खान ने ब्राह्माण द ग्रेट किताब
नियाज खान राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी है। वे 2015 में आईएएस बनें। वे पहल बार गैंगस्टर अबू सलेम पर किताब लिखकर चर्चा में आए थे। 2022 में कश्मीर फाइल्स फिल्म के विरोध के चलते सरकार के निशाने पर आए। खान ने हाल ही में ब्राह्माण द ग्रेट किताब लिखी है। इसमें ब्राह्माणों को महान बताया गया है। उनकी किताब का विमोचन हाल ही में उज्जैन किया गया।
